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क्या बात-बात पर खो देते हैं आप अपना आपा? भ्रामरी प्राणायाम है इसका रामबाण, रोज करें सिर्फ 5 मिनट

Published: Mon, 24 Aug 2026 07:00 AM (IST)

दिनभर की मानसिक थकान दूर करने और मन को खुश करने का सबसे सरल उपाय।

मन की शांति और सुकून के लिए भ्रामरी प्राणायाम (Image Source: AI Generated)

मन की शांति और सुकून के लिए भ्रामरी प्राणायाम (Image Source: AI Generated)

HighLights

  1. तनाव, चिड़चिड़ापन और एंग्जायटी से तुरंत राहत मिलती है

  2. सिरदर्द, माइग्रेन और हाई बीपी में भी सहायक

  3. मन को शांत करने और ध्यान के लिए उत्तम

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। काम का प्रेशर, कम नींद लेना और बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल ये सभी कारण गुस्सा और चिड़चिड़ेपन का कारण बनते हैं। इसकी वजह से हमें तो नुकसान होता ही है, साथ ही दूसरों से रिश्ते भी खराब होते हैं। 

अगर आप इस समस्या का लंबे समय से सामना कर रहे हैं तो भ्रामरी प्राणायाम इसमें मैजिक जैसा काम कर सकता है। यहां बताए गए स्टेप्स फॉलो करके भ्रामरी प्राणायाम को अपने रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है। 

क्या है भ्रामरी प्राणायाम? 

भ्रामरी प्राणायाम कुछ नहीं केवल सांस लेने और छोड़ने से जुड़ी एक प्रक्रिया है। इसकी मदद से बड़ी ही आसानी से मन को शांत किया जा सकता है। इसके नाम की उत्पत्ति भंवरा शब्द से हुई है, दरअसल भ्रामरी करते समय जो सांस छोड़ी जाती है उसमें भंवरे की ध्वनि से मिलती-जुलती गूंज निकलती है। 

भ्रामरी प्राणायाम कैसे करें? 

  1. किसी शांत और हवादार कमरे में मैट बिछाकर एकदम सीधे बैठ जाएं। 

  2. आंखे बंद करके अपने चेहरे पर हल्की सी मुस्कान रखें। 

  3. अपने इंडेक्स फिंगर को कान की बीच कार्टिलेज पर रख लें। 

  4. अब गहरी सांस लें और जैसे ही सांस छोड़ें तो कान के पास कार्टिलेज को उंगलियों से हल्का सा दबाएं। 

  5. इस दौरान भिनभिनाती हुई ध्वनि निकालनी है, बेहतर परिणाम के लिए तेज ध्वनि निकालने की सलाह दी जाती है। 

  6. इसके बाद फिर से सांस लें और इस प्रोसेस को दोहराएं। 

  7. भ्रामरी प्राणायाम को कम से कम 3-4 बार इसी प्रक्रिया में दोहराना है। 

भ्रामरी प्राणायाम के फायदे 

  1. इसकी मदद से लंबे समय के तनाव, चिड़चिड़ापन और एंग्जायटी से तुरंत आराम मिल सकता है। 

  2. सिर दर्द और चिलचिलाती गर्मी से राहत पाई आज सकती है। 

  3. जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या रहती है उनके लिए भ्रामरी रामबाण इलाज से कम नहीं। 

  4. हाई बीपी की परेशानी कम करने में भी मददगार। 

  5. ध्यान करने के लिए बेस्ट वॉर्म अप एक्सरसाइज। 

किन बातों का रखें ध्यान? 

भ्रामरी प्राणायाम करते समय कई तरह सावधानियां बरती जानी चाहिए। पहली तो यह कि इंडेक्स फिंगर को कान के अंदर नहीं बल्कि कार्टिलेज पर ही रखना है। वहीं, सांस छोड़ते समय बहुत तेजी से कार्टिलेज को नहीं दबाना है। जब ध्वनि निकालना शुरू करते समय अपना मुंह बंद रखना है। साथ ही, चेहरे पर प्रेशर न देते हुए इसे दिन में 3-4 बार से ज्यादा न दोहराएं।