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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Good Vs Bad Carbs: हेल्दी बॉडी के लिए कार्ब्स भी है बेहद जरूरी, जानें इसकी कमी और अधिकता से होने वाले नुकसान

    By Priyanka SinghEdited By: Priyanka Singh
    Updated: Mon, 23 Oct 2023 07:45 AM (IST)

    Good Vs Bad Carbs कार्बोहाइड्रेट तीन मैक्रोन्यूट्रिएंट्स में से एक हैं जो शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा देते हैं। इसलिए डाइट में इसकी मात्रा होनी भी ब ...और पढ़ें

    Good Vs Bad Carbs: समझें सिंपल, कॉम्प्लेक्स और लो कार्ब में फर्क
    Good Vs Bad Carbs: समझें सिंपल, कॉम्प्लेक्स और लो कार्ब में फर्क

    HighLights

    1. जरूरी मात्रा मे कार्ब्स का सेवन शरीर में एनर्जी बनाए रखता है।
    2. क्या है गुड और बैड कार्बोहाइड्रेट?
    3. कार्बोहाइड्रेट की अधिकता और कमी दोनों है नुकसानदायक।

     नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेसक। Good Vs Bad Carbs: अकसर हम कनफ्यूज हो जाते हैं कि कार्ब्स से भरपूर कौन से फूड सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं और कौन से नुकसानदेह। ऐसा कहा जाता है कि बैलेंस डाइट में कार्बोहाइड्रेट की भी मात्रा शामिल होनी चाहिए। बहुत ज्यादा मात्रा में कार्ब्स का सेवन वजन बढ़ा सकते है। जरूरी मात्रा मे इसका सेवन शरीर में एनर्जी बनाए रखने के लिए जरूरी है। शरीर में इसकी कमी के चलते आपको थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। इसलिए जरूरी है इन मैक्रोन्यूट्रिएंट के बारे में जानना। एक्सपर्ट की मानें, तो कार्बोहाइड्रेट को गुड और बैड कहने की जगह उन्हें इन कैटगरी के तहत ज्यादा अच्छी तरह से डिफाइन किया जा सकता है।

    कॉम्प्लेक्स कार्ब्स

    खाने की वो चीजें, जिनमें फाइबर और स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है, उन्हें पचाने में ज्यादा समय लगता है। इनमें जरूरी विटमिंस, मिनरल्स, एंटी ऑक्सीडेंट्स और प्रोबायोटिक्स भी शामिल हैं। इनसे धीमी गति से एनर्जी मिलती है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहने के साथ ही पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। साबुत अनाज, बीन्स, किनुआ, फलियां, ओट्स और ब्राउन राइस कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट के बेहतरीन सोर्स हैं।

    सिंपल कार्बोहाइड्रेट

    नेचुरल या एडेड शुगर वाले फूड आइटम्स बहुत जल्द और आसानी से पच जाते हैं, जैसे- फल, सब्जियां, दूध, चावल, आटा, शुगर और सोडा। इनमें से कुछ फूड्स न्यूट्रिशन से भरपूर होते हैं। फलों में विटामिंस अच्छी मात्रा में होता हैं, तो दूध प्रोटीन रिच है। वहीं अल्ट्रा प्रोसेस्ड सोडा जैसे खाने-पीने की चीज़ें किसी भी तरह से सेहत को फायदा नहीं पहुंचाती। इसलिए इन्हें अवॉयड करने की सलाह दी जाती है। 

    लो कार्ब डाइट को समझें

    गुड कार्ब्स को रोजाना के कैलोरी सेवन में 40-50 प्रतिशत तक शामिल करना चाहिए। एक हेल्दी और बैलेंस डाइट में गुड कार्ब्स के साथ कुछ मात्रा में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स जरूर होने चाहिए। इन दिनों लोग मोटापा कम करने, लीन बॉडी पाने के लिए लो कार्ब डाइट ले रहे हैं। जिसमें गुड कार्ब जैसे अनाज, स्टार्च वाली सब्जियां और फल, हाई प्रोटीन और फैट वाले खाने से ज्यादातर परहेज की सलाद दी जाती है। जिससे नो डाउट डाइट वजन घटाने में तो मदद मिल सकती है, लेकिन कुछ मामलों में इससे टाइप-2 डायबिटीज और मेटाबॉलिक सिंड्रोम होने का खतरा भी बना रहता है। लंबे वक्त तक लो कार्ब डाइट का सेवन करने से शरीर में विटामिंस, मिनरल्स की कमी, हड्डियों की कमजोरी, पाचन की समस्या भी बढ़ जाती है। 

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    खाद्य पदार्थ जेसै- साबुत अनाज (ओट्स, बाजरा, रागी, ज्वार, गेहूं) छिलके के साथ साबुत फल, दालें और हरी सब्जियां सभी गुड कार्ब्स का स्त्रोत हैं क्योंकि इनमें काफी मात्रा में फाइबर, विटामिन और मिनरल होते हैं। यह शुगर लेवल को सही रखने में मदद करते हैं और अच्छे पोषण के साथ आपको काफी समय तक भरा भी रखते हैं। वहीं बिस्किट्स, सोडा ड्रिंक्स, मिठाई, आटा बैड कार्ब्स हैं। इनमें पोषक तत्व और फाइबर कम मात्रा में पाया जाता है। यह कैलोरीज बढ़ाते हैं, साथ ही शुगर लेवल भी।

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    Pic credit- freepik