यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कहीं आपको भी तो नहीं हो गई है 'भूलने की बीमारी'? इन 5 लक्षणों से करें डिमेंशिया की पहचान
उम्र बढ़ने के साथ सेहत से जुड़ी कई परेशानियां शुरू हो जाती हैं। इनमें याददाश्त कमजोर होना भी शामिल है। लेकिन यह आम संकेत नहीं है। यह डिमेंशिया का प्रम ...और पढ़ें

HighLights
- Dementia में व्यक्ति की याददाश्त कमजोर होने लगती है
- कमजोर याददाश्त के अलावा, डिमेंशिया के और भी कई लक्षण हैं
- डिमेंशिया की वजह से व्यक्ति रोज के छोट-मोटे काम भी ठीक से नहीं कर पाता
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। उम्र बढ़ने के साथ हमारा शरीर कमजोर होने लगता है, जिसमें याददाश्त कमजोर होना भी शामिल है। बढ़ती उम्र कई लोगों में डिमेंशिया (Dementia) का रिस्क भी बढ़ा देती है। डिमेंशिया एक अंब्रेला टर्म है, जो दिमाग और मेमोरी से जुड़ी कई बीमारियों के लिए किया जाता है। इसमें सबसे कॉमन अल्जाइमर्स है। हालांकि, अक्सर लोग डिमेंशिया को “भूलने की बीमारी” समझ लेते हैं, लेकिन इसके लक्षण (Dementia Symptoms) और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं, जिनपर लोग ध्यान कम देते हैं।
इसकी वजह से व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगती है। इसलिए डिमेंशिया के लक्षणों (Signs of Dementia) पर ध्यान देना जरूरी है। आइए जानें याददाश्त कमजोर होने के अलावा, डिमेंशिया के और क्या लक्षण होते हैं।
प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स का कमजोर होना
डिमेंशिया के कारण व्यक्ति छोटी-छोटी प्रॉब्लम्स को सॉल्व नहीं कर पाता है। जैसे- सिंपल प्लस, माइनस करने में भी व्यक्ति को परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, रोज के लॉजिकली फैसले लेने में परेशानी होना। व्यक्ति को बिल भरने में गड़बड़ी, नए डिवाइस चलाने में दिक्कत जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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प्लानिंग और ऑर्गेनाइजिंग में दिक्कत
डिमेंशिया के कारण व्यक्ति को प्लानिंग और ऑर्गेनाइजिंग में परेशानी हो सकती है। व्यक्ति को अपनी रोजमर्रा के कामों को प्लान करने और ऑर्गेनाइज करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जैसे कोई साधारण रेसिपी फॉलो करने में दिक्कत होना, ट्रैवल करने की तैयारी न कर पाना। कुल मिलाकर व्यक्ति के रोजमर्रा का रूटीन अस्त-व्यस्त हो जाना।
सोशल एक्टिविटीज से दूर होना
डिमेंशिया के मरीज अक्सर सामाजिक गतिविधियों से कटने लगते हैं। उनमें बातचीत करने या दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने में रुचि कम हो जाती है। वे अकेले रहना पसंद करते हैं और सामाजिक मेलजोल से बचने लगते हैं। यह लक्षण डिप्रेशन या एंग्जायटी जैसी अन्य मानसिक समस्याओं का भी संकेत हो सकता है।
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लैंग्वेज से जुड़ी परेशानी
भाषा से जुड़ी समस्याएं डिमेंशिया का एक अहम लक्षण है। व्यक्ति को शब्दों को याद रखने में दिक्कत होती है, वाक्य बनाने में परेशानी होती है या बातचीत के दौरान गैर-जरूरी शब्द बोलने लगता है। कई बार वह सही शब्द नहीं ढूंढ पाता या बार-बार एक ही बात दोहराता है।
पर्सनल सेफ्टी और फाइनेंशियल डिसिजन में लापरवाही
डिमेंशिया से प्रभावित व्यक्ति अपनी सुरक्षा को लेकर लापरवाह हो जाता है। वह गैस चालू छोड़ देता है, यातायात के नियमों को नजरअंदाज करता है या खतरनाक स्थितियों को समझ नहीं पाता। इसके अलावा, वह फाइनेंशियल डिसिजन लेने में भी गलतियां करने लगता है, जैसे गैर जरूरी खर्च करना, धोखाधड़ी का शिकार होना या बिल भरना भूल जाना।