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    खड़े होकर पानी पीने की आदत शरीर को अंदर से कर सकती है खराब; आज से ही हो जाएं सावधान

    By Meenakshi NaiduEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Wed, 29 Oct 2025 11:28 AM (IST)

    पानी पीना ज़रूरी है, पर गलत ढंग से पीने पर नुकसान हो सकता है। खड़े होकर ठंडा पानी पीने से पाचन क्रिया धीमी होती है, किडनी पर दबाव बढ़ता है, जोड़ों में ...और पढ़ें

    खड़े होकर ठंडा पानी पीना सेहत के लिए खतरनाक? (Picture Credit- Freepik)

    खड़े होकर ठंडा पानी पीना सेहत के लिए खतरनाक? (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. गलत तरीके से पानी पीने सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है

    2. खड़े होकर पानी पीने से पाचन क्रिया पर बुरा असर होता है

    3. साथ ही इसकी वजह से किडनी और जोड़ों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पानी पीना जीवन की सबसे जरूरी जरूरतों में से एक है, लेकिन इसे पीने का तरीका अगर गलत हो, तो यह फायदे की बजाय शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। पानी पीने की सही तरीका और टेंपरेचर हमारे स्वास्थ्य को सीधा प्रभावित करता है।

    आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग खड़े-खड़े या चलते-चलते ठंडा पानी पी लेते हैं, जो शरीर के लिए कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ कारण जिनकी वजह से खड़े होकर ठंडा पानी पीना शरीर को नुकसान पहुंचाता है।

    डाइजेस्टिव सिस्टम पर बुरा असर

    जब हम खड़े होकर ठंडा पानी पीते हैं, तो यह बिना सही प्रक्रिया के सीधे पेट में चला जाता है और मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है। इससे गैस, अपच और एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

    किडनी पर दबाव

    खड़े होकर ठंडा पानी पीने से यह तेजी से शरीर में प्रवेश करता है, जिससे फिल्ट्रेशन की प्रक्रिया अचानक तेज हो जाती है। इससे किडनी पर अचानक से एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है, जो लम्बे समय में नुकसानदायक हो सकता है।

    खबरें और भी

    जोड़ों में दर्द और गठिया का खतरा

    अगर आप हमेशा खड़े होकर ठंडा पानी पीते हैं तो आपके शरीर में सूजन और जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है । इसलिए पानी हमेशा आराम से बैठकर पीना चाहिए। लगातार ऐसा करने से आर्थराइटिस जैसी समस्याएं जन्म ले सकती हैं।

    नसों पर असर

    बहुत ठंडा पानी नसों को अचानक संकुचित कर देता है, जिससे शरीर में झटके जैसा अनुभव हो सकता है। इससे सिरदर्द, चक्कर या नसों की जकड़न हो सकती है।

    गले और रेस्पिरेटरी सिस्टम पर असर

    ठंडा पानी गले की सॉफ्ट लेयर को प्रभावित करता है, जिससे टॉन्सिल, खराश, खांसी और जुकाम की संभावना बढ़ जाती है।

    दिल की धड़कन पर असर

    ठंडा पानी पीने से शरीर के तापमान में अचानक गिरावट आती है, जिससे दिल की धड़कन में असंतुलन महसूस हो सकता है, खासकर जिन लोगों को हृदय संबंधी समस्या होती है।

    एनर्जी में गिरावट

    तेजी से ठंडा पानी पीने से शरीर की एनर्जी अचानक से कम हो सकती है। इससे थकान, आलस्य और कमजोरी महसूस हो सकती है।

    हेल्दी लाइफ के लिए केवल सही खानपान ही नहीं, बल्कि सही पीने की आदतें भी जरूरी हैं। हमेशा बैठकर, सामान्य या गुनगुना पानी धीरे-धीरे पिएं। यह छोटे-छोटे बदलाव आपके शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रख सकते हैं।