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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सीने में जलन से लेकर जी घबराने तक, Heart Attack के इन 8 वॉर्निंग साइन्स को भूलकर भी न करें अनदेखा

    Updated: Wed, 12 Feb 2025 03:34 PM (GMT+05:30)

    हार्ट अटैक के मामले अब बच्चों में भी सामने आने लगे हैं। इसलिए हर उम्र के व्यक्ति को इसके कुछ वॉर्निंग साइन्स के बारे में पता होना चाहिए। हार्ट अटैक आन ...और पढ़ें

    Heart Attack Sign: इन 8 लक्षणों से रहें सावधान! (Picture Courtesy: Freepik)
    Heart Attack Sign: इन 8 लक्षणों से रहें सावधान! (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. हार्ट अटैक दिल तक सही मात्रा में खून पहुंचने की वजह से होता है।
    2. खून न पहुंचने की वजह से दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है।
    3. हार्ट अटैक को कुछ लक्षणों की मदद से पहचाना जा सकता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Heart Attack Warning Signs: हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो अचानक हो सकती है और ज्यादातर मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकती है। यह तब होता है जब दिल तक ब्लड फ्लो में रुकावट हो जाती है, जिससे दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है।

    हार्ट अटैक के कुछ लक्षण साफ होते हैं, जबकि कुछ अनदेखे रह सकते हैं। यह जानना जरूरी है कि हार्ट अटैक के वॉर्निंग साइन्स (Heart Disease Symptoms) क्या हैं, ताकि समय रहते इलाज किया जा सके। यहां हार्ट अटैक के 8 प्रमुख वॉर्निंग साइन्स  (Heart Attack Warning Signs) बताए गए हैं। आइए जानें इनके बारे में। 

    सीने में दर्द या बेचैनी (चेस्ट पेन)

    हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण सीने में दर्द या बेचैनी है। इसे अक्सर दबाव, जकड़न, भारीपन या जलन के रूप में महसूस किया जाता है। यह दर्द आमतौर पर सीने के बीच में होता है और कुछ मिनटों से ज्यादा समय तक रह सकता है। कभी-कभी यह दर्द गर्दन, बाईं तरफ के जबड़े, कंधे, पीठ या बांहों तक फैल सकता है। हालांकि, सीने में दर्द कई बार गैस की वजह से भी हो सकती है। 

    सांस लेने में तकलीफ (शॉर्टनेस ऑफ ब्रेथ)

    सीने में दर्द के साथ या बिना, सांस लेने में तकलीफ हार्ट अटैक का एक मुख्य संकेत हो सकता है। यह समस्या तब होती है जब दिल ठीक से काम नहीं कर पाता और फेफड़ों तक सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। अगर आपको बिना किसी मेहनत के सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।

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    पसीना आना (स्वेटिंग)

    अचानक ठंडा पसीना आना हार्ट अटैक का एक और वॉर्निंग साइन है। यह पसीना आमतौर पर तनाव या गर्मी के कारण नहीं होता, बल्कि शरीर के अंदर हो रही गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। अगर आपको बिना किसी कारण के पसीना आ रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें।

    चक्कर आना या बेहोशी (डिजीनेस या फेन्टिंग)

    हार्ट अटैक के दौरान दिल की काम करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे दिमाग तक भरपूर ब्लड नहीं पहुंच पाता और ब्लड प्रेशर कम होने लगता है। इससे चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर आपको अचानक चक्कर आ रहे हैं, तो यह दिल से संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।

    मतली या उल्टी (नॉजिया या वॉमिटिंग)

    हार्ट अटैक के दौरान कुछ लोगों को मतली, उल्टी या पेट में दर्द की शिकायत हो सकती है। यह लक्षण अक्सर महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है। अगर आपको बिना किसी साफ कारण के मतली या उल्टी हो रही है, तो इसे गंभीरता से लें। इसके अलावा, कई लोगों को हार्ट अटैक से पहले अपच या सीने में जलन भी महसूस हो सकती है।

    थकान (फटीग)

    अगर आपको बिना किसी मेहनत के बहुत ज्यादा थकान महसूस हो रही है, तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। यह थकान आमतौर पर कुछ दिनों या हफ्तों पहले से शुरू हो सकती है और धीरे-धीरे बढ़ सकती है। महिलाओं में यह लक्षण ज्यादा देखा जाता है।

    बांह, गर्दन या जबड़े में दर्द

    हार्ट अटैक के दौरान दर्द सीने से शुरू होकर बांह, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है। यह दर्द आमतौर पर बाएं हाथ में ज्यादा महसूस होता है, लेकिन दाएं हाथ में भी हो सकता है। अगर आपको इन क्षेत्रों में अचानक दर्द हो रहा है, तो यह भी हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।

    अनियमित दिल की धड़कन (इर्रेगुलर हार्टबीट)

    अगर आपको अपने दिल की धड़कन में अनियमितता महसूस हो रही है, तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। इसे अक्सर "पैल्पिटेशन" कहा जाता है, जिसमें दिल तेजी से धड़कता है या धड़कन छूटती हुई महसूस होती है। यह लक्षण गंभीर हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से कॉन्टेक्ट करना जरूरी है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।