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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    20s या 30s में ऐसे होते हैं Arthritis के लक्षण, इग्नोर करने पर मुश्किल हो जाएगा उठना-बैठना

    Updated: Thu, 17 Apr 2025 11:44 AM (IST)

    अर्थराइटिस को आमतौर पर बुजुर्गों की बीमारी माना जाता है। इसके कारण जोड़ों में दर्द और चलने-फिरने में तकलीफ की समस्या हो सकती है। लेकिन आपको बता दें कि ...और पढ़ें

    Early Arthritis Symptoms: अर्थराइटिस के लक्षणों की जल्दी पहचान करना है जरूरी (Picture Courtesy: Freepik)
    Early Arthritis Symptoms: अर्थराइटिस के लक्षणों की जल्दी पहचान करना है जरूरी (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. Arthritis सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं है
    2. कम उम्र के लोगों में भी अर्थराइटिस की समस्या हो सकती है
    3. अर्थराइटिस में जोड़ों में सूजन की समस्या होने लगती है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अर्थराइटिस (Arthritis) यानी गठिया आमतौर पर उम्रदराज लोगों से जुड़ी बीमारी मानी जाती है। लेकिन आजकल यह समस्या युवाओं और बच्चों में भी देखी जा रही है। कम उम्र में होने वाले अर्थराइटिस को जुवेनाइल अर्थराइटिस (Juvenile Arthritis) या यंग ऑनसेट अर्थराइटिस (Young-Onset Arthritis) कहा जाता है।

    इसके शुरुआती लक्षणों (Arthritis Early Symptoms) को पहचानकर समय पर इलाज शुरू करना जरूरी होता है, वरना यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

    कम उम्र में अर्थराइटिस के लक्षण (Early Arthritis Symptoms)

    • जोड़ों में दर्द और अकड़न (Joint pain and stiffness)- सबसे पहला और सामान्य लक्षण जोड़ों में दर्द होना है। यह दर्द अक्सर सुबह उठने के बाद या लंबे समय तक बैठे रहने के बाद बढ़ जाता है। जोड़ों में अकड़न महसूस होती है, जो धीरे-धीरे मूवमेंट करने पर कम हो सकती है।
    • सूजन और रेडनेस (Swelling and redness)- प्रभावित जोड़ों के आसपास सूजन दिखाई दे सकती है। कभी-कभी त्वचा लाल भी हो जाती है और छूने पर गर्म महसूस होती है। यह लक्षण खासतौर से घुटनों, उंगलियों या कलाई में देखने को मिलता है।
    • थकान और कमजोरी (Fatigue and weakness)- अर्थराइटिस से पीड़ित युवाओं को बिना किसी खास मेहनत के ही थकान महसूस हो सकती है। शरीर में एनर्जी की कमी और सुस्ती बनी रहती है, जिससे रोज की एक्टिविटीज पर भी प्रभाव पड़ता है।
    • बुखार और वजन घटना (Fever and weight loss)- कुछ मामलों में, जुवेनाइल अर्थराइटिस के साथ हल्का बुखार भी हो सकता है। इसके अलावा, बिना किसी कारण के वजन कम होने लगता है, जो शरीर में सूजन और इम्यून सिस्टम के रिएक्शन के कारण हो सकता है।

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    • आंखों में समस्याएं (Eye problems)- कुछ प्रकार के अर्थराइटिस (जैसे जुवेनाइल इडियोपैथिक अर्थराइटिस) में आंखों में सूजन, रेडनेस या धुंधला दिखाई देने की समस्या हो सकती है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।
    • चलने-फिरने में तकलीफ (Difficulty walking)- जब जोड़ों में दर्द और सूजन बढ़ जाती है, तो चलने, सीढ़ियां चढ़ने या दौड़ने में परेशानी होने लगती है। कुछ युवाओं को लंगड़ाकर चलने की समस्या भी हो सकती है।

    क्या करें अगर ये लक्षण दिखें?

    अगर आप में या आपके बच्चे में ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। रुमेटोलॉजिस्ट (गठिया विशेषज्ञ) जांच करके इस कंडिशन को मैनेज करने के लिए दवाएं दे सकते हैं। इलाज में दवाइयां, फिजियोथेरेपी और लाइफस्टाइल में बदलाव शामिल हो सकते हैं।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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