Colon Cancer vs Irritable Bowel Syndrome: दोनों के लक्षण एक जैसे, पर बीमारियां अलग; कैसे करें पहचान
गलत खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण लोगों में कई तरह की बीमारियां बढ़ रहीं हैं। उन्हीं में से इरीटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) और कोलन कैंसर एक ...और पढ़ें

HighLights
- खराब खानपान से कई बीमारियां बढ़ रहीं हैं।
- काेलन कैंसर और IBS भी उन्हीं में से एक हैं।
- इनके लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में गलत खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण लोगाें को कई तरह की बीमारियां जकड़ रहीं हैं। उन्हीं में से इरीटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) और कोलन कैंसर एक हैं। ये दोनाें ही डाइजेस्टिव सिस्टम पर बुरा प्रभाव डालते हैं। इनके कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, जैसे पेट में दर्द और सूजन। लेकिन ये दोनों ही अलग-अलग बीमारियां हैं।
आज का हमारा लेख भी इसी विषय पर है। हम आपको इन दोनों बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं। साथ ही इनके लक्षणों और कारणों के बारे में भी विस्तार से जानकारी देंगे ताकि आप बीमारी की सही पहचान कर सकें। आइए जानते हैं विस्तार से -
क्या हैं इरीटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS)?
क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, इरीटेबल बॉवेल सिंड्रोम एक ऐसी बीमारी है जो आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को प्रभावित करती है। ये पेट की एक आम लेकिन बेचैन करने वाली बीमारी है। जिन लोगों को आईबीएस होता है, उन्हें पेट में दर्द और ऐंठन जैसे लक्षण महसूस होते हैं। इसके साथ ही, आपको बार-बार दस्त, कब्ज या दोनों हो सकते हैं। अगर एक बार ये बीमारी हो गई तो इसके इलाज में काफी समय लग सकता है। जबकि अपनी लाइफस्टाइल, खान-पान में बदलाव करके, दवाएं लेकर इसके दर्द से बचा जा सकता है।
क्या है कोलन कैंसर?
कोलन कैंसर को कोलोरेक्टल कैंसर भी कहते हैं। ये लार्ज इंटेस्टाइन में शुरू होता है। ये लंबी नली होती है जो पचा हुआ खाना आपके रेक्टम तक ले जाती है और फिर शरीर से बाहर निकलता है। कोलन कैंसर अक्सर कोलन की अंदरूनी परत में बने छोटे-छोटे पॉलिप्स से बड़ा होता है। अगर कोलन कैंसर की पहचान या इलाज समय पर न हो, तो ये शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है।
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IBS और कोलन कैंसर के कारण
बता दें कि जब आंत की मांसपेशियां ज्यादा सिकुड़ती हैं, जिससे दर्द और ऐंठन होती है। वहीं IBS वाले लोगों में बैक्टीरिया का संतुलन अलग होता है। गंभीर संक्रमण होने के बाद IBS हो सकता है। कुछ तरह के फूड्स इस बीमारी को बढ़ा सकते हैं। अगर बचपन में फिजिकली, मेंटली या सेक्सुअली शोषण हुआ हाेता है तो इस बीमारी की संभावना बढ़ जाती हैं। वहीं दूसरी ओर कोलन कैंसर की बात करें तो ये तब होता है जब आंतों की सेल्स अनियंत्रित रूप से बढ़ने और बंटने लगती हैं। सामान्य सेल्स समय आने पर मर जाती हैं, लेकिन कैंसर सेल्स ऐसा नहीं करतीं और लगातार बढ़ती रहती हैं। स्मोक, शराब पीने वालों, माेटापा, ज्यादा नॉनवेज खाने और व्यायाम की कमी से ये बीमारी बढ़ सकती है।
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IBS के लक्षण?
- पेट दर्द या ऐंठन, जो अक्सर टॉयलेट जाने की इच्छा के साथ हो।
- ज्यादा गैस और पेट में सूजन।
- दस्त, कब्ज या दोनों का बारी-बारी से होना।
- मल में बलगम बनना।
- टॉयलेट के बाद भी पेट पूरी तरह साफ न होना।
कोलन कैंसर के लक्षण?
- मल त्यागने में खून आना
- बिना वजह पेट में दर्द होना
- पेट में सूजन महसूस होना
- बिना वजह वजन कम होना
- बार-बार या ज्यादा उल्टी होना
- थकान और सांस फूलना
IBS के लक्षण बढ़ाने वाले कारण
- कई महिलाओं में पीरियड्स के दौरान लक्षण बढ़ जाते हैं।
- डेयरी, ग्लूटेन या गैस बनाने वाले खाने-पीने की चीजें भी लक्षण को बढ़ा सकती हैं।
- तनाव से लक्षण भड़क सकते हैं, इसलिए इसे कभी-कभी नर्वस स्टमक भी कहते हैं।
IBS के खतरे के कारण
- उम्र 15 से 40 साल के बीच होना।
- महिलाओं में पुरुषों की तुलना में दोगुना खतरा होना।
- चिंता, डिप्रेशन, PTSD का इतिहास होना।
- फाइब्रोमायल्जिया, क्रॉनिक थकान, पेल्विक दर्द जैसी दूसरी पुरानी बीमारियां होना।
कोलन कैंसर के खतरे के कारण
- सिगरेट, तंबाकू, ई-सिगरेट का ज्यादा इस्तेमाल करना।
- ज्यादा शराब पीना।
- वजन का ज्यादा बढ़ना।
- जंक फूड को जरूरत से ज्यादा खाना।
- ज्यादा रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट खाना।
- फिजिकल एक्टिविटीज में कमी होना।
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Source-
- https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/4342-irritable-bowel-syndrome-ibs
- https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/14501-colorectal-colon-cancer