यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Low Sperm Count की वजह से रह सकता है पिता बनने का सपना अधूरा, इन टिप्स से करें इस परेशानी से बचाव
इनफर्टिलिटी एक ऐसी समस्या है जिससे दुनियाभर में कई व्यक्ति प्रभावित हैं। यह समस्या सिर्फ महिलाओं की नहीं है बल्कि पुरुषों में भी हो सकती है। पुरुषों म ...और पढ़ें

HighLights
- Low Sperm Count की वजह से पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है।
- लाइफस्टाइल का प्रभाव स्पर्म की गुणवत्ता और मात्रा दोनों पर ही पड़ता है।
- हेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से स्पर्म काउंट को बढ़ाने में मदद मिलती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Increase Sperm Count: इनफर्टिलिटी एक ऐसी कंडिशन है, जिसमें एक साल तक प्रयास करने के बावजूद महिला कंसीव नहीं कर पाती है। बच्चे की चाह रखने वाले कपल्स के लिए इनफर्टिलिटी की सम्सया काफी दुखदायक हो सकती है। ऐसे में अक्सर इनफर्टिलिटी के लिए महिलाओं को दोष दिया जाता है। लेकिन आपको बता दें कि ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार पुरुषों में भी फर्टिलिटी (Male fertility) से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे स्पर्म काउंट कम (Low Sperm Count) होना।
पुरुषों में इनफर्टिलिटी की सबसे बड़ी वजहों में से एक वजह लो स्पर्म काउंट (Low Sperm Count) होना ही है। स्पर्म काउंट कम होने की वजह (Low sperm count causes) से एग फर्टिलाइज होने की संभावना काफी कम हो जाती है, जिसकी वजह से कंसीव करने में काफी समय लग सकता है या कंसीव हो ही न, ऐसा भी हो सकता है। हालांकि, इस परेशानी से बचा जा सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि पुरुष अपनी लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करें। दरअसल, लाइफस्टाइल का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य के हर पहलु पर पड़ता है। इसलिए इसमें सुधार करना इनफर्टिलिटी की समस्या से बचने के लिए जरूरी है। आइए जानें किन तरीकों से स्पर्म काउंट बढ़ाने (Increase Sperm Count) में मदद मिल सकती है।
सही वजन होना है जरूरी
मोटापे की वजह से स्पर्म काउंट कम हो सकता है। दरअसल, मोटापे की वजह से हार्मोन्स में बदलाव हो सकता है, जो स्पर्म बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। साथ ही, मोटापे के कारण स्पर्म मोबिलिटी, यानी स्पर्म के मूव करने की क्षमता भी कम हो जाती है। इसलिए हेल्दी वजन मेंटेन करना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए हेल्दी डाइट लेना और एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है।
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हेल्दी डाइट फॉलो करें
डाइट का असर स्पर्म की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। इसलिए अपनी डाइट में फल और सब्जियों को भरपूर मात्रा में शामिल करें। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल और सब्जियां स्पर्म काउंट बढ़ाने में काफी मदद कर सकते हैं। साथ ही, अपनी डाइट में से जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड्स को बाहर करें।
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स्ट्रेस को कहें बाय
तनाव की वजह से हार्मोनल असंतुलन हो सकता है। इसकी वजह से स्पर्म बनने की प्रक्रिया और उसकी गुणवत्ता दोनों ही प्रभावित होते हैं। साथ ही, इसकी वजह से अन्य सेक्शुअल डिसफंक्शन भी हो सकते हैं। इसलिए कोशिश करें कि कम से कम स्ट्रेस लें।
स्मोक न करें
स्मोकिंग करने से स्पर्म की गुणवत्ता काफी बिगड़ सकती है। जो पुरुष ज्यादा स्मोक करते हैं, उनमें स्पर्म की मात्रा भी कम हो जाती है। इसलिए स्मोकिंग न करें और कोशिश करें कि सेकंड हैंड स्मोक से भी दूर रहें।
एक्सरसाइज करें
एक्सरसाइज करना रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए बेहद जरूरी होता है। दरअसल, एक्सरसाइज करने से स्पर्म की रक्षा करने वाले एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम्स एक्टिव होते हैं, जिससे स्पर्म काउंट ठीक रहता है और इनकी गुणवत्ता भी बरकरार रहती है।
नींद पूरी करें
नींद की कमी भी स्पर्म काउंट कम होने के पीछे एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है। इसलिए कोशिश करें कि आप रोज कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें।
प्रदूषण से बचें
प्रदूषण की वजह से स्पर्म काउंट और उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि हवा शुद्ध हो और टॉक्सिक केमिकल्स से बचें।
सही तापमान है जरूरी
स्क्रोटम का तापमान बढ़ने की वजह से स्पर्म की गुणवत्ता काफी प्रभावित होती है। तापमान बढ़ने की वजह से स्पर्म की मात्रा भी कम हो जाती है। इसलिए ढीले कपड़े पहनें और लैपटॉप जैसी चीजें, जिनसे गर्मी निकलती है, उन्हें गोद में रखकर काम न करें। साथ ही हॉट टब्स आदि के इस्तेमाल से भी बचें।