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    क्‍या थ्रेड‍िंग करवाने से भी फेल हो सकता है Liver? पार्लर जाने से पहले पढ़ लें डॉक्‍टर की ये चेतावनी

    Updated: Sat, 09 Aug 2025 01:24 PM (IST)

    फैशन और सौंदर्य के साथ त्वचा की देखभाल भी जरूरी है। थ्रेडिंग सबसे आम सौंदर्य प्रक्रियाओं में से एक है। डॉक्‍टरों के अनुसार यदि पार्लर में स्वच्छता का ...और पढ़ें

    Threading करवाते समय किन बातों का रखें ध्‍यानI (Image Credit- Freepik)
    Threading करवाते समय किन बातों का रखें ध्‍यानI (Image Credit- Freepik)

    HighLights

    1. थ्रेड‍िंग सभी मह‍िलाएं करवाती हैं।
    2. पार्लर में कुछ बातों का ध्‍यान रखना चाह‍िए।
    3. इससे ल‍िवर की बीमार‍ियां बढ़ सकती हैं।

    लाइफस्‍टाइल डेस्‍क, नई द‍िल्‍ली। फैशन की दुन‍िया में बहुत कुछ होता है। फैशन की बात जब भी होती है तो स‍िर्फ मेकअप या कपड़ों का ही ज‍िक्र नहीं होता, बल्‍क‍ि स्‍क‍िन केयर को भी फैशन का ही ह‍िस्‍सा माना जाता है। लड़क‍ियां हों या मह‍िलाएं, वो थ्रेड‍िंग, वैक्‍स‍िंग से लेकर क्‍लीन‍ज‍िंग, फेशि‍यल, ब्‍लीच, पेड‍िक्‍योर-मैन‍िक्‍योर और न जाने क्‍या-क्‍या करवाती हैं। इससे पूरी शरीर की सफाई भी होती है और त्‍वचा भी न‍िखर जाती है।

    इन सबमें थ्रेड‍िंग ही है जो सबसे ज्‍यादा कराई जाती ह‍ै। आमतौर पर तो थ्रेडिंग लि‍वर को नुकसान नहीं पहुंचाती है। लेकिन अगर पार्लर में एक ही थ्रेड कई कस्टमर्स पर इस्तेमाल किया जाए या बेसिक हाइजीन जैसे टूल्स को सैनिटाइज करना और हाथ धोना जैसी चीजों को इग्‍नोर क‍िया जाए ताे ये हमारे ल‍िवर पर बुरा असर डाल सकती है। आज का हमारा लेख भी इसी व‍िषय पर है। हम आपको इस बारे में व‍िस्‍तार से जानकारी देने जा रहे हैं।

    आईब्रो थ्रेडिंग के बाद हुआ लिवर फेलियर

    ए‍क ऐसा मामला सामने आया है जब महिला को आईब्रो थ्रेडिंग के बाद लिवर फेलियर हुआ। इस पर डॉ. अदिति धामिजा (एमबीबीएस) ने हाल ही में एक वायरल इंस्टाग्राम रील में इसी बात की चेतावनी दी। उन्‍होंने बताया क‍ि एक 28 साल की महिला लोकल पार्लर में आइब्रो थ्रेडिंग के लिए गई थी और कुछ दिनों बाद उसे लिवर फेलियर का सामना करना पड़ा। इसका कारण वायरल हेपेटाइटिस था, जो शायद इस्तेमाल किए हुए धागे से फैला हो।

    डॉक्‍टर ने दी जानकारी

    ये भले ही सुनने में आपको अजीब लग रहा हाे, लेकिन ये सिर्फ इंटरनेट पर फैला डर नहीं है। अब आप सोच रहे होंगे क‍ि क्या थ्रेडिंग से लिवर को नुकसान पहुंचाने वाला वायरस लग सकता है? इस पर डॉक्‍टर ने कहा क‍ि अगर पार्लर में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है तो ऐसा हो सकता है।

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    कैसे शरीर में पहुंच जाते हैं वायरस

    बताया क‍ि थ्रेडिंग के दौरान त्वचा पर बहुत छोटे-छोटे कट या स्क्रैच हो सकते हैं, जो हेपेटाइटिस B या C जैसे ब्लड-बॉर्न वायरस को शरीर में प्रवेश करने का मौका देते हैं। आपकाे बता दें क‍ि ये वायरस अक्सर तुरंत लक्षण नहीं दिखाते, बल्कि चुपचाप लि‍वर को सालों तक नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर इलाज ना हो, तो ये बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

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    इन बीमार‍ियों का बढ़ जाता है खतरा

    • पीलिया
    • लि‍वर में सूजन
    • क्रॉनिक हेपेटाइटिस
    • लि‍वर फेल्योर
    • ल‍िवर कैंसर

    थ्रेडिंग खुद में खतरनाक नहीं है, लेकिन अगर पार्लर में एक ही थ्रेड अलग-अलग लोगों पर इस्तेमाल हो रहा है, या साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा, तो खतरा बढ़ सकता है। हेपेटाइटिस वायरस शरीर के बाहर भी काफी समय तक जिंदा रह सकता है।

    थ्रेड‍िंग कराते समय इन बातों का रखें ध्‍यान

    • हर बार नया थ्रेड इस्तेमाल हो।
    • अगर पार्लर वाला हिचकिचाए, तो वहां से उठ जाएं।
    • हाथ साफ और सैनिटाइज हों या फिर ग्लव्स पहने जाएं।
    • हेपेटाइटिस B का टीका लगवाएं।
    • शरीर के संकेतों पर ध्यान दें जैसे थकान, आंखों में पीलापन, या पेशाब का रंग गहरा हो तो टेस्ट करवाएं।

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