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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्या सच में किसी के याद करने पर आती है हिचकी या इसके पीछे भी है कोई साइंस, यहां जानें सच्चाई

    Updated: Fri, 29 Nov 2024 05:24 PM (IST)

    हम सभी को अक्सर अचानक ही हिचकी परेशान करने लगती है और हम यह मान लेते हैं कि कोई हमें याद कर रहा है। लेकिन क्या सच में किसी के याद करने पर हिचकी (Hiccu ...और पढ़ें

    क्यों आती है हिचकी और क्या है इसका साइंस (Picture Credit- Freepik)
    क्यों आती है हिचकी और क्या है इसका साइंस (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. अक्सर हमें अचानक ही हिचकी परेशान करने लगती है।
    2. ऐसा माना जाता है कि किसी के याद करने पर हिचकी आती है।
    3. हालांकि, सच यह है कि इसके पीछे असल में साइंस होता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क ,नई दिल्ली। अक्सर हिचकी आने पर आपने लोगों को यह कहते सुना होगा कि कोई याद कर रहा होगा। आमतौर पर हिचकी आने पर लोग यही मानते हैं और उन लोगों का नाम मन में दोहराने लगते हैं, तो आपको याद कर सकता है। हिचकी (Causes of hiccups) से जुड़ी यह धारणा मन को खुश करने के लिए काफी अच्छा है, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल उलट है। दरअसल, हिचकी आने के पीछे का कारण किसी को याद करना नहीं, बल्कि साइंस (Causes of hiccups) होता है। साइंस की भाषा में अगर कहे तो आपके डायाफ्राम की बार-बार होने वाली ऐंठन की वजह से हिचकी आती है। आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे हिचकी (Hiccups myths and facts) आने के पीछे के इसी साइंस के बारे में-

    क्या आती है हिचकी?

    क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक हिचकी अक्सर कुछ समय के लिए परेशान करने वाली कंडीशन से ज्यादा कुछ नहीं होती। अगर आप बहुत तेजी से खाते हैं या फिजी पॉप पीते हैं, तो अचानक हिचकी आ सकती है। यह आपके डायाफ्राम की बार-बार होने वाली ऐंठन है, जो आपके वॉकल कॉर्ड्स के बंद होने से आने वाली "हिक" साउंड के साथ सुनाई देती है।

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    आपका डायाफ्राम एक पतली, गुंबद के आकार की मांसपेशी है, जो आपकी छाती को आपके पेट से अलग करती है। जब आप सांस लेते हैं तो यह नीचे की ओर बढ़ती है और जब आप सांस छोड़ते हैं तो यह ऊपर की ओर बढ़ती है। ऐसे में जब आपको हिचकी आती है, तो दो चीजें होती हैं-

    • सांसों के बीच आपका डायाफ्राम अचानक नीचे की ओर खिंच जाता है, जिससे आप तेजी से हवा खींचने लगते हैं।
    • ज्यादा हवा को अंदर आने से रोकने के लिए ग्लोटिस (आपके वोकल कॉर्ड के बीच का स्थान) अचानक बंद हो जाता है।

    हिचकी के प्रकार

    आमतौर पर हिचकी कितनी तरह की होती है, इसे इस आधार पर बांटा जाता है कि वह कितने समय तक रहती हैं:-

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    • अस्थायी हिचकी (Transient/temporary hiccups)- यह कुछ सेकंड या मिनट तक रहती है।
    • लगातार हिचकी (Persistent hiccups)- यह 48 घंटे से ज्यादा, एक महीने तक बनी रहती है।
    • असाध्य हिचकी (Intractable hiccups)- हिचकी का यह प्रकार एक महीने से ज्यादा समय तक बना रहता है।
    • बार-बार हिचकी आना (Recurrent hiccups)- इसमें कुछ-कुछ मिनट में बार-बार हिचकी आती रहती हैं।

    क्या सभी हिचकी सामान्य होती हैं?

    हिचकी आमतौर पर बिना किसी इलाज के अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन, कुछ लोगों को हिचकियां सामान्य से ज्याद समय तक चलती रहती हैं। अगर आपको हिचकी दो दिनों से उससे ज्यादा समय तक बनी रहे तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यह किसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है, जिसके लिए मेडीकल केयर की जरूरत पड़ सकती है।

    हिचकी से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये उपाय-

    • थोड़ी देर के लिए अपनी सांस रोकें।
    • ठंडा पानी पिएं।
    • अपनी आंखों पर दबाव दें।
    • अपनी जीभ खींचें।
    • एक नींबू खाएं।
    • एक पेपर बैग (प्लास्टिक नहीं) में सांस लें।
    • एक चम्मच चीनी निगल लें।
    • बर्फ का पानी पिएं या गरारे करें।

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