यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Diabetes कंट्रोल करने के लिए पीना शुरू कर दें यह हरा जूस, खून भी होगा साफ; नोट कर लें बनाने का तरीका
डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। शुगर बढ़ने की वजह से कई परेशानियां शुरू हो सकती हैं। डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए ...और पढ़ें

HighLights
- Diabetes की वजह से कई परेशानियां हो सकती हैं
- शुगर कंट्रोल करने में करेले का जूस काफी फायदेमंद है
- करेले का जूस बॉडी डिटॉक्स करने में भी मदद करता है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। डायबिटीज (Diabetes) आज के समय में एक बेहद गंभीर बीमारी है, जो तेजी से अपने पैर पसार रही है। यह बीमारी शरीर में इंसुलिन हार्मोन के असंतुलन के कारण होती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर कंट्रोल (Diabetes Control) करना काफी जरूरी होता है। शुगर कंट्रोल करने के लिए दवाओं के साथ-साथ आयुर्वेदिक और कुछ नेचुरल उपाय (Natural Remedies for Diabetes) भी कारगर साबित होते हैं।
इन्हीं में से एक है करेले का जूस। करेला न केवल डायबिटीज को कंट्रोल (Karela Juice for Diabetes) करने में मददगार है, बल्कि यह सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है। आइए जानते हैं कि करेले का जूस डायबिटीज कंट्रोल करने में कैसे मदद करता है (Karela Juice Benefits) और इसे बनाने का सही तरीका (Karela Juice Recipe) क्या है।
करेले का जूस डायबिटीज कंट्रोल करने में कैसे मदद करता है?
- ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है- करेले में मौजूद चारेंटिन और मोमोर्डिसिन जैसे तत्व ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करते हैं। ये तत्व इंसुलिन के सीक्रेशन को बढ़ाते हैं और सेल्स को ग्लूकोज का इस्तेमाल करने में मदद करता है। इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है।
- इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है- करेले का जूस शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाता है। इससे सेल्स ग्लूकोज को बेहतर तरीके से अब्जॉर्ब कर पाते हैं और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।
- एंटी-डायबिटिक गुण- करेले में एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं, जो शुगर लेवल को कम करने में मदद करते हैं। यह पैंक्रियाज को हेल्दी रखता है और इंसुलिन के सीक्रेशन में सुधार करता है।
- वजन कंट्रोल में सहायक- डायबिटीज के मरीजों के लिए वजन कंट्रोल बहुत जरूरी है। करेले का जूस मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और वजन घटाने में मदद करता है। यह कैलोरी में कम और फाइबर से भरपूर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है।
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर- करेले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। डायबिटीज के मरीजों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस ज्यादा होता है, जिसे करेले का जूस कम करने में मदद करता है।
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करेले का जूस बनाने का तरीका
सामग्री:
- 2 मध्यम आकार के करेले
- 1 छोटा चम्मच नींबू का रस
- स्वादानुसार काला नमक
- आधा कप पानी
बनाने की विधि
- सबसे पहले करेले को अच्छी तरह धो लें और उन्हें छील लें। अगर आप चाहें तो करेले को छीले बिना भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- करेले को लंबाई में काटें और बीज निकाल दें। बीज निकालना जरूरी है, क्योंकि ये कड़वे होते हैं।
- करेले के टुकड़ों को मिक्सर या जूसर में डालें और आधा कप पानी मिलाएं।
- इसे अच्छी तरह ब्लेंड कर लें, जब तक कि यह एक स्मूद जूस की तरह न बन जाए।
- जूस को छलनी या मलमल के कपड़े से छान लें, ताकि गूदा अलग हो जाए।
- अब इसमें नींबू का रस और काला नमक मिलाएं। नींबू का रस जूस की कड़वाहट को कम करने में मदद करता है।
- जूस को तुरंत पी लें। ताजा जूस ही सेहत के लिए सबसे अच्छा होता है।
इन बातों का जरूर ध्यान रखें
करेले का जूस बहुत कड़वा होता है, इसलिए शुरुआत में थोड़ी मात्रा में ही पिएं।
खबरें और भी
प्रेग्नेंट महिलाओं को करेले का जूस पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
अगर आप डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, तो करेले का जूस पीने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें, क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को काफी कम कर सकता है।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।