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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Paris Olympics: कार्बन फुटप्रिंट घटाने के लिए सर्व किए जाएंगे प्लांट बेस्ड फूड्स, देखें ओलंपिक कमेटी का फूड विजन

    Updated: Fri, 26 Jul 2024 04:29 PM (IST)

    26 जुलाई से Paris Olympics 2024 शुरू होने वाला है। खेलों के महाकुंभ के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अलग-अलग देश के कई खिलाड़ी अपना दम-खम दिखा ...और पढ़ें

    ओलंपिक विलेज में सर्व होगी वीगन डिशेज (Picture Credit- Freepik)
    ओलंपिक विलेज में सर्व होगी वीगन डिशेज (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. 26 जुलाई से Paris Olympics 2024 की शुरुआत होने वाली है।
    2. इस दौरान ओलंपिक विलेज में सभी लोगों को प्लांट-बेस्ड डिशेज सर्व की जाएगी।
    3. इस फैसले का मकसद Carbon Footprints को कम करना है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पेरिस में आज यानी 26 जुलाई से खेलों के महाकुंभ (Paris Olympics 2024) की शुरुआत होने वाली है। ओलंपिक 2024 के लिए मंच पूरी तरह तैयार हो चुका है। सीन नदी पर ओपनिंग सेरेमनी के आयोजन के साथ ही पेरिस ओलंपिक 2024 शुरू हो जाएगा। ओलंपिक खेलों में अपना दम-खम दिखाने भारत के 117 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इसी बीच अब ओलंपिक्स एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पेरिस को सस्टेनेबल बनाने के लिए इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी ने यह फैसला किया है कि इस टुर्नामेंट के दौरान पेरिस में शामिल होने वाले सभी लोगों को प्लांट-बेस्ड डाइट दी जाएगी।

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    सर्व किया जाएगा वीगन फूड

    पेरिस ओलंपिक 2024 की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद फूड विजन- पेरिस 2024 (Food Vision - Paris 2024) के यह बताया गया कि कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले एथलीट्स और स्टाफ मेंबर्स को ज्यादातर शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा। इस दौरान ओलंपिक विलेज में ज्यादातर प्लांट बेस्ड खाना होगा और मीट या डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम होगा। इस फैसले के पीछे मकसद एनिमल मीट की खपत को कम करना और इस तरह ग्लोबल ईवेंट के दौरान कार्बन फुटप्रिंट को कम करना है ।

    कार्बन एमिशन कम करना है मकसद

    ओलंपिक कमेटी की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ओलंपिक विलेज में एथलीट्स, स्टाफ मेंबर्स और मीडिया के लिए 13 मिलियन मील डिलीवर किया जाएगा। यह 10 फुटबॉल वर्ल्ड कप टूर्नामेंट्स में दिए गए अमाउंट के बराबर है और दुनिया में सबसे बड़ा इवेंट कैटरिंग ऑपरेशन है। हालांकि, पेरिस ओलंपिक में लगभग 60% फूड्स पौधों पर आधारित होगा। वर्तमान में पेरिस कार्बन एमिशन को लगभग 50% कम करने की योजना बना रहा है।

    लंदन ओलंपिक में एमिशन 3.4 मिलियन मीट्रिक टन था, टोक्यो में यह 1.96 मिलियन मीट्रिक टन था। वहीं, अब पेरिस की योजना इसे घटाकर 1.58 मिलियन मीट्रिक टन तक लाने की है।

    इन बातों पर दिया जाएगा जोर

    इस दौरान पेरिस ओलंपिक का उद्देश्य सिर्फ प्लांट-बेस्ड डाइट को प्रमोट करना ही नहीं, बल्कि देश के सीजनल और लोकल प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना भी है। इसी मकसद से खाने में इस्तेमाल होने वाली 80% सामग्री सीजनल और वहां की लोकल होगी। इसके साथ ही खानपान के लिए सिंगल-यूज्ड प्लास्टिक के इस्तेमाल में 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। टुर्नामेंट पूरा होने के बाद केटरिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजों का 100% रीयूज किया जाएगा। साथ ही फ्री में पानी पीने के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी और दर्शकों को आयोजन स्थलों में रीयूजेबल बोलत लाने की अनुमति होगी।

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