यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Children Eye Problem: बच्चों में आंख कमजोर होने के कारण, इसके लक्षण और बचाव के उपाय
Children Eye Problem स्क्रीन पर देर तक देखना आंखों के लिए नुकसान है फिर चाहे वह बड़े हों या बच्चे। तो आई प्रॉब्लम की और क्या वजहें हो सकती हैं लक्षणों ...और पढ़ें

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क, Children Eye Problem: फोन, लैपटॉप और टीवी पर बहुत ज्यादा समय बिताने से हमारी आंखें सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं और बच्चों पर तो इसका और भी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है। लॉकडाउन के दौरान और उसके बाद भी काफी वक्त तक बच्चों की क्लासेज़ ऑनलाइन ही चल रही थी। पढ़ाई के साथ ही बच्चों ने स्मार्ट फोन और टैबलेट पर खेलने में भी बहुत समय बिताया था, जिससे उनकी आंखों में भी कई तरह की समस्याएं देखने को मिली।
स्क्रीन अधिक समय तक देखने से, कम से कम हुई बाहरी गतिविधियों ने, बच्चों में आंखों से जुड़ी समस्याओं की वजह बन सकता है। कुछ बच्चे सिरदर्द, आंखें लाल होना, दृष्टि में स्पष्टता की कमी के बारे में शिकायत करते हैं इसलिए बच्चों की आंखों की जांच करना बहुत ज़रूरी है।
स्क्रीन पर लंबे समय तक देखने के लक्षण
कंप्यूटर और फोन के बहुत ज्यादा इस्तेमाल के कारण अस्थायी रूप से कमजोरी और धुंधली दिखना, आंखों में थकान, सूखी और चिढ़चिढ़ी आंखें, प्रकाश संवेदनशीलता, मांसपेशियों की समस्याएं, सिरदर्द- इन सभी स्थितियों को कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की प्रॉब्लम हो सकती है। लंबे समय तक मॉनिटर को देखने से आंखों में जलन हो सकती है और शुष्क वातावरण और पानी की कमी इन लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। तो, ऐसे कौन से कारण हैं जो इन लक्षणों को जन्म देते हैं?
लक्षणों के कारण
लक्षणों में बिना रूके लगातार कंप्यूटर स्क्रीन को देखना, उन कमरों में खराब प्रकाश व्यवस्था जहां छात्र पढ़ते हैं, कंप्यूटर या लैपटॉप की चकाचौंध, लंबे समय तक आंखों की पलकों को न झपकाना, जो कि बहुत हानिकारक है, आंखों की दृष्टि बाध्यता, बैठने की अनुचित मुद्रा और आंखों की एलर्जी जो अत्यधिक जल्दी हो सकती है, शामिल है। इनमें से कोई भी एक या एक से अत्यधिक लक्षण आंखों की समस्याओं का कारण बन सकता है।
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आपके बच्चे की आंखों को स्वस्थ रखने के कुछ सुझाव
कंप्यूटर और स्क्रीन जैसे टैब या मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न होने वाली आंखों की समस्याओं को दूर करने के लिए आप कई उपाय या समाधान कर सकते हैं।
स्वस्थ आंखों की देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित करें
पढ़ते समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग के दौरान पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। रोजाना रात में कम से कम आठ घंटे की नींद लेना भी आपके बच्चे की आंखों को तनावग्रस्त होने से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है।
बैठने की बेहतर व्यवस्था
यह सुनिश्चित करना अत्यधिक महत्वपूर्ण है कि आपका बच्चा गृह-कार्य करते समय बिस्तार का उपयोग न कर रहा हो। स्क्रीन के काम के लिए उपयुक्त मेज के साथ एक कुर्सी पर बैठना हमेशा बेहतर होता है। ध्यान रहें कि कुर्सी अध्ययन की स्थिति को स्थिर बनाती है।
अपनी आंखें झपकाते रहें
सूखी आंखों की संभावना से बचने के लिए अध्ययन के घंटों के बीच अपनी आंखों को झपकाना महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करने के लिए आंखों की सामने की सतह को नम रखने के लिए पलक झपकाना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, पढ़ने, लिखने और स्क्रीन का उपयोग करते समय हर 30-40 मिनट के बाद नियमित रूप से विराम लेने की अत्यधिक सिफारिश की जाती है।
(डॉ. मुरली कौशिक- अध्यक्ष चिकित्सा प्रशासन, गुणवत्ता एवं शिक्षा, संकरा नेत्र फाउंडेशन इंडिया से बातचीत पर आधारित)
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