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    Childhood Cancer Awareness Month 2025: बच्चों में आम हैं ये 5 तरह के कैंसर, इन लक्षणों से करें पहचान

    Updated: Sun, 07 Sep 2025 12:24 PM (IST)

    बच्चों में कैंसर होने वाला कैंसर वयस्कों से काफी अलग होता है। जन्म से लेकर 14 साल की उम्र तक होने वाले कैंसर के चाइल्डहुड कैंसर कहते हैं जो ज्यादातर ज ...और पढ़ें

    ये हैं बच्चों में होने वाले सबसे कॉमन कैंसर (Picture Courtesy: Freepik)
    ये हैं बच्चों में होने वाले सबसे कॉमन कैंसर (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. बच्चों में होने वाले कैंसर को चाइल्डहुड कैंसर कहा जाता है
    2. यह जन्म से लेकर 14 साल की उम्र तक होता है
    3. इस कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए चाइल्डहुड कैंसर अवेरयनेस मंथ मनाते हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कैंसर शब्द सुनते ही मन में डर पैदा होना स्वाभाविक है, खासकर जब यह बच्चों से जुड़ा हो (Childhood Cancer)। वयस्कों की तुलना में बच्चों में कैंसर कम ही देखने को मिलता है, लेकिन फिर भी यह बीमारी बचपन में होने वाली बीमारियों और मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है।

    इस बारे में लोगों को जागरूक बनाने के लिए हर साल सितंबर के महीने में चाइल्डहुड कैंसर अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है। दरअसल, चाइल्डहुड कैंसर जन्म से लेकर 14 साल की उम्र तक होने वाले कैंसर को कहा जाता है। यह वयस्कों में होने वाले कैंसर के काफी अलग होता है। आइए जानते हैं बचपन में होने वाले पांच सबसे सामान्य कैंसर (Common Cancer Among Children) और उनके लक्षणों के बारे में।

    ल्यूकेमिया

    ल्यूकेमिया बच्चों में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है, जो ब्लड और बोन मैरो से शुरू होता है। इसमें शरीर व्हाइट ब्लड सेल्स को असामान्य और बहुत ज्यादा संख्या में उत्पादन करने लगता है।

    • लक्षण- थकान, कमजोरी और पीलापन, बार-बार बुखार और इन्फेक्शन, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, आसानी से चोट लगना या खून बहना, भूख न लगना और वजन कम होना

    लिम्फोमा

    यह कैंसर लिम्फैटिक सिस्टम, जो शरीर के इम्यून सिस्टम में शुरू होता है। यह लिम्फ नोड्स को प्रभावित करता है।

    • लक्षण- गर्दन, बगल या कमर में बिना दर्द वाली, बढ़ी हुई गांठें (सूजी हुई लिम्फ नोड्स), बुखार, पसीना (खासकर रात में), वजन कम होना, थकान और खांसी या सांस लेने में तकलीफ।

    ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर

    ये बच्चों में होने वाले सॉलिड ट्यूमर में सबसे आम हैं। ये ट्यूमर दिमाग या रीढ़ की हड्डी के अलग-अलग हिस्सों में हो सकते हैं।

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    • लक्षण- सिरदर्द (खासकर सुबह उठने पर या उल्टी करने के बाद बेहतर होना), उल्टी आना या जी मिचलाना, देखने, सुनने या बोलने में समस्या, चलने या संतुलन बनाने में परेशानी, मनोदशा या व्यवहार में बदलाव, दौरे पड़ना।

    ऑस्टियोसारकोमा

    यह हड्डियों का कैंसर है, जो आमतौर पर बच्चों और किशोरों की लंबी हड्डियों में विकसित होता है।

    • लक्षण- प्रभावित हड्डी में दर्द (जो रात में या शारीरिक गतिविधि के दौरान बढ़ सकता है), हड्डी के आसपास सूजन या रेडनेस, हड्डी का आसानी से टूटना, चलने-फिरने में दिक्कत अगर ट्यूमर पैर में है।

    न्यूरोब्लास्टोमा

    यह कैंसर शरीर के सिंपेथेटिक नर्वस सिस्टम की इममैच्योर सेल्स में शुरू होता है। यह अक्सर पेट या छाती में एडरनल ग्लैंड या नर्वस में विकसित होता है।

    • लक्षण- पेट में दर्द या पेट में एक गांठ महसूस होना (जिससे भूख कम लग सकती है), हड्डियों में दर्द, बुखार, आंखों के आसपास चोट जैसा निशान पड़ना या आंखों में बदलाव, त्वचा पर नीले-बैंगनी रंग के धब्बे।

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    Source: 

    • American Cancer Society: https://www.cancer.org/cancer/childhood-cancer.html