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    क्योंझर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: हाथी दांत तस्करी में चार गिरफ्तार, वन्यजीवों की हड्डियां भी बरामद 

    Updated: Thu, 14 May 2026 08:23 PM (GMT+05:30)

    ओडिशा के क्योंझर में वन विभाग ने वन्यजीवों के अवैध व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में हाथी दांत और वन्यजीवों की हड्डियों की तस्करी मे ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    HighLights

    1. क्योंझर में चार वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार, बड़ी कार्रवाई।

    2. विशेष प्रवर्तन टीम ने अवैध व्यापार का भंडाफोड़ किया।

    संसू, बड़बिल। ओडिशा के क्योंझर वन प्रभाग की विशेष प्रवर्तन टीम ने वन्यजीवों के अवैध व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हाथी के दांत और वन्यजीवों की हड्डियों की तस्करी में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से दो हाथी दांत, वन्यजीवों की हड्डियां और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं।


    जिला वन अधिकारी (डीएफओ) एचडी. धनराज ने बुधवार शाम प्रेसवार्ता में बताया कि विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद क्योंझर रेंज अंतर्गत पलासपंगा अनुभाग के हतिकुचा बीट स्थित अमृतपाड़ा (मांझी साही) गांव में विशेष अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई उनके निर्देश और निगरानी में की गई।

    वन विभाग की टीम ने सदर थाना क्षेत्र निवासी 48 वर्षीय सुनील कुमार सोरेन के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान वहां से दो हाथी दांत और वन्यजीवों की हड्डियां बरामद हुईं। 

     

    1.6 किलोग्राम हाथी दांत बरामद 

    जब्त हाथी दांतों का वजन क्रमशः 1.6 किलोग्राम और 300 ग्राम बताया गया है। इसके अलावा 900 ग्राम और 100 ग्राम वजन की हड्डियां भी बरामद की गईं।


    जांच के दौरान वन विभाग ने इस अवैध कारोबार में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। इनमें बामेबारी थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी 27 वर्षीय दशरथ माझी, मयूरभंज जिले के बांगरीपोसी थाना अंतर्गत गोपालपुर निवासी 70 वर्षीय दुर्गा हेमब्रम तथा बीसोई थाना क्षेत्र के बधुनिया गांव निवासी 55 वर्षीय बादेन किस्कू शामिल हैं।

     

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    पुलिस हिरासत में हाथी दांत के साथ तस्‍कर।

    वन्यजीवों की हड्डियां बेचने की कोशिश कर रहे थे तस्‍कर

    वन अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपी कथित रूप से हाथी दांत और वन्यजीवों की हड्डियां बेचने की कोशिश कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और वन्यजीवों से संबंधित अन्य सामग्री भी जब्त की है। 
     
    मोबाइल फोन की जांच के जरिए तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। वन विभाग ने इस मामले में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे नेटवर्क की पहचान करने और अवैध वन्यजीव कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए जांच जारी है।


    वन विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वन्यजीवों की तस्करी या शिकार से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि वन्यजीव संरक्षण को प्रभावी बनाया जा सके।