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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    इन आदतों की वजह से तेज होती है Ageing की प्रक्रिया, जवानी में ही दिखने लगेंगे बूढ़े

    Updated: Mon, 24 Jun 2024 11:34 AM (IST)

    अपनी स्किन का ख्याल रखने के लिए सिर्फ महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना काफी नहीं होता। इसके साथ-साथ आपको अपनी जीवनशैली में भी सुधार करना ह ...और पढ़ें

    इन वजहों से तेजी से होती है एजिंग (Ageing) (Picture Courtesy: Freepik)
    इन वजहों से तेजी से होती है एजिंग (Ageing) (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. प्रीमेच्योर एजिंग (Premature Ageing) के पीछे खराब लाइफस्टाइल की अहम भूमिका होती है।
    2. हमारा खान-पान हमारी त्वचा को काफी प्रभावित करता है।
    3. स्मोकिंग और जंक फूड की वजह से भी एजिंग की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। How to Prevent Premature Ageing: बढ़ती उम्र से साथ त्वचा पर एजिंग के लक्षण दिखना बेहद सामान्य बात है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़नी शुरू होती है, वैसे-वैसे हमारी त्वचा धीरे-धीरे कोलेजन बनाना कम कर देती है। इसकी वजह से त्वचा ढीली पड़ने लगती है और झुर्रियां, फाइन लाइन्स आदि की समस्या हो सकती है।

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रोजमर्रा की कुछ आदतें भी आपको वक्त से पहले बूढ़ा बना सकती हैं। कम उम्र में ही फाइन लाइन्स का दिखना प्रीमेच्योर एजिंग (Premature Ageing) कहलाता है। इसलिए प्रीमेच्योर एजिंग से बचने के लिए उन आदतों में सुधार करना काफी जरूरी होता है। आइए जानते हैं किन आदतों में सुधार करने से प्रीमेच्योर एजिंग  (Premature Ageing) के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

    ageing

    स्क्रीन टाइम ज्यादा होना

    स्मार्ट फोन और कंप्यूटर से निकलने वाली ब्लू लाइट में लंबे समय तक रहना, एजिंग (Ageing) की प्रक्रिया को तेज कर देता है। दरअसल, ब्लू लाइट के कारण सेल्स में बदलाव होने लगते हैं। इसकी वजह से फाइन लाइन्स और झुर्रियां समय से पहले नजर आनी शुरू हो जाती हैं। इसलिए सिर्फ काम के लिए स्मार्टफोन और कंप्यूटर का इस्तेमाल करें। इससे आपकी त्वचा को कम नुकसान पहुंचेगा।

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    नींद पूरी न होना

    नींद पूरी न होने के कारण त्वचा को काफी नुकसान होता है। नींद पूरी न होने की वजह से सेल टर्नओवर यानी पुराने सेल्स की जगह नए सेल्स बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसलिए नींद की कमी के कारण भी प्रीमेच्योर एजिंग होने लगती है। इसलिए कोशिश करें कि आप रोज कम से कम 7-8 घंटे की नींद तो जरूर लें।

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    सनस्क्रीन न लगाना

    सनस्क्रीन सिर्फ सूरज की हानिकारक किरणों से ही नहीं, बल्कि ब्लू लाइट से भी आपकी स्किन को बचाता है। इसलिए अपनी दो उंगलियों के बराबर सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें। इससे आपकी स्किन सुरक्षित रहेगी और यूवी किरणों और ब्लू लाइट की वजह से होने वाली एजिंग से भी बचाव होगा। इसलिए रोज सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर सनस्क्रीन दोबारा भी लगाएं।

    खराब डाइट

    खराब खान-पान की आदतों की वजह से भी प्रीमेच्योर एजिंग हो सकती है। प्रोसेस्ड फूड्स, जिनमें AGEs होते हैं, उनकी वजह से शरीर में सूजन हो सकती है और एजिंग की प्रक्रिया भी तेज हो जाती है। इसलिए अपनी डाइट में प्रोसेस्ड फूड्स को शामिल न करें। कोशिश करें कि चीनी भी कम से कम खाएं। इनकी जगह सब्जियां, फल, दही, अनाज आदि को शामिल करें।

    स्मोकिंग करना

    स्मोकिंग करने के कारण आपकी स्किन को काफी नुकसान हो सकता है। इसके कारण शरीर में कोलेजन की मात्रा कम होने लगती है और प्रीमेच्योर एजिंग शुरू हो जाती है। साथ ही, समोकिंग के कारण हार्मोनल बदलाव भी होते हैं, जिनकी वजह से स्किन से जुड़ी अन्य परेशानियां भी शुरू हो सकती हैं।

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