यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
स्ट्रेस और एंग्जायटी से राहत दिलाएगा मेडिटेशन, जानें टीनएजर्स के लिए इसके फायदे
इन दिनों टीनएजर्स में स्ट्रेस और एंग्जायटी की समस्या काफी आम हो चुकी है। ऐसे में मेंटल हेल्थ पर अक्सर बुरा असर पड़ता है। इसकी वजह से उन्हें कई तरह की ...और पढ़ें

HighLights
- इन दिनों टीनएजर्स कई समस्याओं से जूझ रहे हैं।
- कई वजहों से वह स्ट्रेस-एंग्जायटी का शिकार हो जाते हैं।
- ऐसे में मेडिटेशन उनके लिए फायदेमंद साबित होगा।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मेडिटेशन या ध्यान हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन टीनएजर्स पर ये ज्यादा प्रभावी है। पढ़ाई का दबाव, पीयर प्रेशर, एग्जाम और पेरेंट्स की उम्मीदें, न जाने कितनी टेंशन से टीनएजर्स गुजरते हैं, ऐसे में उनके लिए मेडिटेशन एक अच्छा टूल साबित हो सकता है।
मेंटल हेल्थ के लिए है रामबाण
टीनएजर्स में इन दिनों मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं आम हो गई हैं और मेडिटेशन उन्हें आराम पहुंचा सकता है। इन परेशानियों को दूर करने में मदद मिल सकती है:
- डिप्रेशन
- एंग्जायटी
- पीटीएसडी
- बायपोलर डिसऑर्डर
- सेल्फ-हार्म
- ईटिंग डिसऑर्डर
दूर करे स्टेज का डर
कई बच्चों को स्टेज फीयर होता है और ऐसा आत्मविश्वास में कमी की वजह से हो सकता है। अगर टीन नियमित रूप से ध्यान करें, तो उनकी परेशानी दूर हो सकती है। इससे दिमाग शांत होता है और लोगों के सामने बोलने का डर कम होने लगता है।
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पेरेंट्स के साथ रिश्ते बेहतर होते हैं
इस उम्र में अक्सर बच्चों और पेरेंट्स के बीच एक गैप देखा जाता है। बच्चे अपनी बातें उनसे शेयर करना बंद कर देते हैं या शेयर करने से डरते हैं। बच्चों का मूड भी बार-बार बदलता रहता है। मेडिटशन से उनमें ठहराव और एकाग्रता आती है। पेरेंट्स और बच्चे के रिश्ते में ये पुल की तरह काम करता है।
ये परेशानियां भी होती हैं दूर
मेंटल और इमोशनल स्ट्रेस का असर बच्चे की सेहत पर पड़ता है। ऐसे में मेडिटेशन काफी काम का हो सकता है।उन्हें इन परेशानियों में राहत मिल सकती है:
- नींद आने में परेशानी
- थकान
- सिरदर्द
- पेट में दर्द
- मसल्स में दर्द
- खाने-पीने की बुरी आदतें
- इस तरह करें मेडिटेशन
- एक शांत जगह चुनें
- मेडिटेशन का एक समय तय करें
- अपनी पोश्चर का ध्यान रखें
- अपनी ब्रीदिंग पर फोकस करें
मेडिटेशन की ये तीन तकनीकें दे सकती हैं फायदा
- सांसों पर नियंत्रण- ये ध्यान का सबसे पुराना तरीका है अपनी सांसों पर नियंत्रण। स्टूडेंट्स के लिए इसे काफी फायदेमंद माना गया है। आपको अपनी सांस पर फोकस करना होगा, सांस अंदर खींचें और छोड़ें। इसे कहीं भी किसी भी वक्त किया जा सकता है।
- फोकस्ड मेडिटेशन- ये स्टूडेंट्स के लिए अच्छा माना जाता है, जिसमें किसी भी पांच इंद्रियों का इस्तेमाल करना होता है और उन पर पूरा फोकस रखना होता है। इससे आप उस पल पर पूरा ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। आप इसके लिए बाहरी किसी चीज की भी मदद ले सकते हैं जैसे जलती हुई मोमबत्ती पर एकटक ध्यान लगाना।
- माइंडफुलनेस मेडिटेशन- इसमें दिमाग में आने वाले विचारों पर ध्यान लगाना होता है और स्टूडेंट्स के लिए ये भी मेडिटेशन की अच्छी तकनीक है। इसमें जागरूकता और एकाग्रता का मेल होता है।
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