यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हाइपरटेंशन (Hypertension)
हाइपरटेंशन आज के समय में सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इस बीमारी का समय रहते इलाज कराने के लिए सबसे पहले जरूरी है इसके लक्ष ...और पढ़ें

हाइपरटेंशन (Hypertension), जिसे आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है, तब होता है जब रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसेल्स) पर बहुत अधिक दबाव होने लगता है। इसमें शुरुआती स्तर पर स्थिति सामान्य रहती है, लेकिन अगर इसे गंभीरता से न लिया जाए, तो यह गंभीर मोड़ भी ले सकता है। हाइपरटेंशन का सही समय पर इलाज हो जाने के लिए जरूरी है कि नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराई जाए।
नॉर्मल ब्लड प्रेशर क्या है?
सामान्य ब्लड प्रेशर का आंकड़ा है 120/80 mmHg। यह आंकड़ा ऊपर-नीचे हो जाए, तो आप हाई ब्लड प्रेशर या फिर लो ब्लड प्रेशर के शिकार हो जाते हैं।
हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ने के कारण
बढ़ती उम्र
जेनेटिक
अधिक वजन या मोटापा
शारीरिक रूप से एक्टिव न रहना
नमक का अधिक सेवन
बहुत अधिक शराब पीना
हेल्दी डाइट लेने, तम्बाकू छोड़ने और शारीरिक गतिविधी बढ़ाने से इसमें कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। लेकिन कुछ लोगों को इसके बाद भी दवा लेने की आवश्यकता हो सकती है।
लक्षण
हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर माना जाता है। कई बार लंबे समय तक इसके लक्षण समझ नहीं आते हैं। सीडीसी के अनुसार, इसके सामान्य लक्षणों में ये शामिल हैं-
सिरदर्द
धुंधली दृष्टि
सीने में दर्द
अगर हाई ब्लड प्रेशर का इलाज नहीं किया जाए, तो किडनी की बीमारी, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
हाइपरटेंशन (आमतौर पर 180/120 या अधिक) के लक्षण
गंभीर सिरदर्द
छाती में दर्द
चक्कर आना
सांस लेने में दिक्कत
जी मिचलाना
उल्टी करना
धुंधली दृष्टि या अन्य दृष्टि परिवर्तन
चिंता
उलझन
कानों में सीटी बजने की आवाज
नकसीर
असामान्य हार्ट बीट
इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव करने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इलाज
जीवनशैली में ये बदलाव हाइपरटेंशन को रोकने और कम करने में मदद कर सकते हैं
अधिक सब्जियां और फल खाएं
लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे न रहें
शारीरिक गतिविधी (चलना, दौड़ना, तैरना, डांस या वजन उठाना) को बढ़ाना
हफ्ते में कम से कम 150 मिनट तक तेज फिजिकल एक्टिविटी करें
अगर अधिक वजन हैं, तो उसे कम करें
नियमित जांच