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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    शरीर में नजर आने लगें ये लक्षण, तो समझ जाएं मिनरल्स की हो गई है कमी, भूलकर भी न करें इग्नोर

    Updated: Mon, 02 Dec 2024 07:20 AM (GMT+05:30)

    मिनरल्स शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व हैं जो हड्डियों की मजबूती नर्व फंक्शन और मेटाबॉलिज्म को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। मिनरल्स की कमी (Minera ...और पढ़ें

    Mineral Deficiency है सेहत के लिए खतरनाक (Picture Courtesy: Freepik)
    Mineral Deficiency है सेहत के लिए खतरनाक (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. मिनरल्स हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी होते हैं।
    2. इनकी कमी के कारण शरीर में कई समस्याएं हो सकती हैं।
    3. मिनरल्स की कमी होने पर शरीर में कुछ लक्षण नजर आते हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Mineral Deficiency Symptoms: मिनरल्स शरीर के लिए एक बहुत ही जरूरी पोषक तत्व हैं, जो हड्डियों, मांसपेशियों और नर्व फंक्शन को सही रखते हैं। इसके साथ ही मिनरल्स शरीर की इम्युनिटी में सुधार कर, हार्मोन रेगुलेशन, और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में में भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। हमारे शरीर में मिनरल्स की कमी तब होती है जब हमारे नियमित आहार से भरपूर मात्रा में ये हमें नहीं मिल पाता या फिर हमारा शरीर इन्हें सही तरीके से एब्जॉर्ब नहीं कर पाता।

    ऐसे में मिनरल्स की कमी के कुछ लक्षण ऐसे हैं, जो हमारे शरीर में दिखाई पड़ने लगते हैं, जिन्हें कभी भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। हां ये बात और है कि हमें, इनके लक्षणों की जानकारी नहीं होती और हम इन्हें अनदेखा कर देते हैं, लेकिन ऐसा करने से समस्या और बढ़ सकती है। आइए जानते हैं कि शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स कौन से हैं और इनकी कमी के लक्षण कौन से हैं।

    • शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स हैं- कैल्शियम (हड्डियों के लिए), आयरन (खून के लिए), मैग्नीशियम (मांसपेशियों के लिए), जिंक (इम्यून सिस्टम), पोटेशियम (दिल का स्वास्थ्य), और सोडियम (इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस) के लिए जरूरी है।

    मिनरल्स की कमी के लक्षण

    थकान और लो एनर्जी लेवल

    आयरन और मैग्नीशियम की कमी से शरीर में एनर्जी प्रोडक्शन कम होता है, जिससे हमेशा थकावट महसूस होती है।

    हड्डियों की कमजोरी

    कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और फ्रैक्चर का रिस्क बढ़ जाता है।

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    मांसपेशियों में ऐंठन

    पोटैशियम और मैग्नीशियम की कमी से मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द हो सकता है।

    बाल झड़ना

    जिंक और आयरन की कमी बालों को कमजोर कर देती है, जिससे बाल तेजी से झड़ने लगते हैं।

    रूखी त्वचा

    जिंक और सेलेनियम की कमी त्वचा को डल और बेजान बना सकती है।

    घाव भरने में देरी

    जिंक की कमी से चोट या घाव जल्दी ठीक नहीं होते।

    पाचन समस्याएं

    मैग्नीशियम और पोटैशियम की कमी से कब्ज या अपच की समस्या हो सकती है।

    इम्यून पावर का कमजोर पड़ना

    आयरन और जिंक की कमी से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। जिससे इम्यून पॉवर कमजोर पड़ने लगता है।

    मूड स्विंग और तनाव

    मैग्नीशियम और सेलेनियम की कमी मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। जिससे मूड स्विंग और स्ट्रेस होने लगता है।

    दिल की धड़कनों का असामान्य होना

    पोटैशियम की कमी से हार्टबीट अनियमित हो सकती है। जिससे दिल की धड़कने असामान्य हो जाती हैं।

    भूख में बदलाव

    जिंक की कमी से भूख कम हो सकती है या स्वाद बदल सकता है।

    उपचार

    इन लक्षणों को दूर करने के लिए हरी सब्जियां, नट्स, डेयरी प्रोडक्ट्स, और फलों को डाइट में शामिल करें।

    मिनरल्स सप्लिमेंट्स का सेवन डॉक्टर की सलाह से करें।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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