यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Eye Flu: अगर आपकी आंखों में भी हो रही हैं ये समस्याएं तो हो जाएं सावधान, आई फ्लू के हो सकते हैं लक्षण
Eye Flu मानसून में इस सीजन में आई फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते कुछ दिनों से दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में लगातार आई फ्लू के मामलों में ...और पढ़ें

HighLights
- बीते कुछ दिनों से देश में आई फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
- ऐसे में जरूरी है कि इसे लेकर उचित सावधावी बरती जाए।
- अगर आपकी आंखों में भी ये लक्षण नजर आ रहे हैं, तो इसे अनदेखा न करें।
नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Eye Flu: देशभर में इन दिनों आई फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही हैं। मानसून के सीजन में यूं तो हर साल कंजक्टिवाइटिस के मामले देखने को मिलते हैं, लेकिन बीते वर्षो की तुलना में इस साल आई फ्लू के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञ और डॉक्टर लगातार लोगों को सावधानी बरतनी की सलाह दे रहे हैं।
आंख के सफेद हिस्से और पलकों के अंदरूनी हिस्से कंजक्टिवा को ढकने वाली पतली और पारदर्शी परत में सूजन होने की वजह से आई फ्लू की समस्या होती है। अगर समय रहते कंजेक्टिवाइटिस का इलाज न किया जाए, तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि इसके लक्षणों और संकेतों की सही समय पर पहचान कर इसका तुरंत इलाज किया जाए, ताकि इसके गंभीर परिणामों से खुद को बचाया जा सके। आप निम्न लक्षणों से इसकी पहचान कर सकते हैं।
लाल या गुलाबी आंखें
कंजेक्टिवाइटिस के सबसे आम और पहचानने योग्य लक्षणों में से एक आंखों का लाल होना है। ब्लड वेसल्स के फैलाव के कारण कंजक्टिवा में सूजन हो जाती है, जिसकी वजह से आंखें गुलाबी या लाल दिखाई देने लगती है। यह रेडनेस एक या दोनों आंखों को प्रभावित कर सकती हैं। अगर आपकी आंख लगातार लाल या गुलाबी रंग की नजर आ रही है, तो यह आई फ्लू का लक्षण हो सकता है।
अत्यधिक आंसू आना
अगर आपको अचानक आंखों से आंसू या पानी आने की समस्या हो रही है, तो सतर्क हो जाएं। सूजन या जलन की वजह से अक्सर आई फ्लू में आंखों से पानी आने लगता है। यूं तो स्वस्थ आंखों के लिए आंसू जरूरी है, लेकिन अगर आपको रेडनेस और असुविधा के साथ आंखों से लगातार पानी आ रहा है, तो यह कंजेक्टिवाइटिस हो सकता है।
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आंखों से डिस्चार्ज निकलना
कंजेक्टिवाइटिस की वजह से अक्सर आंखों के प्रभावित हिस्से से डिस्चार्ज होने लगता है। हालांकि इसकी कंसिस्टेंसी और रंग अलग हो सकते हैं। आंखों से निकलने वाला यह डिस्चार्ज पतला, पानी जैसा तरल भी हो सकता है या फिर पीले या हरे रंग का गाढ़ा पदार्थ भी हो सकता है। इसकी वजह से पलकों के आसपास पपड़ी भी जम सकती है। खासकर सोने के बाद। अगर आपको भी आंखों में इस तरह का असामान्य डिस्चार्ज देखने को मिल रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
खुजली और जलन
आंखों में तेज खुजली और जलन भी कंजेक्टिवाइटिस के सामान्य लक्षण हैं। दरअसल, कंजक्टिवा में सूजन की वजह से यह समस्या हो सकती है। अगर आपको लगातार आंखों को रगड़ने या मलने की तीव्र इच्छा हो रही है, तो यह कंजेक्टिवाइटिस हो सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि इस दौरान आंखों को रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
रोशनी के प्रति संवेदनशीलता (फोटोफोबिया)
अगर आपको अचानक ही प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता का अनुभव होने लगा है, तो हो सकता है कि आप कंजेक्टिवाइटिस से पीड़ित हैं। आई फ्लू के दौरान तेज रोशनी के संपर्क में आने से अक्सर आंखों में दर्द होने लगता है। इसे फोटोफोबिया के नाम से भी जाना जाता है। अगर आप प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता के साथ ही आंखों से जुड़ी अन्य लक्षणों को खुद में देख रहे हैं, तो तुरंत किसी नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।
धुंधली दृष्टि
कुछ लोगों को कंजेक्टिवाइटिस की वजह से अस्थाई रूप से ब्लर विजन की समस्या भी हो सकती है। अगर आपको अचानक ही देखने में परेशानी होने लगी है और आंखों में अन्य बदलाव नजर आ रहे हैं, तो हो सकता है कि आप कंजेक्टिवाइटिस का शिकार हो चुके हैं।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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