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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    World Mental Health Day: मेंटली हेल्दी रहने के लिए पढ़ने को बना लें डेली रूटीन का हिस्सा, मिलते हैं कई फायदे

    By Priyanka SinghEdited By: Priyanka Singh
    Updated: Mon, 09 Oct 2023 11:35 AM (IST)

    World Mental Health Day 2023 मेंटल हेल्थ का हमारे ओवरऑल हेल्थ पर भी बहुत गहरा असर पड़ता है। इस वजह से अब लोगों को इस पर खुलकर बात करने के लिए जागरूक क ...और पढ़ें

    World Mental Health Day 2023: पढ़ने से मेंटल हेल्थ पर पड़ने वाला पॉजिटिव असर
    World Mental Health Day 2023: पढ़ने से मेंटल हेल्थ पर पड़ने वाला पॉजिटिव असर

    HighLights

    1. 10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है।
    2. लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है इस दिन को मनाने का मकसद।
    3. पढ़ने की आदत से रह सकते हैं मानसिक रूप से स्वस्थ।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। World Mental Health Day 2023: पढ़ना एक बहुत ही अच्छी आदत है। इससे सिर्फ आपका ज्ञान नहीं बढ़ता, बल्कि ये आदत आपको मेंटली भी हेल्दी रखती है। लेकिन आजकल लोग इतने ज्यादा व्यस्त हो चुके है कि वो किताबों में अपना समय बिताने को टाइम वेस्टिंग समझते हैं वहीं मोबाइल और लैपटॉप में पढ़ने का आसान तरीका। खैर पढ़ने का ये तरीका भी सही है, लेकिन यहां भटकाव के चांसेज बहुत ज्यादा रहते हैं वहीं किताबें आपका ध्यान भटकने से रोकती हैं। 10 अक्टूबर का दिन दुनियाभर में मेंटल हेल्थ डे के रूप में मनाया जाता है, जब लोगों को मेंटली हेल्दी रहने के फायदे और तरीके बताए जाते हैं। योग, ध्यान, अपने पैशन को समय देने जैसे कई ऑप्शन्स हैं जो मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में बेहद कारगर हैं, लेकिन इसमें आप एक और एक्सरसाइज को जोड़ लें, जो है रीडिंग। यकीन मानिए ये अलग ही लेवल का सुकून देगी। किसी तरह की मेहनत किए बिना आप दिमाग को रख सकते हैं हेल्दी एंड हैप्पी। आइए जानते हैं पढ़ने के ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में। 

    पढ़ने से होने वाले मानसिक लाभ

    तनाव होता है कम

    तनाव एक ऐसी स्थिति है, जिसका सीधा असर मानसिक सेहत पर पड़ता है और समय रहते इसे मैनेज करने के तरीकों पर काम न किया गया, तो ये धीरे-धीरे हमारी फिजिकल हेल्थ को भी प्रभावित करने लगता है। अगर आप अक्सर ही तनाव का सामना करते हैं, तो इसके लिए आप थोड़ा समय निकालें पढ़ने के लिए। अपनी पसंद की किताबें पढ़ें, यकीन मानिए इसका बहुत ज्यादा फायदा आपको मिलेगा। 

    बेहतर नींद

    अगर आपको रात को नींद नहीं आती जिसके चलते सुबह मूड चिड़चिड़ा रहता है, किसी काम में मन नहीं लगता, तो आप एक बार ये उपाय ट्राई करें। कोई नॉवेल, मैगजीन या जिस भी तरह की किताबें पढ़ने का शौक है पढ़ें। देखें कैसे आपको झट से नींद आ जाएगी। पढ़ने की आदत नींद की क्वॉलिटी सुधारने का भी काम करती है। 

