यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Cancer Preventing Foods: कैंसर को रोकने में मददगार हैं ये विटामिन्स और मिनरल्स, आज ही करें डाइट में शामिल
Cancer Preventing Foods कैंसर एक गंभीर बीमारी हैं जो इन दिनों कई लोगों को प्रभावित करता है। यह बीमारी जानलेवा तक साबित हो सकती है अगर समय रहते इसका इल ...और पढ़ें

HighLights
- लोग इन दिनों अपनी बिगड़ती लाइफस्टाइल की वजह से कई बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
- कैंसर इन्हीं गंभीर बीमारियों में से एक है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है।
- आप अपनी डाइट में इन विटामिन और मिनरल को शामिल कर कैंसर से बचाव कर सकते हैं।
नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Cancer Preventing Foods: कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो दुनियाभर में होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसका अगर सही समय पर इलाज नहीं किया जाए, तो जानलेवा भी साबित हो सकती है। लोगों को कैंसर से बचाव के लिए स्वस्थ भोजन करने, धूम्रपान और शराब से परहेज करने आदि की सलाह दी जाती है। ऐसे में आज हम इस आर्टिकल में आपको विभिन्न मिनरल्स और विटामिन्स के बारे में बताएंगे, जो शरीर में कैंसर के विकास को रोकने की क्षमता रखते हैं।
विटामिन सी और ई
ये विटामिन एंटीऑक्सीडेंट्स हैं, जो सेल्स को फ्री रेडिकल्स से होने वाले डैमेज से बचाने में मदद करते हैं, जो कैंसर के विकास में योगदान कर सकते हैं। विटामिन सी और ई में कार्सिनोजेनेसिस को रोकने की क्षमता होती है। वे कैंसर सेल्स की वृद्धि और कार्सिनोजेन-प्रेरित डीएनए डैमेज को रोकने के लिए जाने जाते हैं। इन विटामिनों से भरपूर खाद्य पदार्थों में फल (खट्टे फल, बेरीज), सब्जियां (गाजर, पालक, ब्रोकोली) और नट्स शामिल हैं।
विटामिन डी
विटामिन डी मजबूत हड्डियों और स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि पर्याप्त विटामिन डी का स्तर कुछ कैंसर के कम जोखिम से जुड़ा हो सकता है। कई अध्ययनों ने विटामिन डी और रोकथाम में इसकी भूमिका के बीच संबंध खोजने के लिए काम किया है। अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से विटामिन डी3 की खुराक लेते हैं, उनमें मेलेनोमा, कोलोरेक्टल कैंसर और स्तन कैंसर विकसित होने का जोखिम कम होता है। विटामिन डी के प्राकृतिक स्रोतों में सूर्य की रोशनी, फैट युक्त मछली (सैल्मन, मैकेरल), और फोर्टिफाइड फूड शामिल हैं।
विटामिन K
विटामिन K खून के थक्के जमाने में अपनी भूमिका के लिए जाना जाता है, हालांकि, कुछ शोध से यह भी पता चलता है कि इसमें एंटी-कैंसर गुण भी हो सकते हैं। अध्ययन में पता चला है कि विटामिन K की मदद से कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद मिलती है। हरी पत्तेदार सब्जियां, जैसे केल और पालक, विटामिन K के अच्छे स्रोत हैं।
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सेलेनियम
सेलेनियम एक ट्रेस मिनरल है, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और डीएनए की रिपेयरिंग में मदद करता है। अध्ययनो में पता चला है कि हाई सेलेनियम वाले फूड आइटम्स के सेवन से कैंसर का जोखिम 31% कम हो सकता है और कैंसर से होने वाली मौतों का जोखिम 45% कम होता है। सेलेनियम नट्स, सी-फूड्स और साबुत अनाज जैसे फूड आइटम्स में पाया जाता है।
जिंक
जिंक प्रतिरक्षा कार्य और कोशिका वृद्धि के लिए आवश्यक है। साथ ही यह कैंसर को रोकने में भी मदद करता है। ऑक्सीडेटिव तनाव को नियंत्रित करने में जिंक की भूमिका को देखते हुए कैंसर पर भी इसका सुरक्षात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि, जिंक की ज्यादा खुराक लेने से प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा हो सकता है। मांस, फलियां और नट्स जैसे खाद्य पदार्थ जिंक के अच्छे सोर्स हैं।
विटामिन बी
विभिन्न विटामिन बी, जैसे बी6, बी12, और नियासिन (बी3), सेल्स मेटाबॉलिज्म और डीएनए की रिपेयरिंग में भूमिका निभाते हैं। ये विभिन्न प्रकार के फूड आइटम्स में पाएं हैं, जिनमें लीन मीट्स, मछली, साबुत अनाज और बेरीज शामिल हैं। फोलेट सेल डिवीजन और डीएनए सिंथसिस के लिए जरूरी है। यह पत्तेदार साग, बेरीज और फोर्टिफाइड फूड्स में पाया जाता है। कुछ प्रकार के कैंसर, जैसे कोलोरेक्टल कैंसर को रोकने के लिए पर्याप्त फोलेट का सेवन जरूरी है।
मैग्नीशियम
मैग्नीशियम शरीर में सैकड़ों बायोकेमिकल प्रतिक्रियाओं में शामिल होता है और पूरे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। जानवरों पर किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं में पाया है कि मैग्नीशियम का कैंसर के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह खनिज नट्स, बीज, साबुत अनाज और पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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