Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Excessive Sweating Reasons: क्या आपको भी आता है ज्यादा पसीना, तो ये हो सकते हैं इसके कारण

    Updated: Thu, 16 May 2024 07:22 AM (GMT+05:30)

    पसीना आना एक नेचुरल प्रक्रिया है जो हमारे शरीर के तापमान को बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि कुछ लोगों का सामान्य ज्यादा पसीना आने की समस्या होती है ...और पढ़ें

    इन वजहों से आता है ज्यादा पसीना (Picture Credit- Freepik)
    इन वजहों से आता है ज्यादा पसीना (Picture Credit- Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पसीना आना एक सामान्य और नेचुरल शारीरिक प्रक्रिया है, जो शरीर का तापमान संतुलित रखते हुए शरीर को कूल रखने के लिए जरूरी है, लेकिन कुछ लोगों को जरूरत से अधिक पसीना (Excessive Sweating Reasons) आता है। ये एक असहज और असुविधाजनक स्थिति उत्पन्न करता है, जिससे व्यक्ति को शारीरिक रूप से उलझन होती ही है और साथ ही कई लोगों के बीच में मानसिक रूप से भी झेंप महसूस होती है।

    ज्यादा पसीना आने की स्थिति को हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं। आइए इस आर्टिकल में जानने की कोशिश करें कि किन वजहों से आता है ज्यादा पसीना-

    यह भी पढ़ें- काम को आसान बनाने के लिए कर रहे हैं Non-Stick Cookware का इस्तेमाल, तो ICMR ने बताएं इसके गंभीर नुकसान

    क्यों आता है अधिक पसीना?

    पसीना निकालने वाले स्वेट ग्लैंड्स को जो नसें नियंत्रित करती हैं, वे ओवर एक्टिव हो जाती हैं, जिससे उस समय भी पसीना बनने लगता है जब शरीर को तापमान संतुलित करने की जरूरत भी नहीं होती है। इसी कारण कुछ लोगों को अधिक पसीना आने लगता है। इसे हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं।

    हाइपरहाइड्रोसिस के प्रकार

    हाइपरहाइड्रोसिस दो प्रकार के हो सकते हैं-

    1. प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस में बिना किसी उपयुक्त कारण के पसीना आता है। यह स्ट्रेस से ट्रिगर होता हो सकता है और अकसर ये दिन के समय होता है।

    2. सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस में पूरे शरीर पर पसीना आने लगता है और ये किसी विशेष कारण से होता है, जैसे मेनोपॉज, कैंसर स्पाइनल कॉर्ड इंजरी। कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण भी ऐसा हो सकता है। इसमें आर्मपिट, हाथ और पैर में अधिक पसीना आता है।

    हाइपरहाइड्रोसिस से कैसे निपटे?

    • एंटीपरस्पिरेंट का इस्तेमाल करें- इसके नियमित इस्तेमाल से स्वेट ग्लैंड ब्लॉक होती हैं। रात में सोने से पहले इसे लगाना ज्यादा सही रहता है, जिससे पसीने में एंटीपरस्पिरेंट बह न जाए।
    • डाइट में बदलाव लाएं- कुछ खानपान की चीजें जैसे मसालेदार खाना, कैफीन, शराब आदि स्वेट ग्लैंड को ट्रिगर करती हैं, जिससे अधिक पसीना आने लगता है। ऐसे खानपान को बदल कर स्वस्थ खानपान खाने से फायदा मिलेगा। ज्यादा पानी, फल और सब्जियां खाएं, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करती हैं।
    • टॉपिकल वाइप्स- अंडरआर्म में लगाने के लिए ऐसी वाइप्स भी आती हैं, जिनके इस्तेमाल से हाइपरहाइड्रोसिस की समस्या से निपटा जा सकता है।
    • बोटॉक्स- समस्या बढ़ने पर बोटॉक्स के इंजेक्शन लगाए जाते हैं, जिससे स्वेट ग्लैंड को सक्रिय करने वाले केमिकल को ब्लॉक किया जाता है।

    यह भी पढ़ें- कब और कैसे खाने से मिलते हैं दही के सबसे ज्यादा फायदे? जानें यहां

    खबरें और भी