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    क्यों आती है सोते समय मुंह से लार? मामूली समझकर न करें नजरअंदाज, पढ़ें इसे रोकने के आसान तरीके

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 03:03 PM (IST)

    सुबह सोकर उठने पर तकिये पर लार के धब्बे देखना न केवल शर्मिंदगी भरा है, बल्कि यह आपकी सेहत का हाल भी बयां करता है। मुंह से लार निकलना कई बीमारियों का अ ...और पढ़ें

    मुंह से लार निकलना मामूली नहीं, शरीर दे रहा है ये संकेत (Picture Credit - AI-Generated)

    मुंह से लार निकलना मामूली नहीं, शरीर दे रहा है ये संकेत (Picture Credit - AI-Generated)

    HighLights

    1. सोते समय मुंह से लार निकलना एक आम समस्या होती है

    2. मुंह से लार निकलने के ये कारण हो सकते हैं

    3. ड्रूलिंग से बचने के कुछ उपाय

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कई बार लोग सुबह उठते हैं तो देखते हैं कि उनका तकिया गीला है या उनके मुंह के आसपास लार लगी हुई है। ज्यादातर लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह समस्या सिर्फ बच्चों में ही नहीं, बल्कि बड़ों में भी देखने को मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोते समय मुंह से लार निकलना सामान्य नहीं, बल्कि कई बार यह शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है? जी हां, आइए जानें इसके बारे में।

    मेडिकल लैंग्वेज में इसे ड्रूलिंग कहा जाता है और जब यह जरूरत से ज्यादा होने लगे, तो इसे सियालोरिया या हाइपरसेलिवेशन कहा जाता है। ज्यादातर मामलों में यह समस्या गंभीर नहीं होती, लेकिन कई बार ये परेशानी काफी बड़ी भी बन सकती है। आइए जानते हैं इसके कारण और इससे बचने के कुछ उपाय के बारे में।

    सोते समय मुंह से लार क्यों निकलती है?

    सोने की पोजीशन सबसे बड़ा कारण

    अक्सर करवट लेकर या पेट के बल सोने वालों में ड्रूलिंग ज्यादा देखी जाती है। ग्रैविटी की वजह से लार मुंह में रुकने के बजाय बाहर की ओर बहने लगती है। खासकर उन लोगों में, जो मुंह से सांस लेते हैं।

    साइनस की समस्या

    सर्दी, जुकाम, एलर्जी या साइनस इन्फेक्शन के कारण जब नाक बंद रहती है, तो हमें मजबूरी में मुंह से सांस लेना पड़ता है। जिससे मुंह खुला रहता है और लार बाहर निकल जाती है। यह समस्या उन लोगों के लिए आम है, जिन्हें साइनस की समस्या है।

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    दवाओं का साइड इफेक्ट

    बता दें कि कुछ दवाओं के कारण भी मुंह से लार निकलने की समस्या होती है। खासतौर पर मानसिक बीमारियों में दी जाने वाली एंटी-साइकोटिक दवाएं, अल्जाइमर की दवाएं और कुछ एंटीबायोटिक्स ड्रूलिंग का कारण बन सकती है।

    स्लीप एपनिया का खतरा

    अगर लार निकलने के साथ तेज खर्राटे, सुबह गला सूखा लगना और रात में हांफकर उठना जैसे लक्षण दिखें, तो यह स्लीप एपनिया का संकेत भी हो सकता है। यह एक गंभीर नींद से जुड़ी बीमारी है, जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती है।

    इससे बचने के उपाय

    • सोने की पोजिशन बदलें।
    • मुंह और दांतों की नियमित सफाई रखें।
    • मैंडिब्यूलर डिवाइस का इस्तेमाल करें।
    • CPAP मशीन का यूज करें।
    • घरेलू उपाय अपनाएं जैसे नींबू का टुकड़ा चूसना और पर्याप्त पानी पीना। 

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    Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।