टीनएजर्स में भी हो सकती हैं आर्टरीज ब्लॉक! जानें हार्ट अटैक के लक्षण और बचाव के जरूरी उपाय
आजकल किशोरों में भी ब्लॉक्ड आर्टरीज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है, जिसका मुख्य कारण असंतुलित खानपान और जीवनशैली है। ...और पढ़ें

किशोरों में ब्लॉक्ड आर्टरीज के लक्षण और हार्ट अटैक रोकने के प्रभावी उपाय (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में हार्ट डिजीज अब सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रही, बल्कि किशोर भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। असंतुलित खानपान, कम फिजिकल एक्ट्विी और स्ट्रेसफुल लाइफ स्टाइल के कारण कम उम्र में ही ब्लॉक्ड आर्टरीज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है।
यह स्थिति न केवल किशोरों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि उनके भविष्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। इस विषय पर यहां विशेष जानकारी दी गई है आइए जानते हैं इनके बारे में-
ऐसा क्यों होता है
किशोरावस्था में शरीर और मेटाबॉलिज्म तेजी से बदलते हैं, लेकिन आजकल की आदतें इस नेचुरल विकास को नुकसान पहुंचाती हैं। जंक फूड, पैकेज्ड स्नैक्स, स्वीट ड्रिंक्स और अत्यधिक तेल-मसाले वाला खाना बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर आर्टरीज में चर्बी जमाता है। इसके साथ ही घंटों मोबाइल/कंप्यूटर पर बैठना, नींद की कमी, मेंटल स्ट्रेस और फिजिकल एक्टिविटीज का अभाव भी हार्ट पर दबाव डालते हैं। अगर कहीं किशोर धूम्रपान या अल्कोहल जैसी गलत आदतों में पड़ जाते हैं तो यह जोखिम और भी बढ़ जाता है।
किशोरों में ब्लॉक्ड आर्टरीज के कॉमन लक्षण
- हल्की गतिविधि करने पर भी थकान आ जाना।
- सीढ़ियां चढ़ने या तेज चलने पर सांस लेने में कठिनाई।
- बीच-बीच में छाती में दबाव या भारीपन महसूस होना।
- तेज धड़कन की समस्या।
- मस्तिष्क तक ब्लड सप्लाई कम होने पर, ऐसा होता है।
- ये ब्लड फ्लो रुकने का संकेत।
- ये हाई ब्लड प्रेशर या कमजोर ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ा लक्षण है।
हार्ट अटैक के जोखिम को रोकने के उपाय
हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें और नट्स को डाइट का हिस्सा बनाएं। जंक फूड और स्वीट ड्रिंक्स को सीमित करें।
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