माइग्रेन के दर्द को जड़ से समझना है जरूरी: वो 6 बातें जो आपको कोई नहीं बताता, आज ही जान लें
माइग्रेन, ब्रेन और नर्वस सिस्टम से जुड़ा डिसऑर्डर है, जिसमें तेज सिरदर्द होना इसके प्रमुख लक्षणों में से एक माना जाता है। लेकिन यह भी सच है कि हर सिरद ...और पढ़ें
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माइग्रेन से जुड़े 6 आम मिथक, जानें सच्चाई और सही इलाज (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। काफी सारे लोगों को आपने सिरदर्द होने पर यह कहते सुना होगा कि उन्हें माइग्रेन हो रहा है। जबकि माइग्रेन का दर्द सिर के एक तरफ और धमक के साथ होने वाला दर्द है। इसमें रोशनी, आवाज से परेशानी महसूस होती है और लक्षण बढ़ जाने पर मितली या उल्टी भी हो सकती है।
माइग्रेन से पीड़ित लोग भी कई बार इससे जुड़े मिथकों को सच मान लेते हैं और इससे होने वाली परेशानियों सहते रहते हैं। इस आर्टिकल में हम ऐसे ही कुछ मिथकों के बारे में चर्चा करेंगे जोकि आमतौर पर हमें देखने और सुनने को मिलते हैं।
हर सिरदर्द माइग्रेन होता है
ये एक तरह के लग सकते हैं, लेकिन सिरदर्द के 150 टाइप होते हैं और उनमें से माइग्रेन भी एक है। यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है जिसमें दर्द कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों तक बना रह सकता है।
सिर्फ यही नहीं है इसका लक्षण
तेज सिरदर्द से ही माइग्रेन का पता लगाया जा सकता है, लेकिन इसके साथ ही कुछ लोगों को मितली, रोशनी और आवाज से परेशानी, देखने में दिक्कत, थकान या नींद न आना, सुन्नपन या झुनझुनी जैसी परेशानियां भी होती हैं।
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सभी माइग्रेन एक होते हैं
इसके कई लक्षण होते हैं, इसलिए दो लोगों के माइग्रेन की समस्या आपस में मिलती-जुलती हो जरूरी नहीं। माइग्रेन में बस एक बात कॉमन होती है कि चाहे लक्षणों में कितना भी फर्क क्यों ना हो इस दौरान लोगों का पढ़ना, स्क्रीन देखना या किसी से बात कर पाना मुश्किल होता है।
सिर्फ महिलाओं को ही होती है यह परेशानी
महिलाओं में इसके होने का प्रतिशत ज्यादा है, क्योंकि नेचुरल हॉर्मोन साइकिल की वजह से यह उनमें ट्रिगर का काम करता है। यही वजह है कि माहवारी के दौरान महिलाओं को माइग्रेन के एपिसोड ज्यादा होते हैं। पुरुषों को भी यह परेशानी हो सकती है।
सिर्फ बड़ों को ही होता है
जिस तरह माइग्रेन किसी भी जेंडर को हो सकता है, वैसे ही इसमें उम्र की भी कोई सीमा नहीं होती। बच्चे भी इसके शिकार हो सकते हैं। हालांकि, उनमें यह माइल्ड रूप में सामने आता है।
माइग्रेन का कोई इलाज नहीं
लोग इस बात से समझौता कर लेते हैं कि अब माइग्रेन हो गया है तो पूरी जिंदगी इसके साथ जीना है। हालांकि, माइग्रेन के लक्षणों को कम करने या मैनेज करने के लिए प्रीवेंटिव दवाएं भी मौजूद हैं। दर्द के दौरान भी उसकी तीव्रता को कम करने के लिए दवाएं ली जा सकती हैं। इस बारे में अपने डॉक्टर से जरूर बात करें।