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    सोशल मीडया पर खूब वायरल हो रहा है स्किन फास्टिंग, लेकिन क्या सभी के लिए फायदेमंद है यह ट्रेंड?

    Updated: Mon, 09 Feb 2026 02:31 PM (IST)

    बहुत ज्यादा केमिकल के इस्तेमाल से हमारी स्किन डैमेज हो जाती है, जिससे चेहरे पर रेडनेस, खुजली और दाने होने लगते हैं। लोग अब अपनी स्किन को हील करने के ल ...और पढ़ें

    आखिर क्यों 'Skin Fasting' का बढ़ रहा है ट्रेंड? जानें सच (Image Credit - AI Generated)

    आखिर क्यों 'Skin Fasting' का बढ़ रहा है ट्रेंड? जानें सच (Image Credit - AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सुबह के क्लींजर से लेकर रात के नाइट जेल तक, हम रोज अपनी स्किन को केमिकल प्रोडक्ट्स की कई परतों में दबा देते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत आपकी स्किन का नेचुरल ग्लो को छीन सकता है?

    ऐसे में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड काफी चर्चा में है Skin Fasting। लेकिन सवाल आता है कि क्या वाकई यह फायदा होता है, या सिर्फ एक ट्रेंड है? आइए जानते हैं इसके बारे में।

    क्या है स्किन फास्टिंग?

    स्किन फास्टिंग का मतलब है कुछ दिनों या हफ्तों के लिए अपनी स्किनकेयर रूटीन को बेहद सिंपल कर देना। इस दौरान त्वचा की देखभाल के लिए सिर्फ क्लींजर, मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक तरह का डिटॉक्स है, जिसमें स्किन को एक्टिव इंग्रीडिएंट्स से ब्रेक मिलता है और वह खुद को रिपेयर करती है।

    क्यों बढ़ रहा है इसका ट्रेंड?

    आजकल मल्टी-स्टेप रूटीन में ढेर सारे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स इस्तेमाल होते हैं, जिससे स्किन का नेचुरल बैरियर कमजोर होने लगता है। ऐसे में स्किन फास्टिंग के दौरान स्किन को रिपेयर होने का मौका मिलता है। साथ ही, कम प्रोडक्ट्स लगाने से स्किन उसे बेहतर अब्जॉर्ब कर पाती है।

    स्किन फास्टिंग के फायदे

    • स्किन के नेचुरल बैरियर को रिपेयर करने में मदद करती है।
    • इससे स्किन का पीएच बैलेंस बरकरार रहता है और त्वचा में नमी बनी रहती है।
    • स्किन फास्टिंग इरिटेशन और सेंसिटिव को कम करने में मदद करती है। यह रोजेसिया से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद होती है।
    • ज्यादा प्रोडक्ट्स लगाने से होने वाले ब्रेकआउट, कंजेशन और रिएक्शन का खतरा भी कम होता है।
    • रेटिनॉल और एक्सफोलिएशन जैसे प्रोडक्ट्स से ब्रेक लेने पर स्किन खुद को रिपेयर कर पाती है।

    क्या हर किसी के लिए सही है?

    स्किन फास्टिंग पर रिसर्च सीमित है। इसलिए हर व्यक्ति पर इसका अलग असर देखने को मिल सकता है, जैसे-

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    • अगर आपकी स्किन ज्यादा ड्राई है, तो आपको रूखापन या स्किन डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसके कारण स्किन बैरियर डैमेज होने का रिस्क रहता है।
    • स्किन फास्टिंग का असर रातों-रात नहीं दिखता। इसलिए अच्छे नतीजों के लिए आपको इंतजार करना पड़ सकता है।
    • एक्ने या हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी परेशानियों के लिए सही ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। ऐसे में स्किन फास्टिंग ज्यादा फायदेमंद साबित नहीं होगी।
    • स्किन फास्टिंग के बाद दोबारा एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को स्किनकेयर में शामिल करने पर इरिटेशन हो सकती है।
    • इसी तरह अचानक कुछ एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल बंद करने पर भी रिएक्शन होने का खतरा रहता है।

    कुल मिलाकर बात यह है कि स्किन फास्टिंग कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, तो कुछ के लिए नुकसानदेह। इसलिए अपनी स्किन की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लें।

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    Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।