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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    HRT for younger skin: हार्मोन थेरेपी स्किन की समस्याओं का है कारगर उपचार

    By Shahina NoorEdited By:
    Updated: Thu, 19 Aug 2021 11:46 AM (GMT+05:30)

    HRT for younger skin नए अध्ययन के मुताबिक रजोनिवृत्ति के बाद HRT कराने से स्किन पर जबर्दस्त असर हो सकता है। HRT के प्रभाव के कारण यौन हार्मोन में भी इ ...और पढ़ें

    यह थेरेपी स्किन को जवान बनाने के साथ ही दिल की भी हिफ़ाज़त करती है।
    यह थेरेपी स्किन को जवान बनाने के साथ ही दिल की भी हिफ़ाज़त करती है।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं की स्किन में बेहद बदलाव आता है। चेहरे पर झुर्रियां दिखने लगती है, स्किन लटकने लगती है, स्किन पर और भी कई तरह के बदलाव दिखते है जिनका कारगर उपाय है हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी। जब शरीर में प्राकृतिक तरीके से बनने वाले हार्मोन की कमी हो जाती है तो हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की जाती है। हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी शरीर में प्राकृतिक तौर पर घट रहे हार्मोस की जरूरत को पूरा करते हैं। मीनोपॉज के दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन की मात्रा घटने लगती है तो इस थेरेपी से इन्हें शरीर में पूरा किया जाता है। इसमें हार्मोन को इंजेक्शन के माध्यम से प्रभावित अंगों तक पहुंचाया जाता है। ब्रिटेन में अधेड़ उम्र की महिलाएं इस थेरेपी को सबसे ज्यादा कराती हैं।

    बीस साल पहले जब एक रिसर्च में यह बात सामने आई थी कि हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी hormone replacement therapy (HRT) के कारण ब्रेस्ट कैंसर की आशंका बढ़ जाती है, तब से इसका चलन बहुत कम हो गया। ब्रिटेन में अब रजोनिवृति के बाद लगभग 10 प्रतिशत महिलाएं ही हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की ओर बढ़ती है। अब एक नया अध्ययन पुराने अध्ययन को गलत साबित करता है।

    डेली मेल में प्रकाशित खबर के मुताबिक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि कुल मिलाकर HRT के स्किन के अलावा भी कई फायदें हैं । यह स्किन को जवान बनाने के साथ ही दिल की भी हिफ़ाज़त करती है। नए अध्ययन के मुताबिक रजोनिवृत्ति के बाद HRT कराने से स्किन पर जबर्दस्त असर हो सकता है। HRT के प्रभाव के कारण यौन हार्मोन में भी इजाफा होता है।

    यह थेरेपी अल्ट्रावायलट किरणों से बचाती है:

    मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी Manchester University के चर्मरोग विभाग HRT को लेकर किए गए अध्ययन के निष्कर्ष को जल्दी ही प्रकाशित करने वाले हैं। इस अध्ययन में पहली बार यह पाया गया कि HRT का इस्तेमाल करने वाले लोगों की स्किन में इलास्टिक फाइबर की वृद्धि होती है। इसके साथ ही स्किन में मुलायम, नर्म चिपचिपा पदार्थ का निर्माण होता है। इसे लिपिड कहते हैं। यह एचआरटी नहीं कराने वालों के मुकाबले स्किन बैरियर का काम करता है। यानी थेरेपी के बाद स्किन वाटरप्रूव हो जाती है। इसमें किसी भी आवंछित चीजों का प्रयोग नहीं होता।

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    अध्ययन में पाया गया कि एचआरटी के इस्तेमाल से स्किन में keratinocytes यानी किरेटिन की मात्रा भी बढ़ जाती है। यही स्किन बैरियर का काम करता है। किरेटिन स्किन का 90 प्रतिशत हिस्सा है। यह अल्ट्रावायलट रेज और माइक्रोब्स से स्किन को बचाता है।