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    उमस और पसीने ने कर दिया है स्किन का बुरा हाल? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें मानसून का सही 'स्किन केयर रूटीन'

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 04:00 PM (IST)

    चिलचिलाती तेज धूप और उमस के चलते इन दिनों त्वचा संक्रमण की समस्या बढ़ जाती है। सफाई और त्वचा की सही ढंग से देखभाल नहीं होने पर यह समस्या बड़ी मुसीबत ब ...और पढ़ें

    मानसून में कैसे रखें अपनी स्किन का ध्यान? (Picture Courtesy: Freepik)

    मानसून में कैसे रखें अपनी स्किन का ध्यान? (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। उमस और चिपचिपी गर्मी के बाद अगले कुछ दिनों में मानसून की दस्तक होने वाली है। तापमान में बार-बार उतार चढ़ाव, बारिश, पसीना और शरीर पर लंबे समय तक भीगे हुए कपड़े के रहने से स्किन संक्रमण होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। 

    नमी और पसीने के चलते शरीर से लेकर सिर की त्वचा या स्कैल्प में चिपचिपापन, जलन, बालों में रूसी, रैशेज, जलन, खुजली महसूस होने जैसी परेशानी बढ़ जाती है। इसका दैनिक जीवन और कामकाज पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। 

    बता दें कि इस समय हवा में मौजूद नमी त्वचा के रोमछिद्रों को खोल देती है। इससे इन रोमछिद्रों पर गंदगी जमने खतरा बढ़ जाता है। यही बैक्टीरिया और फंगस के पनपने, उसके बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना देती है। ऐसी मुश्किल स्थिति को संभालने के लिए जरूरी है कि आप इस मौसम में त्वचा की देखभाल का सही तरीका जानें। साथ ही उन आदतों से भी दूर रहें जो त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।

    तेल न बढ़ा दे स्कैल्प की परेशानी

    स्कैल्प हमारे सिर की वह त्वचा होती है जिस पर बाल उगते हैं। ध्यान रहे इसकी सफाई न हो तो इस मौसम में बालों के गिरने, रूसी (डैंड्रफ) व अन्य संक्रमण की आशंका बढ़ सकती है। यदि आप रोजाना तेल लगाएं तो उनसे स्कैल्प के रोमछिद्र बंद हो सकते हैं। 

    यही फोड़े-फुंसी का कारण बनते हैं। नमी भरे मौसम में तो यह खास ध्यान रखें। ये स्कैल्प पर जमकर पपड़ी बना सकते हैं और रूसी का कारण बनते हैं। यही गंभीर संक्रमण या खुजली भी कर सकते हैं। यदि तेल लगाना जरूरी है तो बालों के निचले हिस्से में लगाने के कुछ समय बाद इसे अच्छी तरह धो लेना चाहिए।

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    संभलकर करें पाउडर का प्रयोग

    पसीना सुखाने के लिए लोग पाउडर का खूब प्रयोग करते हैं। इसका प्रयोग कम मात्रा में करना चाहिए। अतिरिक्त पाउडर त्वचा से निकलने वाली प्राकृतिक तेल को सोख सकता है। 

    इससे ब्लैकहेडस या मुंहासे की भी समस्या हो सकती है। त्वचा का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है, यह अत्यधिक रुखी हो सकती है। पाउडर के कण फेफड़े में चले जाएं तो सांस की समस्या भी हो सकती है।

    खानपान का रखें ध्यान

    • सेहत का ध्यान रखने में त्वचा की देखभाल भी शामिल है। इसके लिए भोजन में एंटीआक्सीडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थ का प्रयोग करें। ये आपको संतरे, बादाम और बेरी जैसे फलों में मिल जाएंगे।
    • दही, छाछ, लस्सी का सेवन करें। प्रोबायोटिक्स आंत के स्वास्थ्य को संतुलित करने में मदद करते हैं। ये सूजन कम करने व एक्जिमा और मुंहासे जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
    • ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य त्वचा की सूजन, जलन और लालिमा को कम करने में सहायक हैं। ये आप अलसी के बीज, अखरोट व मछलियों के सेवन से प्राप्त कर सकते हैं।
    • बाहर खाना हो तो यह ध्यान रहे कि तले हुए खाद्य पदार्थ न लें। ये रोमछिद्रों को बंद कर सकते हैं। अच्छी तरह से पके हुए स्वच्छ भोजन का ही चुनाव करें।
    • शरीर का हाइड्रेशन सही रखें और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न होने दें।
    • विटामिन सी और बीटा कैरोटिन (विटामिन ए) युक्त खाद्य पदार्थ स्वस्थ त्वचा के लिए उपयोगी हैं।

