यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हैदराबाद के 84% आईटी कर्मचारी फैटी लिवर के शिकार, जानें किन लक्षणों से कर सकते हैं इसकी पहचान
एक स्टडी के मुताबिक हैदराबाद के 84% आईटी कर्मचारी फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे हैं। यह आंकड़ा बताता है कि खराब लाइफस्टाइल का हमारे लिवर पर कितना बुर ...और पढ़ें

HighLights
- फैटी लिवर एक बेहद गंभीर समस्या है
- हैदराबाद के 84% आईटी कर्मचारी फैटी लिवर से जूझ रहे हैं
- फैटी लिवर का इलाज जल्दी न कराया जाए, तो यह धीरे-धीरे लिवर को डैमेज कर सकता है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट जर्नल में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार हैदराबाद के 84% आईटी कर्मचारी फैटी लिवर (Fatty Liver in IT Employees) की समस्यासे पीड़ित हैं। दरअसल, फैटी लिवर एक ऐसी कंडीशन है जिसमें लिवर में ज्यादा फैट जमा हो जाता है, जो धीरे-धीरे लिवर को नुकसान पहुंचाता है।
इसलिए जरूरी है कि हम फैटी लिवर के कारणों और लक्षणों (Symptoms of Fatty Liver) को समझें, ताकि इससे बचाव के लिए सही कदम उठा सकें। आइए जानते हैं कि फैटी लिवर क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्यों होता है फैटी लिवर?
- अनहेल्दी डाइट- ज्यादा तला-भुना, फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड और स्वीट ड्रिंक्स की वजह से लिवर पर ज्यादा दबाव पड़ता है। साथ ही, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, जैसे- मैदा, सफेद चावल आदि और ट्रांस फैट से भरपूर खाना फैटी लिवर का अहम कारण हैं।
- फिजिकल इनएक्टिविटी- लंबे समय तक बैठकर काम करना और एक्सरसाइज की कमी मोटापे और फैटी लिवर को बढ़ावा देती है।
- मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस- मोटापा, डायबिटीज और मेटाबॉलिक सिंड्रोम वाले लोगों में फैटी लिवर का खतरा ज्यादा होता है।
- शराब पीना- शराब लिवर के सेल्स को नुकसान पहुंचाती है, जिससे अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (AFLD) हो सकता है।
- तनाव और नींद की कमी- पूरी नींद न लेना और लगातार स्ट्रेस लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं और फैटी लिवर का बड़ा कारण भी हैं।
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फैटी लिवर के लक्षण कैसे होते हैं?
शुरुआती स्टेज में फैटी लिवर के कोई खास लक्षण नहीं दिखाई देते, लेकिन जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ती है, कुछ ऐसे संकेत दिख सकते हैं-
- थकान और कमजोरी
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या भारीपन
- भूख कम लगना
- वजन घटना
- पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना)
- पैरों में सूजन
- त्वचा में खुजली
- सांस फूलना
- हथेली लाल होना
- मकड़ी के जाले जैसे ब्लड वेसल्स दिखना
अगर समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकता है।
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फैटी लिवर से बचाव के उपाय
- हेल्दी डाइट लें- ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और हाई-फाइबर से भरपूर फूड्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, जैसे- मछली, अखरोट, फ्लैक्ससीड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स, जैसे- बेरीज, हल्दी आदि को डाइट में जरूर शामिल करें।
- नियमित एक्सरसाइज करें- हर दिन कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी,जैसे- वॉकिंग, योग या साइक्लिंग जरूर करें।
- वजन कंट्रोल करें- मोटापा कम करने से लिवर पर जमा फैट कम होता है। इसलिए अगर आपका वजन ज्यादा है, तो डाइट और एक्सरसाइज की मदद से वेट लॉस करें।
- शराब और स्मोकिंग से परहेज- शराब और सिगरेट लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए इनसे दूर रहें।
- हाइड्रेटेड रहें- भरपूर पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और लिवर हेल्दी रहता है।
- डॉक्टर से सलाह- अगर आपको लगता है कि आप में फैटी लिवर के लक्षण नजर आ रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
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Source:
Nature: https://www.nature.com/articles/s41598-025-91482-2
Mayo Clinic: https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/nonalcoholic-fatty-liver-disease/symptoms-causes/syc-20354567