यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या Vitamin D की कमी बन सकती है Infertility की वजह, जानें एक्सपर्ट की राय
हमारे शरीर में मौजूद विटामिन और मिनरल सेहत को दुरुस्त बनाने के लिए जरूरी होते हैं। Vitamin D इन्हीं जरूरी पोषक तत्वों में से एक है जो हमारे लिए खासकर ...और पढ़ें

HighLights
- विटामिन डी हमारे संपूर्ण विकास के लिए बेहद जरूरी है।
- ऐसे में इसकी कमी होने पर शरीर में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।
- इतना ही नहीं Vitamin D की कमी से इनफर्टिलिटी की समस्या भी हो सकती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। तेजी से बदलती जीवनशैली की वजह से इन दिनों लोग कई समस्याओं का शिकार होने लगे हैं। इनफर्टिलिटी (Infertility) इन्हीं समस्याओं में से एक है, जो आजकल सिर्फ महिलाओं ही नहीं, बल्कि पुरुषों को भी काफी प्रभावित करने लगी है। माता-पिता बनने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन इनफर्टिलिटी की वजह से कई बार लोगों का यह सपना अधूरा ही रह जाता है।
इनफर्टिलिटी की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान के अलावा विटामिन डी की कमी भी इनफर्टिलिटी की वजह बनती है। फर्टिलिटी को विटामिन डी (Vitamin D) की कमी कैसे प्रभावित करती है, इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने गुरुग्राम स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल में प्रसूति एवं स्त्री रोग की निदेशक डॉ. आस्था दयाल से बातचीत की।
विटामिन डी और इनफर्टिलिटी में कनेक्शन
डॉक्टर बताती हैं कि बांझपन यानी इनफर्टिलिटी शायद ही सीधे तौर पर विटामिन डी की कमी के कारण होता है। फिर भी विटामिन डी का कम स्तर कुछ बीमारियों या परिस्थितियों के लिए एक योगदान कारक हो सकता है, जो प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इन स्थितियों में निम्न शामिल हैं-
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम
कुछ स्टडीज में विटामिन डी की कमी और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) के बीच एक संभावित संबंध देखने को मिला है। पीसीओएस ओवेरियन मेल्फंक्शन और हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाली एक प्रचलित बीमारी है, जिसके परिणामस्वरूप कभी-कभी इनफर्टिलि हो सकती है।
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हार्मोनल असंतुलन
विटामिन डी प्रजनन हार्मोन सहित कई हार्मोन्स को रेगुलेट करने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में कम विटामिन डी का स्तर हार्मोन के संतुलन को बिगाड़कर प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
स्पर्म क्वालिटी
कुछ अध्ययनों ने विटामिन डी के स्तर और स्पर्म क्वालिटी के बीच एक संभावित संबंध देखने को मिलता है। हालांकि, इस क्षेत्र में अभी और अधिक अध्ययन की जरूरत है। हालांकि, स्पर्म की गतिशीलता और संख्या में कमी के साथ विटामिन डी के निम्न स्तर को स्पष्ट रूप से संबंधित करने के लिए अतिरिक्त शोध की जरूरत है। दोनों में यह संबंध मौजूद हो सकता है।
एंडोमेट्रियोसिस
एंडोमेट्रियोसिस एक विकार है, जिसमें गर्भाशय यानी यूट्रस की परत जैसा दिखने वाला टिश्यू गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है। विटामिन डी प्रतिरक्षा प्रणाली को रेगुलेट करने और सूजन को कम करके इस स्थिति में उपयोगी हो सकता है। रिप्रोडक्टिव ऑर्गन की विकृति और घावों के कारण, एंडोमेट्रियोसिस इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है।
यह भी ध्यान रखें
डॉक्टर आगे कहती हैं कि याद रखें कि विटामिन डी की कमी के अलावा अन्य कई कारक इनफर्टिलिटी की वजह बन सकते हैं। ऐसे में इसकी विटामिन डी की कमी दूर करना इनफर्टिलिटी का एकमात्र इलाज नहीं है। हालांकि, सप्लीमेंटरी या सूरज की अधिक रोशनी के जरिए विटामिन डी की कमी पूरा करना सामान्य स्वास्थ्य के लिए अच्छा हो सकता है।