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    अनंदिता वघानी, फाउंडर एंड मेंटल हेल्थ काउंसलर, Unfix ने बताया कि, 'जब मैं चिकित्सा में लोगों से मिलती हूं और उनसे पूछती हूं कि उनका सबसे लंबा संबंध किससे है, तो वे अक्सर अपने पति, परिवार या नजदीकी दोस्तों के संबंध का उल्लेख करते हैं। एक बात जिस पर वे विचार नहीं करते। वो यह है कि हमारा सबसे लम्बा संबंध हमारे खुद के साथ होता है। इसलिए, अपनी भावनाओं को समझना और अपने डर और गहरे विश्वासों का पता लगाना हमें अपने आप को अधिक अच्छी तरह से जोड़ने में जरूरी है। जब हम अपनी आंतरिक बातचीत को गहराई से समझने की कोशिश करते हैं, तो मेरे अनुभव में 'डायरी लेखन' या 'जर्नलिंग' एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक उपकरण साबित होता है। हमारी व्यस्तता में बढ़ती हुई जिम्मेदारियों के बीच जर्नलिंग से हम अपने मन को और अधिक स्पष्ट और संवेदनशील बना सकते हैं। जर्नलिंग से हम अधिक स्पष्ट मानसिक स्थिति की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे हमारा मनोबल और प्रोडक्टिविटी बढ़ सकता है। जर्नलिंग का महत्व मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में ही नहीं, बल्कि हमारे जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी है। एक अध्ययन में दमा और रूमेटॉयड आर्थराइटिस वाले मरीजों का अध्ययन किया गया, और सिर्फ 20 मिनट रोज़ स्ट्रेसफुल जीवन के बारे में लिखने से चार महीनों के बाद ही स्वास्थ्य लाभ हुआ। इसके उपचार संबंधित लाभों के लिए, मैंने यह देखा है कि हम अपनी चिंताओं को टालने की बजाय उन पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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    शुरुआत में ध्यान केंद्रित करना मुश्किल लग सकता है, पर लंबे समय तक इससे हमारे नकारात्मक विचार कम होते हैं, जिससे काम और व्यक्तिगत जीवन में बेहतर रहते हैं। हम जर्नलिंग करते समय अपनी परेशानियों की सूची बना सकते हैं और उन्हें प्राथमिकता देने लग सकते हैं। इससे नकारात्मक और टाल-मटोल के विचार कम हो जाते हैं। अतः यह कोई आश्चर्य नहीं है कि जर्नलिंग भावनाओं को भी नियंत्रित करता है। जो लोग अपनी भावनाओं के बारे में डायरी में लिखते हैं, उनकी ब्रेन स्कैन ने दिखाया कि वे उन लोगों की तुलना में अपनी भावनाओं पर ज्यादा नियंत्रण रखते हैं जो अपनी भावनाओं को लिखित रूप में प्रकट नहीं करते।

    यदि आप अपने मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए जर्नलिंग का प्रभावी तरीका ढ़ूंढ़ रहे हैं, तो कोशिश करें कि आप एक ऐसे स्थान का चयन करें जो बाधा मुक्त हो और जिसे आप अपनी सुरक्षित संरक्षित स्थल के रूप में उपयोग कर सकते हैं। फिर, एक उद्देश्य सेट करें - जैसे "मैं आज चिंता को कम करने के लिए जर्नलिंग कर रहा हूँ" और सम्भावना से सम्भावित सबसे खाली जर्नल का चयन करें। आपका जर्नल वह सब कुछ हो सकता है जो आप चाहते हैं। आपका साथी, आपका सबसे अच्छा दोस्त, आपके आशाएँ, सपने और डरों का एक दर्जा, और आपके अपने साथ होने वाले सबसे महत्वपूर्ण संबंध की एक सेगवे।'

    डिप्रेशन के कम लक्षण

    पढ़ना डिप्रेशन के लक्षणों को भी कम करने में सहायक हो सकता है। इस उपाय को अपनाने की सलाह एक्सपर्ट्स भी देते हैं। बिब्लियोथेरेपी या किताबों के जरिए ट्रीटमेंट डिप्रेशन से जूझ रहे मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें किसी पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

    Pic credit- freepik