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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand News: कोल्हान के जंगल में सुरक्षा बलों पर नक्सली हमला, झारखंड जगुआर के दो जवान हुए बलिदान

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Tue, 15 Aug 2023 07:58 AM (IST)Updated: Tue, 15 Aug 2023 01:27 PM (IST)

Jharkhand News in Hindi स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कोल्हान जंगल में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर हमला कर ...और पढ़ें

झारखंड में सुरक्षाबलों और नक्‍सलियों के बीच मुठभेड़।
झारखंड में सुरक्षाबलों और नक्‍सलियों के बीच मुठभेड़।

जागरण संवाददाता, चाईबासा। Jharkhand News in Hindi: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पश्चिमी सिंहभूम जिले के कोल्हान जंगल में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के दो जवान बलिदान हो गए हैं। यह मुठभेड़ सोमवार की देर शाम करीब 7:00 बजे टोंटो थाना अंतर्गत तुमबाहाका और सरजमबुरू के रास्ते में होने की बात कही जा रही है।

मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के दो जवान शहीद

मुठभेड़ के बाद पांच जवानों के लापता होने की बात भी सामने आ रही थी, मगर मुठभेड़ खत्म होने के बाद रात में करीब 12:00 बजे तीन जवान सुरक्षित बरामद कर लिए गए। जबकि झारखंड जगुआर के दो जवान मृत पाए गए।

इनमें से एक झारखंड जगुआर के एसआई हैं और दूसरे सिपाही हैं। शहीद जवान का नाम अमित तिवारी, सब इंस्पेक्टर (2012 बैच) और गौतम कुमार, हवलदार है। एसआई को मुठभेड़ में सात-आठ गोली लगी है, जबकि सिपाही को दो से तीन गोलियां लगी हैं।

शहीद एसआई पलामू के रहने वाले थे। तीन दिन पहले ही उन्‍हें बेटा हुआ था और वह नक्‍सल अभियान खत्‍म होने के बाद छुट्टी लेकर घर जाने की तैयारी कर रहे थे। जबकि सिपाही गौतम कुमार बिहार में आरा जिले के रहने वाले हैं। उनकी अनुकंपा पर बहाली हुई थी।

दोनों बलिदानी जवानों के शव चॉपर के माध्यम से रांची ले जाने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार, टोंटो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका से लेकर सरजमबुरु तक रास्ता क्लियर करने के लिए सीआरपीएफ और झारखंड जगुवार की टीमों की तैनाती इलाके में की गई है।

करीब एक घंटे तक चली मुठभेड़

सोमवार को यह टीम में रास्ता क्लियर करने का काम कर रही थी। इसी क्रम में रात करीब 7 बजे पहले से घात लगाकर बैठे एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

जवान अपने आप को बचाने के लिए जंगलों की आड़ में छुप गए। कुछ जवानों ने भी अपनी पोजीशन लेते हुए जवाबी फायरिंग की। करीब एक घंटे चली मुठभेड़ के बाद नक्सली मौके से भाग निकले। इस बीच 5 जवान नहीं मिल रहे थे। मोबाइल नेटवर्क नहीं होने की वजह से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था।

11 अगस्‍त को मिसिर बेसरा के दस्‍ते के साथ हुई थी मुठभेड़

देर रात सीआरपीएफ के अन्य कैंप से अतिरिक्त फोर्स मुठभेड़ स्थल भेजी गई। इसके बाद रात में ही पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। ऑपरेशन के दौरान झारखंड जगुआर के दो जवानों का शव जंगल में बरामद हुआ। तीन जवान सुरक्षित मिल गए।

मालूम हो कि 11 अगस्त को इसी इलाके में एक करोड़ की इनामी नक्सली मिसिर बेसरा दस्ते के साथ मुठभेड़ हुई थी। इसमें एक जवान सुशांत कुमार बलिदान हो गए थे। इसके साथ ही पुलिस ने इस इलाके में नक्सलियों के 11 बंकर ध्वस्त कर दिए थे। मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना पर शोक जताते हुए भारत मां के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी है।