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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Menopause के लक्षणों को कम करने के लिए अपनाएं एक्सपर्ट के बताए ये 8 असरदार उपाय

    Updated: Thu, 09 May 2024 03:27 PM (IST)

    मेनोपॉज के लक्षण काफी गंभीर हो सकते हैं जिसकी वजह से रोजमर्रा का जीवन भी प्रभावित होता है। इस दौरान हार्मोन्स में बदलाव होते हैं जिसके कारण कई शारीरिक ...और पढ़ें

    Menopause के लक्षणों से राहत पाने के लिए अपनाएं ये टिप्स (Picture Courtesy: Freepik)
    Menopause के लक्षणों से राहत पाने के लिए अपनाएं ये टिप्स (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. मेनोपॉज एक नेचुरल प्रक्रिया है, जो औसतन 51 साल की उम्र में होता है।
    2. इस दौरान वजाइनल ड्राईनेस, मूड स्विंग्स, हॉट फ्लैश जैसे लक्षण नजर आते हैं।
    3. इसके लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज आदि को अपनाएं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Menopause: मेनोपॉज, महिलाओं में होने वाली एक नेचुरल प्रक्रिया है, जो औसतन 51 साल की उम्र में होता है। मेनोपॉज उस कंडिशन को कहते हैं, जब लगभग 1 साल तक पीरियड्स न आएं। हालांकि, यह हर महिला के साथ होता है, लेकिन इसके कारण कई शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से होने वाले लक्षणों (Menopause Symptoms) में हॉट फ्लैश, नींद न आना, थकान, मूड स्विंग्स, वजन बढ़ना और वजाइनल ड्राईनेस आदि शामिल होते हैं।

    इनके कारण रोजमर्रा के जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है, क्योंकि ये लक्षण शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरीकों से महिला को प्रभावित करते हैं। इसलिए मेनोपॉज के प्रभावों (Menopause Symptoms) को कैसे कम किया जा सकता है, यह जानने के लिए हमने डॉ. आस्था दयाल ( सी.के. बिरला अस्पताल, गुरुग्राम के स्त्री रोग एंव प्रसुति विभाग की लीड कंसल्टेंट) से बातचीत की। आइए जानें, इस बारे में उन्होंने क्या बताया।

    डॉ. दयाल ने बताया कि मेनोपॉज की वजह से कई शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं। ऐसा हार्मोन्स में बदलाव होने के कारण होता है। हालांकि, इसके लक्षणों को कम करने के लिए कुछ जरूरी बातों का ख्याल रखना जरूरी होता है।

    • संतुलित आहार खाएं- मेनोपॉज के दौरान थकान और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। इसलिए अपनी डाइट का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। अपनी डाइट में हर प्रकार की सब्जियां, फल, लीन मीट, साबुत अनाज आदि को शामिल करें। इनसे आपको सभी जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे। साथ ही, ऐसे फूड्स को जरूर शामिल करें, जिनमें विटामिन-डी और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाए जाएं।

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    • नियमित एक्सरसाइज करें- नियमित एक्सरसाइज करने के आपकी पूरी सेहत को बेहतर रखने में मदद मिलती है। इससे वजन मेंटेन रहता है और मूड भी अच्छा होता है, जो मेनोपॉज के लक्षणों को कंट्रोल करने में मददगार होता है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने वाली एक्सरसाइज करें।
    • हाइड्रेटेड रहें- बॉडी की सही फंक्शनिंग के लिए हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी होता है। इसलिए भरपूर मात्रा में पानी पीएं। साथ ही, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे ड्रिंक्स भी पीएं।
    • स्मोक न करें- स्मोकिंग करने से मेनोपॉज के लक्षण और गंभीर हो सकते हैं। इसलिए स्मोकिंग न करें। स्मोक न करने से मेनोपॉज से जुड़ी अन्य समस्याएं, जैसे ओस्टियोपोरोसिस और हार्ट डिजीज का खतरा भी कम होता है।
    • शराब न पीएं- शराब की वजह से मेनोपॉज के लक्षण और गंभीर हो सकते हैं और ओस्टियोपोरोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए शराब न पीएं।

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    • स्ट्रेस मैनेज करें- स्ट्रेस ज्यादा होने के कारण भी मेनोपॉज के लक्षण और गंभीर हो सकते हैं। इसलिए स्ट्रेस कम करने के लिए योग, मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग और तनाव कम करने वाली अन्य हॉबीज को अपने रुटीन का हिस्सा बनाएं। इससे आपकी मेंटल हेल्थ बेहतर रहेगी।
    • हार्मोन थेरेपी- अगर जरूरत लगे, तो आप अपने डॉक्टर से बात करके हार्मोन थेरेपी का विकल्प भी चुन सकते हैं। हालांकि, इससे मेनोपॉज के लक्षणों से राहत पाने में मदद मिलती है, लेकिन यह सभी के लिए ठीक नहीं है और इसके कुछ नुकसान भी हैं। इसलिए अपने डॉक्टर से इस बारे में सारी जानकारी हासिल करके ही फैसला लें।
    • वजाइनल ल्यूब्रिकेंट्स और मॉइस्चराइजर- मेनोपॉज के लक्षणों में वजाइनल ड्राईनेस भी शामिल है। इससे राहत पाने के लिए ओवर-द-काउंटर वजाइनल ल्यूब्रिकेंट्स और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।

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