यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
COVID-19: क्या कोविड-19 महामारी बन सकता है हार्ट फेलियर पेंडेमिक की वजह, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
कोविड-19 के नए वेरिएंट JN.1 के कहर के बीच एक बहुत ही चौंकाने वाली बात सामने आई है। जापान के वैज्ञानिकों ने एक रिपोर्ट में बताया कि कोविड-19 की वजह से ...और पढ़ें

HighLights
- कोविड-19 के नए केसेज फिर से सामने आने लगे हैं।
- जापान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 हार्ट फेलियर की वजह हो सकता है।
- कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क और सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। COVID-19: कोविड-19 का बढ़ता कहर एक गंभीर समस्या है। इसी बीच एक नए वेरिएंट JN.1 ने चिंता को और बढ़ा दिया है क्योंकि एसपर्ट्स के मुताबिक यह पुराने वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है। लेकिन एक्सपर्ट्स ने इससे भी खतरनाक बात यह बताई है कि कोविड-19 के संक्रमण की वजह से, हार्ट फेलियर महामारी की शुरुआत हो सकती है। हाल ही में हार्ट फेलियर के बढ़ते मामलों को देखते हुए, यह आने वाले समय के लिए एक बड़े संकट का आगाज हो सकता है।
क्या है इसका कारण...
दरअसल, जपान के रिकेन इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने, इस बारे में आगाह करते हुए बताया कि कोरोना वायरस अपने प्रोटीन को जिस ACE2 रिसेप्टर पर लगाकर इंसानों के सेल्स से चिपकाता है, वह आमतौर पर सबसे ज्यादा दिल में पाया जाता है, जिस वजह से इन्फेक्टेड व्यक्ति के दिल के काम करने की क्षमता कम हो सकती है। इस स्टडी में हार्ट के टिशू को स्टेम सेल्स की मदद से बनाया गया और यह पाया गया कि जब ये सेल्स वायरस से इन्फेक्ट हुए, तो इनकी कार्य क्षमता कम हो गई और इन्फेक्शन की वजह से वे दोबारा रिकवर भी नहीं कर पा रहे थे। यह हार्ट फेलियर की बहुत बड़ी वजह साबित हो सकता है, जिससे वे व्यक्ति भी प्रभावित हो सकते हैं, जिन्हें दिल से जुड़ी कोई समस्या नहीं है।
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क्या कहती है रिपोर्ट...
इस रिपोर्ट में बताया गया कि अभी तक यह बात पूरी तरह से साबित नहीं हो पाई है कि SARS-CoV-2 के संक्रमण की वजह से ही, दिल के फंक्शन करने की क्षमता में गिरावट आती है। इस बात की पुष्टि के लिए, हार्ट के 3-डी मॉडल की मदद से समझा जाना चाहिए, जो इस ग्लोबल हेल्थ केयर रिस्क के लिए खतरे की घंटी की तरह काम करेगा। एक तरफ जहां कोविड-19 की वैक्सीन को कई लोग हार्ट अटैक का कारण मान रहे थे, ऐसे में इस रिपोर्ट के आने से कुछ और ही खुलासा हो रहा है। हाल ही में, आईसीएमआर ने भी बताया था कि कोविड की वैक्सीन और हार्ट अटैक में कोई संबंध नहीं है, बल्कि यह वैक्सीन कोविड-19 के वायरस से बचाव की एक ढाल है। इसलिए जरूरी है कि आप कोविड से बचाव के लिए सभी सावधानियों को ध्यान में रखें।
कोविड-19 से बचाव के तरीके...
- बाहर निकलते समय हमेशा मास्क पहन कर निकलें। मास्क की मदद से हवा में मौजूद आपके नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
- बाहर से आते ही अच्छे से साबुन से हाथों और पैरों को धोएं। इससे आपके हाथों और पैरोंपर मौजूद वायरस आपको इन्फेक्ट नहीं कर पाएंगे।
- अल्कोहल बेस्ड सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें। बाहर निकलें तो कुछ भी खाने या अपना मुंह छूने से पहले अपने हाथों को अच्छे से सैनिटाइज करें।
- हेल्दी डाइट खाएं। इससे आपकी इम्यूनिटी और दिल, दोनों ही मजबूत बनेगे और बीमारी के सामने आसानी से घुटने नहीं टेकेंगे।
- बाहर निकलें, तो कोशिश करें कि लोगों के ज्यादा समीप न जाएं और दूरी बनाकर रखें। साथ ही, बाहर किसी भी चीज, जैसे-रेलिंग, दरवाजे, खिड़की, बेंच, काउंटर आदि को हाथ न लगाएं।
- भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें। इससे वायरस के संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाकर रहें।
- कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीन लेना आवश्यक है। इसलिए वैक्सीन जरूर लें।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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