क्या आप भी चेहरे पर लगाते हैं 'होटल का साबुन'? ट्रिप पर की गई 8 गलतियां कर सकती हैं स्किन डैमेज
क्या हर बार किसी भी ट्रिप से आने के बाद आपकी स्किन पर भी एक्ने और डलनेस की समस्या होने लगती है? अगर हां, तो हो सकता है सफर के दौरान आप कुछ गलतियां (Sk ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सफर पर जाना हमारे लिए जितना रोमांचक होता है, हमारी त्वचा के लिए उतना ही चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में अक्सर लोग कहते हैं कि ट्रिप पर जाने से हमारी स्किन खराब हो जाती है। लेकिन हकीकत तो यह है कि ट्रिप के कारण नहीं, आपकी लापरवाही के कारण स्किन खराब होती है।
जलवायु में बदलाव, खान-पान में तला-भुना खाना, थकान, पसीना और धूल-मिट्टी के कारण स्किन पहले ही काफी परेशान होती है। ऐसे में ठीक से स्किन केयर न करना परेशानी को और बढ़ा देता है। वेकेशन पर अक्सर हम अपनी स्किन केयर रूटीन में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे चेहरे पर एक्ने और डलनेस की समस्या हो जाती है। इन्हीं गलतियों (Travel Skincare Tips) के बारे में डॉ. सुरभी बालानी बता रही हैं, आइए जानें।
सनस्क्रीन लगाने में लापरवाही
ज्यादातर लोग सनस्क्रीन लगाते तो हैं, लेकिन बहुत कम मात्रा में। सिर्फ एक मटर के दाने जितना सनस्क्रीन पूरे चेहरे के लिए काफी नहीं है। ज्यादातर लोग जरूरत से कम SPF लगाते हैं, जिससे वह बेअसर हो जाता है। धूप से बचने के लिए कम से कम दो उंगलियों के बराबर सनस्क्रीन चेहरे और गर्दन पर लगाएं।
री-एप्लिकेशन को भूल जाना
सुबह एक बार सनस्क्रीन लगा लेना पूरे दिन के लिए काफी नहीं है। पसीना, प्रदूषण और धूल की वजह से सनस्क्रीन की परत कमजोर हो जाती है। अगर आप बाहर घूम रहे हैं, तो हर 2-3 घंटे में इसे दोबारा लगाना बेहद जरूरी है।
खबरें और भी
View this post on Instagram
डिहाइड्रेशन और ड्राईनेस में फर्क न समझना
अक्सर ऑयली स्किन वाले लोग मॉइस्चराइजर छोड़ देते हैं। याद रखें, डिहाइड्रेशन का मतलब है पानी की कमी, जबकि ड्राईनेस का मतलब है तेल की कमी। सफर के दौरान ड्राईनेस के कारण स्किन ज्यादा तेल बनाने लगती है, जिससे मुहांसे हो सकते हैं। इसलिए हाइड्रेटिंग सीरम या लाइटवेट मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल जरूर करें।
होटल के साबुन का इस्तेमाल
होटल में मिलने वाले साबुन शरीर के लिए तो ठीक हो सकते हैं, लेकिन चेहरे के लिए वे बहुत कठोर होते हैं। इनका pH लेवल काफी ज्यादा होता है, जो आपकी स्किन के नेचुरल बैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे त्वचा में जलन, सूखापन और ब्रेकआउट्स की समस्या बढ़ सकती है। हमेशा अपना खुद का जेंटल फेस वॉश साथ रखें।
फ्लाइट में UV किरणों को नजरअंदाज करना
क्या आप जानते हैं कि 35,000 फीट की ऊंचाई पर सूरज की हानिकारक UVA किरणें खिड़कियों के जरिए आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकती हैं? बादलों के ऊपर यूवी किरणों की तीव्रता बहुत ज्यादा होती है, जो समय से पहले बुढ़ापा और टैनिंग का कारण बनती है। इसलिए फ्लाइट के दौरान भी सनस्क्रीन लगाना न भूलें।
बहुत सारे एक्टिव प्रोडक्ट्स का पैक करना
सफर के दौरान स्किन पहले से ही तनाव में होती है। ऐसे में रेटिनोल, विटामिन-सी और एक्सफोलिएटिंग एसिड्स का एक साथ इस्तेमाल स्किन बैरियर को डैमेज कर सकता है। धूप के संपर्क में आने से ये प्रोडक्ट्स पिगमेंटेशन और जलन पैदा कर सकते हैं। इसलिए ट्रैवल के दौरान अपनी रूटीन को सिंपल रखें।
क्लाइमेट के हिसाब से रूटीन न बदलना
अगर आप मुंबई की नमी वाली जगह से दिल्ली की शुष्क ठंड में जा रहे हैं, तो आपका स्किन केयर भी बदलना चाहिए। ह्यूमिड मौसम में जेल-बेस्ड प्रोडक्ट्स और ड्राई मौसम में हैवी क्रीम या ऑयल-बेस्ड मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।
नाइट-टाइम रिपेयर को स्किप करना
दिनभर की थकान के बाद हम अक्सर बिना चेहरा धोए या बिना स्किन केयर किए सो जाते हैं। सफर का तनाव शरीर में कोर्टिसोल लेवल बढ़ाता है, जिससे सूजन और मुहांसे होते हैं। रात का समय ही वह समय है जब स्किन खुद को रिपेयर करती है। इसलिए सोने से पहले क्लींजिंग और रिपेयर क्रीम का इस्तेमाल जरूर करें।