विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

खाट पर लादकर 1 KM दौड़ी मां, फिर भी नहीं बच सकी 13 साल के बेटे की जान, रुला देगी ओडिशा की ये घटना

Published: Wed, 02 Sep 2026 10:13 PM (IST)Updated: Thu, 03 Sep 2026 12:08 AM (IST)

ओडिशा के क्योंझर जिले में एक मां को अपने 13 वर्षीय बेटे को बचाने के लिए खाट पर लादकर 1 किलोमीटर दौड़ना पड़ा।

अपनी ननद मिनाती महंतो की मदद से बेटे को खाट पर लादा और करीब एक किलोमीटर दूर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया।

अपनी ननद मिनाती महंतो की मदद से बेटे को खाट पर लादा और करीब एक किलोमीटर दूर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया।

HighLights

  1. टूटे पुल के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाई।

  2. बच्चे की मौत से ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे पर सवाल।

संवाद सूत्र, बड़बिल। ओडिशा के क्योंझर जिले स्थित पटना थाना क्षेत्र के झालियापदा गांव से बुनियादी ढांचे की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी की एक बेहद हृदयविदारक तस्वीर सामने आई है। 
 
बारिश के कारण टूटे पुल और एंबुलेंस न पहुंच पाने के चलते एक मां को अपने 13 वर्षीय बेटे को बचाने के लिए उसे खाट पर लादकर करीब एक किलोमीटर तक दौड़ना पड़ा। 
 
हालांकि, मां का यह अथक संघर्ष नाकाम रहा और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।घटना के अनुसार, झालियापदा निवासी स्वर्गीय रोहित महंतो की पत्नी मीना महंतो अपने 13 वर्षीय बेटे नरेश के साथ घर के पास स्थित तालाब गई थीं। 
 
इसी दौरान नरेश गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। बेटे की चप्पलें देखकर मीना ने तुरंत तालाब में छलांग लगाई और उसे बाहर निकाला।
 

बारिश ने रोकी एंबुलेंस, खाट पर लादकर भागी मां

परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन भारी बारिश के कारण सुआकाटी नाले पर बना पुल बह जाने की वजह से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। 
 
बदहवास मां ने हिम्मत नहीं हारी और बेटे को पहले अपने कंधे पर उठाकर दौड़ी। जब शरीर ने जवाब दे दिया, तो अपनी ननद मिनाती महंतो की मदद से बेटे को खाट पर लादा और करीब एक किलोमीटर दूर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया।


इसके बाद एंबुलेंस दूसरे लंबे रास्ते से नरेश को पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नरेश अपने जुड़वां भाइयों में से एक था। पिता की मौत के बाद मां के लिए यह दोहरा सदमा है।

ग्रामीणों में आक्रोश, वीडियो वायरल

मां द्वारा बेटे को खाट पर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुल के पुननिर्माण और गांव को जोड़ने वाली दोनों सड़कों को कंक्रीट करने की मांग की है। 
 
इस त्रासदी ने मानसून के दौरान ग्रामीण इलाकों में बदहाल नेटवर्क और बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलकर रख दी है।