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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उल्टी, दस्त के साथ तेज बुखार हो सकते हैं Gastroenteritis के लक्षण, हाथों की साफ-सफाई बचाएगी इस परेशानी से

    Updated: Wed, 10 Jul 2024 01:28 PM (IST)

    बारिश के दौरान पेट के संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। पेट दर्द दस्त उल्टी बुखार ये सभी स्टमक फ्लू के लक्षण हो सकते हैं। दूषित भोजन और जल इसके ...और पढ़ें

    गैस्ट्रोएंटेराइटिस से बचने के उपाय (Pic credit- freepik)
    गैस्ट्रोएंटेराइटिस से बचने के उपाय (Pic credit- freepik)

    HighLights

    1. मानसून के दौरान बच्चों, व्यस्कों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस की समस्या आम है।
    2. दस्त, उल्टी, डिहाइड्रेशन, मतली, बुखार पेट फ्लू के लक्षणों में शामिल हैं।
    3. हाथों की सफाई से इसके खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियां और उसके बाद मानसून दोनों ही सीजन में पेट के संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। जिसे गैस्ट्रोएंटेराइटिस, गैस्ट्रिक फ्लू और पेट फ्लू के नाम से भी जाना जाता है। इसमें आंतों और पेट में जलन व सूजन की समस्या हो सकती है। पेट फ्लू के लिए रोटावायरस और नोरोवायरस जिम्मेदार होते हैं। आमतौर पर इन्फेक्शन के 2 से 3 दिन बाद इसके लक्षण नजर आते हैं। पेट में ऐंठन, दस्त, बुखार के साथ उल्टी जैसे दिक्कतें देखने को मिल सकती हैं। 

    डॉ. प्रुथु ढेकाने, मणिपाल हॉस्पिटल (बानेर) में संक्रामक रोग के सलाहकार के अनुसार, 'हाथों की नियमित साफ-सफाई बहुत ही अच्छी आदत है, जो हमें स्वस्थ रखने और बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खाना खाने से पहले, खाने के बाद, शौच, गॉर्डनिंग के बाद हाथ धोने से सर्दी, फ्लू और पेट के इन्फेक्शन से दूर रह सकते हैं। जो वायरस और बैक्टीरिया गैस्ट्रोएंटेराइटिस का कारण बनते हैं, वे गंदे हाथों के जरिए ही फैलते हैं। नियमित हाथ धोने की आदत से कई तरह की बीमारियों के प्रसार को रोका जा सकता है।'

    गैस्ट्रोएंटेराइटिस से बचाव के उपाय

    हाथों की नियमित सफाई

    गैस्ट्रोएंटेराइटिस का इलाज वायरस के आधार पर किया जाता है। हालांकि इस समस्या को रोकने का सबसे प्रभावी इलाज हाथ की साफ-सफाई है। जी हां, हाथों को स्वच्छ रखकर स्टमक इन्फेक्शन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। साबुन या हैंड वॉश के कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को रगड़कर साफ करें फिर पानी का इस्तेमाल करें। ध्यान दें हाथ पोंछने वाला कपड़ा या तौलिया भी साफ हो।

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    हाथ धोने के फायदे बताएं

    घर के सदस्यों खासतौर से बच्चों को हाथ धोने के फायदे बताएं कि कैसे हाथ धोने से पेट के इन्फेक्शन का खतरा कम किया जा सकता है। बताने के साथ ही उन्हें हाथ धोने का सही तरीका भी सिखाएं।  

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    सैनिटाइजर का महत्व

    कई जगहों पर हाथ धोने की उचित व्यवस्था नहीं होती, ऐसे में अपने साथ सैनिटाइजर या वाइप्स कैरी करें। सैनिटाइजर्स हाथों और सतहों पर मौजूद जर्म्स का खात्मा करने में बेहद प्रभावी होते हैं। वाइप्स भी ठीक इसी तरह काम करते हैं। 

    हाथ की स्वच्छता पर ध्यान देकर गर्मी हो या मानसून या फिर सर्दियां, हर एक मौसम में बीमारियों से महफूज रह सकते हैं।

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