Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    वादाखिलाफी पर उतरा SAIL प्रबंधन, सारंडा के मुंडा-मानकी ने दिखाया दम; रांजाबुरु माइंस का चक्का जाम

    Updated: Sat, 09 May 2026 06:46 PM (IST)

    सारंडा विकास समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों और मुंडा-मानकी ने सेल की रांजाबुरु माइंस का काम ठप कर दिया। यह विरोध स्थानीय रोजगार समझौतों के उल्लंघन और ...और पढ़ें

    सारंडा में सेल प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताते मानकी-मुंडा।

    सारंडा में सेल प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताते मानकी-मुंडा।

    HighLights

    1. रोजगार समझौतों के उल्लंघन और बाहरी मजदूरों की भर्ती पर विरोध।

    2. प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित, चेतावनी जारी।

    संवाद सूत्र, गुवा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में रोजगार और स्थानीय अधिकारों को लेकर एक बार फिर आंदोलन की आग सुलग उठी है। शनिवार को सारंडा विकास समिति के नेतृत्व में 18 गांवों के मुंडा-मानकी और ग्रामीणों ने सेल (SAIL) की रांजाबुरु माइंस का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया। 
     

    बाहरी मजदूरों की बहाली पर फूटा गुस्सा

    ग्रामीणों का आरोप है कि सेल प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार पूर्व में हुए समझौतों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। शनिवार सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण माइंस क्षेत्र में जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। 
     
    आंदोलन के कारण खनन कार्य और भारी वाहनों का परिचालन पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 13 दिनों के पिछले आंदोलन के बाद यह सहमति बनी थी कि रांजाबुरु माइंस में ड्राइवर, खलासी और अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की बहाली गुवा और आसपास के स्थानीय गांवों से की जाएगी।
     
    ग्रामीणों ने सीधे तौर पर मां सरला नामक ठेका कंपनी पर आरोप लगाया कि वह समझौते को ताक पर रखकर बाहरी क्षेत्रों से लोगों को लाकर काम करा रही है। इससे स्थानीय शिक्षित युवाओं में भारी आक्रोश है, जो लंबे समय से रोजगार की बाट जोह रहे हैं।
     

    प्रशासनिक हस्तक्षेप और आश्वासन

    मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और झारखंड के परिवहन मंत्री के निजी सचिव (PA) मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता की और उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। 
     
    काफी मशक्कत के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित किया गया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थानीय लोगों को काम पर नहीं रखा गया, तो आंदोलन और उग्र होगा।
     

    प्रबंधन बंद करे बांटने की राजनीति : रामा पांडेय

    इसी मुद्दे पर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय ने गुवा रेलवे मार्केट स्थित कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सेल प्रबंधन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सेल प्रबंधन मुंडा-मानकी संघ को दो गुटों में बांटने की साजिश रच रहा है ताकि स्थानीय एकता को कमजोर किया जा सके।

    रामा पांडेय ने कहा क‍ि प्रबंधन राजनीति करने के बजाय मुंडा-मानकी के साथ सीधी वार्ता करे। स्थानीय ग्रामीणों की मांगें जायज हैं और उन्हें नजरअंदाज करना क्षेत्र की शांति के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने सभी मुंडा-मानकी से एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।