यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Eye Flu: देश में अचानक क्यों बढ़ने लगे हैं आई फ्लू के मामले, एक्सपर्ट ने बताई ये बड़ी वजह
Eye Flu बीते कुछ समय से दिल्ली समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। लगातार होती बारिश की वजह से जहां जल भराव की समस्या होने लगी है त ...और पढ़ें

HighLights
- बरसात का मौसम आते ही देशभर में आई फ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं।
- आई फ्लू को कंजक्टिवाइटिस या पिंक आई के नाम से भी जाना जाता है।
- एक्सपर्ट की मानें तो आई फ्लू के बढ़ते मामलों के कुछ बड़े कारण हो सकते हैं।
नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Eye Flu: मानसून के सीजन में लगातार होती बारिश इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। बरसात की वजह से जहां कई जगह जल भराव की समस्या होने लगी है। साथ ही बरसात में इस मौसम में कई सारी बीमारियों और संक्रमणों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा इन दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार आई फ्लू के मामले सामने भी आ रहे हैं।
दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में यह संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहे हैं। ऐसे में अचानक बढ़ते आई फ्लू के मामलों को लेकर हमने शार्प साईट आई हॉस्पिटल्स के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. विकाश वैभव से बात की और आई फ्लू के बढ़ते मामलों की वजह जानने की कोशिश की।
बारिश के साथ ही बढ़े मामले
आई फ्लू के बढ़ते मामलों के बारे में बात करते हुए डॉ. विकाश वैभव कहते हैं कि बारिश के साथ ही देश के ज्यादातर हिस्सों में आंख की समस्या से जूझ रहे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आंखों में वायरल और बैक्टीरियल दोनों तरह के इन्फेक्शन देखने को मिल रहे हैं। राजधानी दिल्ली समेत देश के अन्य राज्यों के सरकारी अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है।
क्यों होता है कंजक्टिवाइटिस?
आंख की समस्या से परेशान ज्यादातर लोग कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू की चपेट में है। आमतौर पर मौसम में नमी और उमस भरी गर्मी से कंजक्टिवाइटिस (आई फ्लू) के मरीजों की संख्या में इजाफा हो जाता है। हालांकि, इस बार हर साल की तुलना में कुछ ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं, जिसके कुछ अहम कारण हो सकते हैं।
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अचानक क्यों बढ़ रहे आई फ्लू के मामले?
डॉक्टर बताते हैं कि इसका एक अहम कारण मानसून में बैक्टीरिया, वायरस और क्लैमाइडिया इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा होता है। दरअसल, इस मौसम में ह्यूमिडिटी की वजह से वायरस को जहां फैलने का मौका मिलता है, वहीं नमी की वजह से इन्फेक्शन हमारे बीच लंबे समय तक रहता है। ऐसा ही कुछ कंजक्टिवाइटिस के साथ भी है। ये एडेनोवायरस, हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस और वैरिसेला जोस्टर जैसे वायरस की वजह से होता है।
कैसे फैला है कंजक्टिवाइटिस?
इस मौसम में ज्यादा पसीना आने की वजह से लोग अपनी आंखों को बार-बार छूते हैं, जिसकी वजह से यह इन्फेक्शन फैलने लगता है। अहम बात यह हैं कि बड़ी संख्या में बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। हालांकि, कंजक्टिवाइटिस किसी भी उम्र के लोगों में हो सकता हैं। परिवार में अगर कोई एक इसकी चपेट में आ गया, तो बाकी सदस्यों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत हैं।
आई फ्लू के लक्षण
इस इन्फेक्शन से बचने का एक उपाय यह भी है कि आप इसके लक्षणों को देखते ही सतर्क हो जाएं और दूसरों से खुद को अलग करके डॉक्टर के पास जाएं। आप निम्न लक्षणों से आई फ्लू की पहचान कर सकते हैं।
- आंखें लाल होना
- आंखों में चुभन
- आंखों में खुजली
- आंखें चिपकना
- आंखों में सूजन है
- लाइट सेंसिटिविटी
आई फ्लू से बचाव
अगर आपको कंजक्टिवाइटिस हो गया है, तो निम्न बातों का ध्यान जरूर रखें-
- कंजक्टिवाइटिस होने पर बाकी लोगों से दूरी बनाकर रखें।
- आई फ्लू होने पर काला चश्मा पहन लेना चाहिए।
- कॉन्टेक्ट लेंस, तौलिया और रूमाल के इस्तेमाल से बचें।
- स्वीमिंग करने न जाएं और ज्यादा धूप में न निकलें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों से भी बचें।
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