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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिल का ख्याल रखने के लिए जरूरी है हेल्दी डाइट और नियमित एक्सरसाइज

    Updated: Mon, 22 Jul 2024 02:04 PM (IST)

    दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों के पीछे सबसे बड़ा हाथ हमारी खराब जीवनशैली और खान-पान का है। इस बारे में दैनिक जागरण के हैलो डॉक्टर कार्यक्रम में साईं ...और पढ़ें

    डॉक्टर ने बताए दिल का ख्याल रखने के लिए टिप्स (Picture Courtesy: Freepik)
    डॉक्टर ने बताए दिल का ख्याल रखने के लिए टिप्स (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. बिगड़ी हुई जीवनशैली और खराब खान-पान की वजह से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
    2. दिल की बीमारियों के पीछे मोटापा भी एक गंभीर कारण है।
    3. हैलो डॉक्टर कार्यक्रम में हृदय रोग विशेज्ञ डॉ. प्रमोद जोशी ने लोगों से बात की।

    जागरण संवाददाता l हल्द्वानी: अगर आपकी दिनचर्या गड़बड़ है। समय पर सोते नहीं हैं। जब जो मन किया, खा लिया। खाने में भी फास्ट फूड, पैक्ड फूड, तली-भुनी चीजों का अधिक सेवन कर लिया। मोटापा है और निष्क्रिय जीवन जीते हैं, तो सचेत हो जाएं। इस तरह की जीवनशैली से आप हृदय संबंधी बीमारी से ग्रस्त हो सकते हैं, जिसमें हार्ट अटैक मुख्य है। यह कहना है साईं अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद जोशी का।

    वह रविवार को दैनिक जागरण के हैलो डाक्टर कार्यक्रम में उपस्थित थे। उन्होंने कुमाऊं भर से फोन करने वाले सुधी पाठकों को हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव और उपचार के तरीकों के बारे में परामर्श दिया। डॉ. जोशी ने हृदय संबंधी बीमारियों से बचने के लिए संतुलित आहार ग्रहण करना जरूरी बताया। इसके अलावा नियमित तौर पर व्यायाम की आदत डालनी होगी। सबसे ज्यादा जरूरी तनाव रहित जीवन जीना है।

    प्रश्न : हृदय में दिक्कत होने के लक्षण क्या हैं? किन लक्षणों के पता चलते ही डाक्टर से परामर्श लेने जाना चाहिए?

    हल्द्वानी से डॉ. एच.डी. पाठक: अगर सांस लेने में कठिनाई, छाती में तेज दर्द, दबाव व बेचैनी होने लगी है तो यह हृदय संबंधी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में डाक्टर से परामर्श ले लेना चाहिए।

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    प्रश्न : एंजियोग्राफी हुई है। उसमें कुछ भी नहीं निकला है। फिर भी सांस फूलना, बेचैनी जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। क्या करें?

    हल्द्वानी से डॉ. के.एस. रौतेला: कई बार हृदय रोग के अतिरिक्त कुछ अन्य कारणों से भी यह समस्या हो सकती है। इसलिए अन्य जांचें भी की जा सकती हैं।

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    प्रश्न : कम उम्र में भी हार्ट अटैक क्यों आ रहे हैं? क्या इसका खानपान से भी कोई संबंध है?

    नैनीताल से डॉ. धनंजय: बिल्कुल, इसका संबंध खानपान से है। बच्चे जिस तरह फास्टफूड, जंकफूड, एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन अधिक कर रहे हैं। निष्क्रिय जीवनशैली हो गई है। यही कारण है कि कम उम्र में भी हार्ट अटैक आने लगे हैं। ऐसे में बच्चों के खानपान और शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दें।

    प्रश्न : क्या तनाव अधिक होने पर हार्ट अटैक होने का खतरा रहता है?

    काशीपुर से डॉ. राजकुमार: तनाव कई तरह की समस्या पैदा करता है। इससे नींद नहीं आती है। बीपी बढ़ने लगता है। शरीर का सिस्टम ही गड़बड़ा जाता है। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा भी बना रहता है।

    प्रश्न : जिम करते, डांस करते समय हार्ट अटैक आने का कारण क्या है?

    कोटाबाग से डॉ. दिनेश सिंह: हमें एक्टिविटी भी अपनी क्षमता के आधार पर ही करना चाहिए। अचानक जरूरत से ज्यादा व्यायाम नुकसान ही पहुंचाता है। अगर पहले से किसी तरह के लक्षण महसूस होते हैं तो जांच करा लेनी चाहिए। उसी सलाह के आधार पर व्यायाम करने की जरूरत होती है।

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