Blackheads vs Whiteheads: एक जैसे दिखते, पर हैं अलग; कैसे पाएं इनसे छुटकारा?
चेहरे पर ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स होना आम हो गया है। ये दर्दनाक और जिद्दी होते हैं। व्हाइटहेड्स छोटे दानों जैसे दिखते हैं जबकि ब्लैकहेड्स काले रंग के ...और पढ़ें

HighLights
- ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स स्किन पर होने वाली समस्या है।
- कई लोग इन्हें एक ही समझने लगते हैं।
- इनमें बड़ा अंतर होता है, जिसे जानना जरूरी है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब भी चेहरे पर ब्रेकआउट्स यानी कि पिंपल्स होते हैं तो आपका पूरा लुक बिगड़ जाता है। अक्सर ये ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स की तरह दिखाई देते हैं। दोनों ही काफी जिद्दी होते हैं और आसानी से खत्म नहीं होते हैं। साथ ही ये दर्दनाक भी होते हैं। कई बार इन्हें हटाने की कोशिश करने से आपको ज्यादा नुकसान हो सकता है। कई लोग इन्हें नोचने या दबाने लगते हैं।
ये तरीका बिल्कुल भी सही नहीं है। अगर आप भी ब्लैकहेड्स और व्हाइट हेड्स को लेकर कन्फ्यूज हैं तो आपको हमारा ये लेख जरूर पढ़ना चाहिए। हम आपको इन दोनों के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं। साथ ही ये भी बताएंगे कि किससे ज्यादा परेशानी होती है। आइए जानते हैं-
व्हाइट हेड्स क्या हैं?
व्हाइट हेड्स असल में छोटे-छोटे दाने जैसे दिखते हैं। इन्हें क्लोज्ड कॉमेडोन भी कहा जाता है। ये तब बनते हैं जब पोर्स पूरी तरह से ऑयल और डेड स्किन सेल्स से बंद हो जाते हैं। ये स्किन पर ऊपर से सफेद या हल्के रंग की छोटी गांठ जैसी दिखाई देती है। ये नाक, होंठ के नीचे और माथे पर ज्यादा होते हैं।
ब्लैक हेड्स क्या हैं?
ब्लैक हेड्स भी पोर्स बंद होने की वजह से ही बनते हैं। बस इनमें फर्क ये है कि इनमें पोर्स का मुंह खुला रहता है और अंदर जमी गंदगी और ऑयल हवा लगने से काले रंग के हो जाते हैं। इसी वजह से इन्हें ब्लैक हेड्स कहा जाता है। ये भी ज्यादातर नाक और होंठ के नीचे होते हैं।
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क्याें होते हैं ब्लैक और व्हाइट हेड्स?
ब्लैक हेड्स और व्हाइट हेड्स के पीछे की सबसे बड़ी वजह है स्किन का ऑयली होना। जब ये ऑयल डेड स्किन सेल्स के साथ मिलकर पोर्स को ब्लॉक कर देते हैं। तब जाकर ब्लैक हेड्स और व्हाइट हेड्स बनते हैं। कई बसार बैक्टीरिया का जमा होना और हार्मोनल चेंजेस भी इसकी एक बड़ी वजह बन सकती हैं।
कैसे करें कंट्रोल?
ब्लैक हेड्स और व्हाइट हेड्स की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप बेकिंग सोडा और नींबू के रस को एक साथ मिक्स करें। इसके बाद इसे चेहरे पर लगाएं। आपको इससे छुटकारा तुरंत मिलेगा। आप दो बार दिन में ये काम कर सकते हैं। वहीं दूसरा तरीका ये है कि आप एलोवेरा जेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। रोजाना चेहरे पर एलोवेरा लगाने से स्किन पर कील मुंहासे की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
फर्क भी समझें
ब्लैक हेड्स और व्हाइट हेड्स दोनों ही नॉन-इंफ्लेमेटरी पिंपल्स हैं यानी इनमें सूजन नहीं होती। फर्क बस इतना है कि व्हाइटहेड्स छोटे दाने जैसे लगते हैं और बाद में बड़े पिंपल में बदल सकते हैं। वहीं ब्लैक हेड्स आसानी से पहचान में आ जाते हैं क्योंकि ये काले रंग के होते हैं।