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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Heatwave में क्यों बढ़ जाती हैं Arthritis की समस्या, एक्सपर्ट से जानें इसके कारण और बचाव के तरीके

    Updated: Thu, 30 May 2024 05:10 PM (IST)

    गर्मियों में कई तरह की समस्याएं व्यक्ति को अपना शिकार बना लेती है। इस मौसम में अकसर हीट वेव की वजह से अर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द (Arthritis And Join ...और पढ़ें

    गर्मियों में क्यों बढ़ जाती है अर्थराइटिस की समस्या (Picture Credit- Freepik)
    गर्मियों में क्यों बढ़ जाती है अर्थराइटिस की समस्या (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. गर्मियों का मौसम लोगों का हाल बेहाल करने लगा है।
    2. गर्म हवाएं लोगों को कई स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार बना रही हैं।
    3. साथ ही इस दौरान अर्थराइटिस और जोड़ो के दर्द की समस्या भी बढ़ जाती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मी का प्रकोप अब लोगों की जान लेने लगा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार गर्मी और लू (Heat wave) की वजह से लोगों की जान जाने की खबरें सामने आ रही हैं। बीते दिनों जहां राजधानी दिल्ली का तापमान 52 डिग्री तक पहुंच गया, तो वहीं उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल हो रहा है। इस मौसम अकसर धूप और गर्म हवाएं कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह बनती है। गर्मियों में हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) होना आम है, लेकिन इस मौसम में अकसर अर्थराइटिस (Arthritis Pain) की समस्या भी काफी बढ़ जाती है।

    ऐसे में गर्मियों में अर्थराइटिस (Arthritis Types) बढ़ने के कारण और इसे मैनेज करने के तरीकों (Arthritis treatment) के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली में ऑर्थोपेडिक्स एवं ज्वाइंट रिप्लेसमेंट के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. अखिलेश यादव से बातचीत की।

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    हीटवेव और अर्थराइटिस में कनेक्शन

    डॉक्टर बताते हैं कि अत्यधिक तापमान के प्रति शरीर के इंफ्लेमेटरी रिस्पॉन्स के कारण हीटवेव अर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द (Joint Pains Symptoms) को बढ़ा सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तेज गर्मी और ह्यूमिडिटी से हिडाइड्रेशन हो सकता है, जिससे जोड़ों की चिकनाई कम हो जाती है और असुविधा बढ़ जाती है। इसके अलावा गर्मी के कारण ब्लड वेसल्स फैल सकती हैं, जिससे जोड़ों में सूजन और दबाव बढ़ सकता है।

    इन वजहों से भी होता है जोड़ों में दर्द

    डॉक्टर आगे बताते हैं कि अपने आंतरिक तापमान को नियंत्रित करने की कोशिश से शरीर पर पड़ने वाला तनाव भी पेन सेंसिटिविटी को बढ़ा सकता है। ऐसे में इन सभी वजहों से गठिया यानी अर्थराइटिस से पीड़ित व्यक्तियों के लिए हीटवेव के दौरान जोड़ों का हिलना काफी दर्दनाक और चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसलिए ऐसे हालातों में लक्षणों को कम करने के लिए हाइड्रेशन को मैनेज करना और ठंडा रहना जरूरी है।

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    इन तरीकों से गर्मियों मैनेज करें अर्थराइटिस

    • गठिया और जोड़ों के दर्द को नियंत्रित करने के लिए बहुत सारा पानी पीकर हीटवेव के दौरान अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहना जरूरी है।
    • ठंडक पाने के लिए पंखे का उपयोग करें या वातानुकूलित स्थानों में रहें। सूजन वाले जोड़ों पर कोल्ड पैक लगाने से दर्द और सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।
    • नियमित, हल्के व्यायाम जैसे तैराकी आदि करें, जिससे शरीर ज्यादा गर्म न हो और जोड़ों की गतिशीलता भी सुरक्षित रह सके।
    • इसके अलावा हवादार, हल्के कपड़े पहनें, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद मिलती हैं।
    • फलों, सब्जियों और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे सूजन को कम करने वाले पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार खाने से भी जोड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

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