VIDEO : सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट से घायल दंतैल हाथी ने तोड़ा दम, अब तक पांच हाथियों की मौत
पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट से घायल दंतैल हाथी की 10 दिनों के इलाज के बाद मौत हो गई। यह नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आईईडी के कारण ...और पढ़ें
HighLights
दस दिनों तक चला उपचार, हालत में नहीं हुआ सुधार।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पांच हाथियों की मौत आईईडी से।
जागरण संवाददाता, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर घायल हुए दंतैल हाथी की गुरुवार दोपहर इलाज के दौरान मौत हो गई। पिछले करीब दस दिनों से वन विभाग की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने के कारण आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
हाथी की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, सासंगदा-लेबरागढ़ा नाला के समीप घायल अवस्था में मिले हाथी का लगातार इलाज किया जा रहा था।
वन विभाग की टीम और मनोहरपुर के पशु चिकित्सक उसकी देखभाल में जुटे हुए थे। उपचार के दौरान हाथी को प्रतिदिन एक से डेढ़ क्विंटल सब्जियां खिलाई जा रही थीं।
इसके साथ ही नियमित रूप से दवाइयां और इंजेक्शन भी दिए जा रहे थे, लेकिन उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी जिस क्षेत्र में घायल पड़ा था, वह नक्सल प्रभावित और अत्यंत संवेदनशील इलाका है।
सुरक्षा कारणों से उसे दूसरे सुरक्षित स्थान पर ले जाना संभव नहीं हो पाया। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को हाथी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी हाथी को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया था। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्रों में बिछाए गए आईईडी वन्यजीवों के लिए लगातार बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से अब तक पांच हाथियों की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने चिंता जताई है।