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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Daily Workout: एक दिन में कितना वर्कआउट करना है काफी?

    By Ruhee ParvezEdited By:
    Updated: Wed, 04 Nov 2020 11:02 AM (IST)

    Daily Workout रोज़ाना वर्कआउट न सिर्फ आपको मोटापे से बचाता है बल्कि पाचन के साथ इम्यून सिस्टम को मज़बूती देता है और तनाव को भी दूर रखता है। इसमें कोई ...और पढ़ें

    एक दिन में कितना वर्कआउट करना है काफी?
    एक दिन में कितना वर्कआउट करना है काफी?

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Daily Workout: वर्कआउट यानी व्यायाम हम सभी के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद ज़रूरी है। वहीं, वर्कआउट न करना और ज़रूरत से ज़्यादा कर लेना शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए आज हम बात करेंगे कि एक व्यक्ति का कितनी देर वर्कआउट करना काफी माना जाता है।  

    एक दिन में कितनी एक्‍सरसाइज़ है काफी?

    रोज़ाना वर्कआउट न सिर्फ आपको मोटापे से बचाता है, बल्कि पाचन के साथ इम्यून सिस्टम को मज़बूती देता है और तनाव को भी दूर रखता है। इसमें तो कोई दो राय नहीं कि आप शरीर को जितना चलाएंगे उतने ही अच्छे प्रभाव देखेंगे। वर्कआउट आप कई तरीके से कर सकते हैं- जैसे जॉगिंग, दौड़, योग, डांस या फिर साइकलिंग। आप चाहे कोई भी एक्सरसाइज़ करें इससे आपकी मांसपेशियां मज़बूत होंगी और मूड में भी सुधार आएगा।

    रोज़ाना एक्सरसाइज़ करना आपकी सेहत के लिए जितना फायदेमंद हो सकता है, उतना ही अत्यधिक वर्कआउट करना नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए आइए जानें कि एक दिन में कितना वर्कआउट करना काफी होता है। 

    कितना वर्कआउट किया जाना चाहिए?

    वर्कआउट कितना करना है ये ज़रूरत है हिसाब से तय किया जा सकता है। जैसे आपको कैसी फिज़ीक चाहिए, शरीर की बनावट कैसी है, आपकी उम्र और स्वास्थ्य। यह याद रखना ज़रूरी है कि थोड़ी बहुत एक्सरसाइज़ कुछ भी न करने से बेहतर है।

    अगर आप काफी समय बाद या सालों बाद एक्सरसाइज़ शुरू करना चाह रहे हैं, तो थोड़े से शुरुआत करें। रिसर्च में पाया गया है कि हफ्ते में 30 से 45 मिनट की हल्की एक्सरसाइज़ या एक घंटे से डेढ़ घंटे की हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज़ हेल्थ के लिए काफी है।

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    ज़्यादा एक्सरसाइज़ करने के नुकसान

    अगर आपको लगता है कि जिम में कुछ घंटे पसीना बहाना आपके लिए काफी होगा, तो ये ज़रूरी नहीं है। हर किसी के शरीर की बनावट अलग होती है, शरीर की ज़रूरत भी अलग होती है, सभी को इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए। जो पेशे से ही खिलाड़ी या एथलीट हैं, उन्हें दिन में कई घंटे एक्सरसाइज़ करनी चाहिए। क्योंकि यह उनके लिए ज़रूरी होती है। जबकि साधारण लोगों को घंटों जिम में समय बिताने की ज़रूरत नहीं है। रोज़ाना आधे से एक घंटा वर्कआउट भी काफी होता है।

    वहीं, जो लोग शारीरिक रूप से किसी तरह फिट नहीं हैं या किसी बीमारी से ग्रस्त हैं, उनके लिए स्तर अलग होता है। ऐसे लोगों को किसी एक्सपर्ट की सलाह या निगरानी में ही वर्कआउट करना चाहिए। 

    अगर आप ज़रूरत से ज़्यादा वर्कआउट करते हैं, तो आपके ये नज़र आ सकते हैं-

    - पैरों में हर वक्त दर्द या ऐंठन

    - दिल की धड़कनों का बढ़ जाना

    - पानी की कमी

    - भूख कम लगना

    - मूड खराब रहना 

    - नींद न आना या कम आना 

    - हड्डियां कमज़ोर होना

    - तनाव में रहना

    - ऊर्जा का असंतुलन यानी त बहुत थकान महसूस होना या फिर काफी ज़्यादा ऊर्जा होना

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर  या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लें।