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    कोल्हान विश्वविद्यालय में बीएड छात्रों का हल्ला बोल: जेटीईटी आवेदन पर संकट, 3 घंटे तक घेराव के बाद मिला आश्वासन

    Updated: Sat, 04 Apr 2026 11:43 PM (IST)

    कोल्हान विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2023-25 के छात्रों ने शनिवार को अपनी शैक्षणिक समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय का घेराव किया। वे तीसरे सेमेस ...और पढ़ें

    चाईबासा स्‍थि‍त कोल्‍हान विवि मुख्‍यालय में विरोध प्रदर्शन करते छात्र।

    चाईबासा स्‍थि‍त कोल्‍हान विवि मुख्‍यालय में विरोध प्रदर्शन करते छात्र।

    HighLights

    1. बीएड छात्रों ने शैक्षणिक समस्याओं पर विश्वविद्यालय घेरा।

    2. जेटीईटी आवेदन में देरी से छात्र चिंतित थे।

    3. विश्वविद्यालय ने परीक्षा और अंकपत्र का आश्वासन दिया।

    जागरण संवाददाता, चाईबासा । कोल्हान विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2023-25 के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने शनिवार को अपनी लंबित शैक्षणिक समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय का घेराव किया। छात्रों का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक भवन के सामने करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। 
     
    छात्रों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश था कि समय पर परीक्षा और परिणाम न आने के कारण वे आगामी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) के लिए आवेदन करने से वंचित रह सकते हैं। 
     

    मुख्य समस्याएं और छात्रों का तर्क

    प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि बीएड सत्र 2023-25 के तृतीय सेमेस्टर का परिणाम अब तक प्रकाशित नहीं किया गया है और न ही चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा की तिथि घोषित हुई है। 

    •     JTET का संकट: झारखंड में लगभग 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जेटीईटी (JTET) आयोजित होने वाली है।
    •     अंकपत्र की अनिवार्यता: आवेदन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है और बिना फाइनल अंकपत्र (Marksheet) के छात्र इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की सुस्ती उनके भविष्य और करियर के साथ खिलवाड़ है।


    3 घंटे के घेराव के बाद मिला आश्वासन

    शुरुआत में किसी अधिकारी के न पहुंचने से छात्र उग्र हो गए थे, लेकिन बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के साथ वार्ता की। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक हर हाल में आयोजित कर ली जाएगी।

    15 मई तक छात्रों को उनके अंकपत्र उपलब्ध करा दिए जाएंगे, ताकि वे जेटीईटी के लिए आवेदन कर सकें। यदि विश्वविद्यालय की देरी के कारण आवेदन में कोई तकनीकी बाधा आती है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
     

    आंदोलन की चेतावनी

    छात्रों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय-सीमा (15 मई) के भीतर उन्हें मार्कशीट नहीं मिलती है, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर गिलमान, विनोद, निधि, कंचन, सुप्रिया, सनीता, विकास, बीराम, अमन, सोनाली समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

    विश्वविद्यालय प्रशासन की इस नई समय-सीमा ने फिलहाल छात्रों के गुस्से को शांत किया है, लेकिन अब सबकी नजरें अप्रैल के अंतिम सप्ताह में होने वाली परीक्षा पर टिकी हैं।