    यह जानना है जरूरी

    • कमर, पैर, बगल के हिस्से अक्सर गीले रह जाते हैं। नहाने के बाद इन्हें अच्छी तरह सुखाना न भूलें।
    • कमजोर इम्यून सिस्टम वाले, मधुमेह, मोटापा ग्रसित लोग इस मौसम की चुनौतियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।
    • यदि मुहांसे या एक्जिमा की परेशानी है तो इस मौसम में अधिक सतर्कता रखनी होगी।
    • ढीले-ढाले सूती कपड़ों का प्रयोग करें। ये त्वचा के रोमछिद्रों को बंद होने से रोक देते हैं। ये हवादार होते हैं जिससे पसीना आसानी से सूख सकता है।
    • उसम भरे मौसम में घमौरियां एक आम समस्या हैं। ये त्वचा के छोटे-छोटे छिद्रों में गंदगी के जमा होने से होती हैं। यदि ये अधिक लाल हैं व बहुत खुजली होती है, तो तुरंत चिकिसक से परामर्श लें।

    सनस्क्रीन लगाएं, पर यह भी रहे ध्यान

    • सनस्क्रीन का प्रयोग सभी उम्र में करना चाहिए।
    • डिवाइसेज की स्क्रीन से निकलने वाली किरणें या बल्ब से निकलने वाले प्रकाश के प्रभाव से बचाव के लिए भी यह जरूरी है।
    • ऐसा सनस्क्रीन लें, जो धूप से निकलने वाली किरणों से बचाव कर सकें। बाजार में ऐसे उत्पाद उपलब्ध हैं।
    • हमारे देश में गोरेपन को बरकरार रखने के लिए क्रीम का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए एसपीएफ 40 भी बहुत है।

    रोजाना त्वचा की देखभाल कैसे करें?

    • रोजाना नहाएं। त्वचा को अच्छी तरह सुखाने के लिए पंखे के नीचे कुछ देर खड़े रहें।
    • चेहरे की त्वचा को साफ करने के लिए माइल्ड फेसवाश का प्रयोग करें।
    • यदि रोजाना सीरम का प्रयोग करते हैं तो  त्वचा के अनुरूप ही सीरम लगाएं।
    • इस समय हयालूरोनिक एसिड व नियासिनमाइड युक्त सीरम अच्छे माने जाते हैं।
    • सीरम लगाने के बाद माइश्चराइज करें, इसके बाद सनस्क्रीन लगाना चाहिए।
    • त्वचा पर संक्रमण, सूजन और लालिमा वाली जगह पर बार बार छूने से बचें। डाक्टर से परामर्श कर उचित इलाज कराएं।

    चिकित्सक के परामर्श से ही लें दवा

    भारत जैसे उष्णकटिबंधीय जलवायु में त्वचा की सेहत को बनाए रखना एक चुनौती है। इस नमी भरे मौसम में फंगस संक्रमण का खतरा बहुत आम हो जाता है। यह इतना अधिक है कि अब सामान्य दवा से उपचार कठिन होता जा रहा है। डाक्टर के लिए एक नई परेशानी यह है कि लोग बीमारी बढ़ाकर उनके पास जाते हैं। फोड़े फुंसी का इलाज लोग खुद से करने लगते हैं। 

    हमें समझना होगा कि गूगल या इंटरनेट मीडिया के प्रभाव में आकर बिना डाक्टर से परामर्श लिए केमिस्ट से कोई भी दवा लेना सही नहीं है। इसमें वे तत्व हो सकते हैं जो कुछ समय के लिए ठीक तो कर सकते हैं लेकिन दवा बंद करने पर दोबारा बड़ी मुसीबत का कारण बन सकते हैं। दरअसल, फंगस त्वचा में बैठ जाते हैं और भीतर ही भीतर बढ़ने लगते हैं।

    उचित इलाज नहीं होने पर फैलाव अधिक हो जाता है। दाद-खाज खुजली की क्रीम में अक्सर स्टेरायड मिली होती है, इसलिए थोड़ी सी भी  लालिमा नजर आए तो तुरंत चिकित्सक से मिलना चाहिए। डॉक्टर एंटीफंगल दवाओं से इनका उचित इलाज कर सकते हैं। बारिश में भीगने या नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाना चाहिए। अपने सिर के बालों को भी साफ और सूखा रखना चाहिए। अक्सर लोग मानते हैं कि रोजाना बाल धोने से स्कैल्प खराब होगा और बाल झड़ेंगे, पर यह एक गलत धारणा है। यदि परिश्रम वाला काम करते हैं या खेलों में हिस्सा लेते हैं तो रोजाना सिर धोना चाहिए।

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    डॉ. रोहित बत्रा, वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ, सर गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली