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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Health Tips: मांसपेशियों की खराब सेहत भी बिगाड़ सकती है हमारे शरीर की इम्‍युनिटी

    By Priyanka SinghEdited By:
    Updated: Tue, 23 Aug 2022 07:03 AM (GMT+05:30)

    Health Tips 40 साल के बाद महिलाओं और पुरुषों के शरीर में काफी बदलाव आते हैं। सबसे जरूरी बात कि इस उम्र के दौरान मांसपेशियों की ताकत कम होना शुरू हो जा ...और पढ़ें

    Health Tips: मांसपेशियों की खराब सेहत भी बिगाड़ सकती है हमारे शरीर की इम्‍युनिटी
    Health Tips: मांसपेशियों की खराब सेहत भी बिगाड़ सकती है हमारे शरीर की इम्‍युनिटी

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Health Tips: मौजूदा समय में पहले की तुलना में स्वस्थ और सेहतमंद जिंदगी जीना और मजबूत इम्‍यून सिस्‍टम विकसित करना और उसे बनाए रखा वाकई सबसे ज्‍यादा जरूरी हो गया है। इम्‍यून सिस्‍टम का स्ट्रॉन्ग होना बहुत जरूरी है, जिससे शरीर कई तरह की बीमारियों से दूर रहता है। हेल्दी और बैलेस्ड डाइट मजबूत इम्‍यून सिस्‍टम बनाने में हमारे शरीर की मदद करता है। हालांकि बहुत से लोग इस बात से अनजान है कि मांसपेशियों की खराब सेहत भी हमारे शरीर की इम्‍युनिटी को कमजोर कर सकती है और उस पर बुरा प्रभाव डाल सकती है।

    एबॅट न्यूट्रिशन बिजनेस में मेडिकल और साइंटिफिक अफेयर्स के हेड डॉ. इरफान शेख ने बताया कि, 'मांसपेशियों, इम्‍यून सिस्‍टम और रोग के प्रबंधन के बीच संबंध हमारे चलने-फिरने में मांसपेशियां प्रमुख भूमिका निभाती है। उम्र बढ़ने के साथ ताकत और अच्छी तरह हर काम को करने के लिए मांसपेशियों की अच्छी सेहत को बनाए रखना बहुत जरूरी है। मांसपेशियां यौगिकों का उत्पादन करती हैं और उन्हें रिलीज करती है, जो कुछ रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं के निर्माण, उनके सक्रिय

    होने उसके वितरण के लिए जिम्मेदार हैं। तनाव और संक्रमण के दौर में शरीर की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले यह अमीनो एसिड्स के प्रमुख स्त्रोत होते हैं।

    मसल मास कम होने और प्रोटीन के पर्याप्‍त मात्रा में सेवन नहीं करने से शरीर की चोट या संक्रमण की स्थिति में घाव या बीमारी जल्दी ठीक नहीं होती। यानी शरीर का इनके प्रति रिस्‍पॉन्‍स कम हो जाता है। इस मामले में नई रिसर्च से पता चला है कि मांसपेशियों की ताकत कम होने से शरीर की इम्‍युनिटी से समझौता करना पड़ सकता है या संक्रमण झेलना पड़ सकता है। हालांकि, सभी के लिए यह जरूरी है कि वह अपनी उम्र बढ़ने के साथ-साथ मांसपेशियों की अच्छी सेहत को प्राथमिकता दें और मांसपेशियों की ताकत को बचा कर रखें। जिन लोगों को गंभीर या पुरानी बीमारियां हैं, उन्हें अतिरिक्त सजग रहने की जरूरत है। उदाहरण के लिए फेफड़ों की पुरानी बीमारी, डायबिटीज और दिल की बीमारी से मांसपेशियों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है और वे कमजोर हो सकती हैं। 

    Pic credit- freepik