अस्पताल जाने के बजाय कराया झाड़फूंक: पहाड़डीहा गांव में 2 मासूमों की जान गई
पश्चिमी सिंहभूम के पहाड़डीहा गांव में बीमारी और अंधविश्वास के कारण दो बच्चियों, लता किस्कू और दीपिका मुर्मू की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में ...और पढ़ें

अंधविश्वास के चक्कर में लता की मौत सोमवार तड़के 4 बजे, जबकि दीपिका की मौत बीती रात हुई।
HighLights
परिजनों ने अस्पताल जाने के बजाय झाड़फूंक का सहारा लिया।
स्वास्थ्य विभाग ने 7 गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया।
गांव में पहुंचा स्वास्थ्य विभाग, 7 गंभीर मरीज भर्ती
पहाड़डीहा गांव में दो बच्चियों की लगातार हुई मौत की खबर फैलते ही स्वास्थ्य प्रशासन में हड़कंप मच गया। मंगलवार को मनोहरपुर और गोइलकेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर विशेष हेल्थ कैंप लगाया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों की जांच की और ब्लड सैंपल लिए। कैंप में जांच के दौरान कई लोग बीमार और मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए 7 गंभीर मरीजों को मनोहरपुर सीएचसी में ले जाकर भर्ती कराया गया।
अस्पताल में भर्ती कराए गए मरीज:
- अरनेश किस्कू (48 वर्ष) - मृतका लता के पिता
- इशाक किस्कू (15 वर्ष) - मृतका लता का भाई
- तुरतेन किस्कू (14 वर्ष) - मृतका लता का भाई
- आशीष किस्कू (17 वर्ष) - मृतका लता का भा
- सिरमौती मुर्मू (10 वर्ष) - मृतका दीपिका की बड़ी बहन
- सुखदेव सोरेन (55 वर्ष) - ग्रामीण
- सुशीला किस्कू (68 वर्ष) - ग्रामीण
पहाड़डीहा में जान गंवाने वाली दोनों बच्चियां पीलिया से पीड़ित थीं। एक बच्ची का इलाज गांव के ही लोकल डॉक्टर से कराया जा रहा था, जबकि दूसरी का परिजन झाड़-फूंक करा रहे थे। सही समय पर उपचार न मिलने से यह दुखद घटना हुई। मृत बच्चियां मलेरिया से ग्रस्त नहीं थीं।
डॉ. जयश्री किरण, सीएचसी प्रभारी, गोइलकेरा।
मनोहरपुर सीएचसी में इलाज के लिए पहाड़डीहा से आए 9 लोगों में 7 मरीज और 2 उनके अटेंडेंट हैं। सभी का रक्त परीक्षण किया गया, जिनमें से 5 लोगों में मलेरिया के लक्षण पाए गए हैं। बुधवार को सभी का स्लाइड के जरिए भी परीक्षण किया जाएगा। फिलहाल सभी मरीजों का इलाज चल रहा है।
डॉ. अनिल कुमार, सीएचसी प्रभारी, मनोहरपुर।