दुकानदार कहीं आपको नकली सिल्क साड़ी तो नहीं बेच रहा? इन 5 तरीकों से करें असली और नकली रेशम की पहचान
बाजार में आर्टिफिशियल और सिंथेटिक सिल्क की भरमार है। ऐसे में ठगने से बचने के लिए असली सिल्क की पहचान के तरीके सीख लें। ...और पढ़ें

कहीं नकली सिल्क की साड़ी तो नहीं खरीद लाए? (Picture Courtesy: Instagram)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय पहनावे की बात हो और साड़ियों का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता और साड़ियों में भी प्योर सिल्क का रुतबा ही अलग है। शादी का फंक्शन हो या कोई खास त्योहार, सिल्क की साड़ी हर महिला को एक रॉयल और ग्रेसफुल लुक देती है, लेकिन इसकी इसी भारी डिमांड के चलते आजकल बाजार में आर्टिफिशियल और सिंथेटिक सिल्क की बाढ़ आ गई है।
ये नकली साड़ियां देखने में हुबहू असली जैसी लगती हैं, जिससे अक्सर हम धोखा खा जाते हैं। ऐसे में, अगर आप एक महंगी सिल्क साड़ी पर अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करने जा रही हैं, तो रुकिए! आइए जानते हैं कुछ ऐसे आसान तरीके, जिनसे आप मिनटों में असली और नकली सिल्क की पहचान कर सकती हैं।
बर्न टेस्ट
यह असली रेशम की पहचान करने का सबसे भरोसेमंद तरीका है। हालांकि, साड़ी के पल्लू के किसी कोने से एक छोटा सा धागा निकालकर ही इसे करना चाहिए।
असली सिल्क का धागा जलते समय इंसानी बालों के जलने जैसी गंध देता है। इसकी राख काली और दानेदार होती है जिसे उंगलियों से मसलने पर वह पाउडर बन जाती है। वहीं, अगर धागा प्लास्टिक की तरह पिघलने लगे या कागज जलने जैसी गंध आए, तो समझ लीजिए कि वह सिंथेटिक या कॉटन मिक्स है।

(AI Generated Image)
टच एंड फील
असली सिल्क बेहद मुलायम होता है और उंगलियों के बीच रगड़ने पर यह हल्का गर्म महसूस होता है। वहीं आर्टिफिशियल सिल्क उंगलियों के बीच रगड़ने पर भी ठंडा ही लगता है और काफी चिकना महसूस होता है।
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चमक की जांच
सिल्क की अपनी एक प्राकृतिक चमक होती है, जो सिंथेटिक कपड़ों से अलग होती है। असली सिल्क की सतह पर जब रोशनी पड़ती है, तो वह रंग बदलती हुई नजर आती है। अलग-अलग एंगल से देखने पर इसकी चमक का रंग बदलता नजर आएगा। वहीं, नकली सिल्क में एक सी चमक होती है, जो हर तरफ से एक जैसी ही दिखती है।
कीमत और बुनाई
शुद्ध सिल्क साड़ी बनाने में काफी समय और प्राकृतिक रेशम लगता है, इसलिए इसकी कीमत हमेशा ज्यादा होगी। अगर आपको कोई सस्ते दाम में प्योर कांजीवरम या बनारसी साड़ी दे रहा है, तो सावधान हो जाएं।
साथ ही, हाथ से बुनी गई असली सिल्क साड़ी के पीछे की तरफ देखने पर आपको बुनाई में थोड़ी बहुत असमानता दिख सकती है, जो उसकी शुद्धता की निशानी है। मशीन से बनी नकली साड़ियां बिल्कुल परफेक्ट और एक जैसी दिखती हैं।
सिल्क मार्क जरूर देखें
इन सभी घरेलू नुस्खों के अलावा, सबसे सुरक्षित तरीका है सिल्क मार्क का लेबल चेक करना। भारत सरकार का यह टैग गारंटी देता है कि कपड़ा 100% शुद्ध प्राकृतिक सिल्क है।