Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    क्यों कम उम्र में ही महिलाओं में बढ़ रही है थायरॉइड की समस्या? डॉक्टर ने बताए कारण और बचाव के तरीके

    Updated: Wed, 28 Jan 2026 08:15 AM (IST)

    अगर आप थकान, वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं, तो सावधान हो जाएं। ये हाइपोथायरॉइड की ओर इशारा करते हैं। आजकल कम उम्र की महिलाओं को भी यह बी ...और पढ़ें

    कैसे होते हैं थायरॉइड डिजीज के लक्षण? (Picture Courtesy: Freepik)

    कैसे होते हैं थायरॉइड डिजीज के लक्षण? (Picture Courtesy: Freepik)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    सुमन अग्रवाल, नई दिल्ली। असंतुलित खानपान, तनाव और आयोडीन की कमी इस बीमारी के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। दरअसल, थायरॉइड ग्रंथि शरीर के सामान्य कार्यों को बनाए रखने के लिए आवश्यक हार्मोन का उत्सर्जन करती है। जब यह सक्रिय रूप से कार्य नहीं करती है तो लोग शारीरिक और मानसिक रूप से भी अस्वस्थ महसूस करने लगते हैं।

    कम उम्र की महिलाओं में भी आजकल यह समस्या देखने को मिल रही है। इसके पीछे क्या कारण हैं, इसके लक्षण कैसे होते हैं और इससे बचने के लिए किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। आइए इन सभी बातों के बारे में डॉ. राजेश खड़गावत (एंडोक्राइनोलोजिस्ट, एम्स, नई दिल्ली) से जानते हैं। 

    कम उम्र की महिलाओं में थायरॉइड के प्रमुख कारण 

    कम उम्र की महिलाओं में थायरॉइड की बीमारी होने के पीछे कई कारण हैं, जैसे- वायरल संक्रमण, तनाव, आयोडीन, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्वों की कमी, शारीरिक गतिविधियां कम करना आदि शामिल हैं। व्यस्त दिनचर्या की वजह से महिलाएं जंक और पैकेज्ड फूड ज्यादा खाने लगी हैं, जिससे उनकी थायरॉइड ग्रंथ प्रभावित हो रही है।

    थायरॉइड के लक्षण कैसे होते हैं? 

    अगर मासिक धर्म में अनियमितता, वजन बढ़ना, कमजोरी, बालों का झड़ना, त्वचा में रूखापन, गले की आवाज का भारी होना, चिड़चिड़ापन या फिर बैड कोलेस्ट्राल बढ़ने जैसे लक्षण हैं तो डाक्टर से संपर्क करके थायरॉइड की जांच करवा लेनी चाहिए। यह एक सामान्य रक्त जांच है जिससे बीमारी का पता चल जाता है। 

    खबरें और भी

    Thyroid Symptoms (1)

    क्या क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

    • थकान, कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर थायरॉइड जांच कराएं।  
    • डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवा का नियमित सेवन करना चाहिए।
    • भोजन में पोषक तत्त्वों का ध्यान रखना चाहिए, जिंक और आयोडीन से भरपूर भोजन करें।
    • विटामिन डी और प्रोबायोटिक युक्त आहार लें।
    • चीनी युक्त आहार से परहेज करें। 
    • मौसमी फलों का सेवन सेहत के लिए लाभदायक रहता है। 
    • प्रतिदिन सैंधा नमक खाने से परहेज करें।
    • आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर पालक और पत्तेदार साग खाएं। 
    • स्विमिंग, योगा और अन्य शारीरिक गतिविधियां जरूर करें। 
    • सुबह 15 से 20 मिनट की धूप लेने का प्रयास करें।
    • योग- व्यायाम से तनाव को कम करें और दिनचर्या को सही रखें।