यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Heart Attack: गरबा खेलते वक्त हार्ट अटैक से क्यों हुई इतने लोगों की मौतें? एक्सपर्ट ने बताई ये 5 वजहें
Heart Attack गुजरात में गरबा करते वक्त कम से कम 10 लोगों की दिल के दौरे से मौत हो गई। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन 10 लोगों में एक 17 साल का बच्चा भी ...और पढ़ें

HighLights
- गुजरात में गरबा करते वक्त कम से कम 10 लोगों की दिल के दौरे से मौत हो गई।
- सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन 10 लोगों में एक 17 साल का बच्चा भी शामिल है।
- आइए जानें एक्सपर्ट्स से क्या हो सकती है इसकी वजह।
नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Heart Attack: गुजरात के गांधीनगर शहर में एक दिन में कम से कम 10 लोगों की दिल के दौरे से मौत हो गई। 21 से 22 अक्टूबर के बीच एम्बुलेंस के लिए 500 से अधिक कॉल्स की गईं। जिसके बाद सरकार ने भी अलर्ट जारी कर ऐसे आयोजनों के आयोजकों से सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा है। जिसमें यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि लोग अगर अस्वस्थ महसूस करें तो उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस वहां मौजूद हो।
सबसे चौंकाने वाली यह रही कि 10 लोग जिनकी हार्ट अटैक से मौत हुई उनमें एक 17 साल का बच्चा भी मौजूद था। जागरण ने डॉ. विवुध प्रताप सिंह (वरिष्ठ सलाहकार, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट, दिल्ली) से बात की और जानना चाहा कि त्योहार और सर्दियों में अधिक लोग दिल के दौरे का शिकार क्यों होते हैं?
डॉ. सिंह ने कहा, " ज्यादा थका देने वाली गतिविधियों के दौरान भी लोग हार्ट अटैक का अनुभव कर सकते हैं, जैसे कि त्योहारों के दौरान या फिर सर्दी के मौसम में, जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर इसके पीछे एक से ज्यादा वजहें होती हैं, जैसे कि दिल की सेहत कमजोर होना और फिर अचानक से खुद को ज्यादा थका लेना।"
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त्योहार में दिल के दौरे के पीछे हो सकते हैं ये कारण
दिल से जुड़े रोग
कई लोग इस बात से अनजान रहते हैं कि वे दिल की बीमारी के शिकार हो चुके हैं। दिल की धमनी का रोग (coronary artery disease) इन्हीं में से एक है, जिसमें दिल तक खून पहुंचाने वाली वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। जब व्यक्ति त्योहार या फिर सर्दियों के मौसम में थकाने वाली एक्टिविटी करता, तो इससे खून और ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ जाती है, जो दिल के दौरे का कारण बनती है।
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ठंड का मौसम
सर्दियों का मौसम रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर सकता है और ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है, जिससे हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यह अतिरिक्त तनाव उन लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है जो पहले से दिल की बीमारियों से जूझ रहे हैं।
जरूरत से ज्यादा काम कर लेना
त्योहार के समय थकावट सभी को हो जाती है, जैसा कि किसी स्पोर्ट को खेलने से होती है। दिनभर लागातर काम करने से दिल पर तनाव बढ़ता है। अचानक और जरूरत से ज्यादा एक्टिविटी हृदय गति और ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती है, जिससे संभावित रूप से दिल का दौरा पड़ सकता है।
भावनात्मक तनाव
छुट्टी के दिन और त्योहार खुशियां तो लाते हैं, लेकिन साथ ही भावनात्मक तनाव भी पैदा करते हैं। इसके साथ जब शारीरिक रूप से भी आप शरीर को थका लेते हैं, तो इसका असर दिल पर तो पड़ेगा ही। एड्रेनालाईन जैसे तनाव हार्मोन हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
अधिक काम कर लेना
त्योहारों में अक्सर हम सभी फैट्स और चीनी से भरपूर खाने के साथ शराब का सेवन भी ज्यादा ही कर लेते हैं। ऐसा करने से भी धीरे-धीरे दिल की बीमारी पैदा हो सकती है।
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दिल की बीमारी के जोखिम को कैसे कम करें?
ऐसे वक्त में दिल के दौरे के खतरे को कम करने के लिए जरूरी है कि हम एक हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करें, शारीरिक एक्टिविटीज बनाए रखें, तनाव से दूर रहें और हेल्थ चेक खासकर दिल के स्वास्थ्य का चेकअप कराते रहें। समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाने से आप कई बीमारियों के खतरे से बचते हैं।